{"_id":"5c4a26b5bdec2259c53e05b3","slug":"131548363445-moradabad-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"रूटा चुनाव से दो खेमे में बंटे शिक्षक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रूटा चुनाव से दो खेमे में बंटे शिक्षक
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मुरादाबाद।
रूटा चुनाव को लेकर हिंदू कालेज के शिक्षक दो खेमे में बंट गए हैं। इसी को लेकर गुरुवार को कुछ शिक्षकों ने बीएड विभाग के एक शिक्षक पर सरकारी कागज फाड़ने का आरोप लगाया है। हालांकि दोनों ही पक्ष मामले की जड़ को रूटा चुनाव बता रहे हैं। प्राचार्य ने कहा कि मामला संज्ञान में है, लेकिन अभी तक लिखित में शिकायत नहीं मिली है।
शिक्षक डॉ. आशुतोष, डॉ. रवीश यादव और डॉ. यशवीर सिंह का कहना है कि गुरुवार को वह एरियर के गणना पत्र प्राचार्य के निर्देश पर सभी शिक्षकों को देकर प्राप्ति ले रहे थे। बीएड विभाग में एक शिक्षक ने दुर्व्यवहार कर कागजों की छीन लिए और फाड़ दिए। डॉ. आशुतोष का कहना है कि इस विवाद की पूरी जड़ रूटा चुनाव है। दूसरे पक्ष के पास रूटा की मान्यता नहीं है। वहीं, आरोपी शिक्षक का कहना है कि शिक्षक अपनी राजनीति चमकाने के लिए सस्ती लोकप्रियता को अपना रहे हैं। अब दो रूटा बन गई हैं, जिसके कारण वह इस तरह का कार्य कर रहे हैं। मैं बैठक में था। मैंने कोई अभद्रता नहीं की है। यदि उनके पास कागज फाड़ने का सबूत है तो वह उसे प्राचार्य और प्रबंधन को दिखाएं। मेरे ऊपर जो आरोप लग रहे हैं, यह सरासर गलत है। प्राचार्य डॉ. केसी गुप्ता का कहना है कि गुरुवार को मैं कालेज में नहीं था। शुक्रवार को ही कुछ कह पाऊंगा।
विज्ञापन
रूटा चुनाव को लेकर हिंदू कालेज के शिक्षक दो खेमे में बंट गए हैं। इसी को लेकर गुरुवार को कुछ शिक्षकों ने बीएड विभाग के एक शिक्षक पर सरकारी कागज फाड़ने का आरोप लगाया है। हालांकि दोनों ही पक्ष मामले की जड़ को रूटा चुनाव बता रहे हैं। प्राचार्य ने कहा कि मामला संज्ञान में है, लेकिन अभी तक लिखित में शिकायत नहीं मिली है।
शिक्षक डॉ. आशुतोष, डॉ. रवीश यादव और डॉ. यशवीर सिंह का कहना है कि गुरुवार को वह एरियर के गणना पत्र प्राचार्य के निर्देश पर सभी शिक्षकों को देकर प्राप्ति ले रहे थे। बीएड विभाग में एक शिक्षक ने दुर्व्यवहार कर कागजों की छीन लिए और फाड़ दिए। डॉ. आशुतोष का कहना है कि इस विवाद की पूरी जड़ रूटा चुनाव है। दूसरे पक्ष के पास रूटा की मान्यता नहीं है। वहीं, आरोपी शिक्षक का कहना है कि शिक्षक अपनी राजनीति चमकाने के लिए सस्ती लोकप्रियता को अपना रहे हैं। अब दो रूटा बन गई हैं, जिसके कारण वह इस तरह का कार्य कर रहे हैं। मैं बैठक में था। मैंने कोई अभद्रता नहीं की है। यदि उनके पास कागज फाड़ने का सबूत है तो वह उसे प्राचार्य और प्रबंधन को दिखाएं। मेरे ऊपर जो आरोप लग रहे हैं, यह सरासर गलत है। प्राचार्य डॉ. केसी गुप्ता का कहना है कि गुरुवार को मैं कालेज में नहीं था। शुक्रवार को ही कुछ कह पाऊंगा।
विज्ञापन