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पेपर लीक मामले में विवि ने मानी हिंदू कालेज की लापरवाही
Updated Fri, 05 Oct 2018 02:28 AM IST
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मुरादाबाद।
हिंदू कालेज में सुधार परीक्षा के पहले दिन गलती से इतिहास विषय का पहले के स्थान पर दूसरा प्रश्नपत्र खुलने के मामले में विश्वविद्यालय जांच अधिकारियों ने लापरवाही मानी है। परीक्षा प्रभारी ने बताया कि कार्रवाई परीक्षा समिति के निर्णय के बाद होगी। हालांकि अभी कोई जल्दबाजी नहीं है।
विवि की सुधार परीक्षा 25 सितंबर से शुरू हुई थीं। पहली पाली में इतिहास विषय के पहले प्रश्नपत्र की परीक्षा थी। हिंदू कालेज में उसके स्थान पर दूसरा प्रश्नपत्र विद्यार्थियों तक पहुंच गया था। उनके टोकने के बाद कक्ष निरीक्षकों को गलत पेपर खुलने का अहसास हुआ। जानकारी मिलते ही कालेज और विश्वविद्यालय में हड़कंप मच गया था। आनन-फानन में पेपर सील कर विश्वविद्यालय भेजा गया, जहां उसे निरस्त घोषित कर चार अक्तूबर को कराया है। मामले में कुलपति ने दो सदस्यीय जांच समिति का गठन किया था। प्रो. विजय बहादुर यादव और प्रो. जेएन मौर्या ने 26 सितंबर को हिंदू कालेज पहुंचकर प्राचार्य, परीक्षा प्रभारी, वरिष्ठ केंद्र अध्यक्ष सहित पहली पाली के सभी अधिकारियों और कक्ष निरीक्षकों के लिखित बयान लिए थे। विवि परीक्षा प्रभारी प्रो. एनएन पांडेय ने बताया कि जांच रिपोर्ट मिल गई है। कालेज के किसी भी अधिकारी की गलत मंशा नहीं थी, हालांकि लापरवाही प्रत्येक चरण पर हुई है। अब सुधार परीक्षा समाप्त हो चुकी हैं। कार्रवाई की बहुत जल्दी नहीं है। इस तरह के तीन-चार मामले इकट्ठे हो जाएंगे तो परीक्षा समिति इस पर निर्णय लेगी।
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हिंदू कालेज में सुधार परीक्षा के पहले दिन गलती से इतिहास विषय का पहले के स्थान पर दूसरा प्रश्नपत्र खुलने के मामले में विश्वविद्यालय जांच अधिकारियों ने लापरवाही मानी है। परीक्षा प्रभारी ने बताया कि कार्रवाई परीक्षा समिति के निर्णय के बाद होगी। हालांकि अभी कोई जल्दबाजी नहीं है।
विवि की सुधार परीक्षा 25 सितंबर से शुरू हुई थीं। पहली पाली में इतिहास विषय के पहले प्रश्नपत्र की परीक्षा थी। हिंदू कालेज में उसके स्थान पर दूसरा प्रश्नपत्र विद्यार्थियों तक पहुंच गया था। उनके टोकने के बाद कक्ष निरीक्षकों को गलत पेपर खुलने का अहसास हुआ। जानकारी मिलते ही कालेज और विश्वविद्यालय में हड़कंप मच गया था। आनन-फानन में पेपर सील कर विश्वविद्यालय भेजा गया, जहां उसे निरस्त घोषित कर चार अक्तूबर को कराया है। मामले में कुलपति ने दो सदस्यीय जांच समिति का गठन किया था। प्रो. विजय बहादुर यादव और प्रो. जेएन मौर्या ने 26 सितंबर को हिंदू कालेज पहुंचकर प्राचार्य, परीक्षा प्रभारी, वरिष्ठ केंद्र अध्यक्ष सहित पहली पाली के सभी अधिकारियों और कक्ष निरीक्षकों के लिखित बयान लिए थे। विवि परीक्षा प्रभारी प्रो. एनएन पांडेय ने बताया कि जांच रिपोर्ट मिल गई है। कालेज के किसी भी अधिकारी की गलत मंशा नहीं थी, हालांकि लापरवाही प्रत्येक चरण पर हुई है। अब सुधार परीक्षा समाप्त हो चुकी हैं। कार्रवाई की बहुत जल्दी नहीं है। इस तरह के तीन-चार मामले इकट्ठे हो जाएंगे तो परीक्षा समिति इस पर निर्णय लेगी।
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