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होम्योपैथिक मेडिकल कालेज की सीटें 100 हुई
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मुरादाबाद। लाइनपार स्थित राजकीय केजीके होम्योपैथिक मेडिकल कालेज एंड हास्पिटल की सीटें बढ़कर 100 हो गई हैं। अभी तक कालेज की 40 सीटें थी। अगस्त से सत्र शुरू होने के साथ मेडिकल कालेज से सालाना 100 होम्योपैथिक डाक्टर निकलेंगे।
राजकीय मेडिकल कालेज 1980 से पहले निजी प्रबंधन से संचालित होता था। कालेज की नींव 1965 में रखी गई। 1977 में करीब ढाई साल के छात्र आंदोलन के बाद निजी प्रबंधन से कालेज का राजकीयकरण हुआ। वर्तमान में कालेज में बीएचएमएस की 40 सीटें थी। सीटें बढ़ाए जाने को लेकर लंबे समय से कवायद चल रही थी। दो माह पूर्व ही केंद्रीय होम्योपैथिक चिकित्सा परिषद नई दिल्ली की टीम ने कालेज का निरीक्षण किया। कालेज में बुनियादी सुविधाओं को देखने के साथ सीटें बढ़ाए जाने के प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी।
प्राचार्य डा. उमाशंकर मिश्रा ने बताया कि वर्ष 2019-2020 सत्र के लिए बीएचएमएस की 100 सीटें हो गई हैं। 60 सीटें बढ़ने से कालेज से सालाना 100 डाक्टर निकल पाएंगे। उन्होंने बताया कि सत्र शुरू होने से पहले केंद्रीय होम्योपैथिक चिकित्सा परिषद नई दिल्ली की टीम औपचारिक निरीक्षण करेगी। इसको लेकर तैयारियां पूरी हैं।
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राजकीय मेडिकल कालेज 1980 से पहले निजी प्रबंधन से संचालित होता था। कालेज की नींव 1965 में रखी गई। 1977 में करीब ढाई साल के छात्र आंदोलन के बाद निजी प्रबंधन से कालेज का राजकीयकरण हुआ। वर्तमान में कालेज में बीएचएमएस की 40 सीटें थी। सीटें बढ़ाए जाने को लेकर लंबे समय से कवायद चल रही थी। दो माह पूर्व ही केंद्रीय होम्योपैथिक चिकित्सा परिषद नई दिल्ली की टीम ने कालेज का निरीक्षण किया। कालेज में बुनियादी सुविधाओं को देखने के साथ सीटें बढ़ाए जाने के प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी।
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प्राचार्य डा. उमाशंकर मिश्रा ने बताया कि वर्ष 2019-2020 सत्र के लिए बीएचएमएस की 100 सीटें हो गई हैं। 60 सीटें बढ़ने से कालेज से सालाना 100 डाक्टर निकल पाएंगे। उन्होंने बताया कि सत्र शुरू होने से पहले केंद्रीय होम्योपैथिक चिकित्सा परिषद नई दिल्ली की टीम औपचारिक निरीक्षण करेगी। इसको लेकर तैयारियां पूरी हैं।
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