{"_id":"5c4a2390bdec2273a67c950f","slug":"121548362640-moradabad-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"दुष्कर्म में दस साल की कैद, एक लाख का जुर्माना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दुष्कर्म में दस साल की कैद, एक लाख का जुर्माना
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मुरादाबाद।
सिविल लाइंस के आठ साल पुराने महिला से दुष्कर्म के मामले में एफटीसी प्रथम संध्या चौधरी की अदालत ने मुलजिम फिरोज अहमद उर्फ फैज अहमद को दोषी करार देेते हुए दस साल की कैद की सजा सुनाई है। जबकि एक लाख रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।
सिविल लाइंस के एक मोहल्ले में रहने वाली महिला ने अदालत की शरण लेते हुए महिला थाने में भोजपुर निवासी फिरोज अहमद उर्फ फैज अहमद के खिलाफ केस दर्ज कराया था। जिसमें महिला ने आरोप लगाया था कि आरोपी ने उसे निकाह करने का झांसा देकर उसके साथ दुष्कर्म किया। इसके बाद आरोपी ने निकाह करने से इंकार कर दिया। पीड़िता के साथ मारपीट की उसे जान से मारने की धमकी दी। पुलिस ने इस मामले में आरोपी के खिलाफ अदालत में चार्जशीट दाखिल की। इस मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम संध्या चौधरी की अदालत में चली। सरकार की ओर से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता नितिन गुप्ता ने पक्ष रखा और मुलजिम को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने की दलीलें दीं। अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद मुलजिम को दोषी करार देते हुए दस साल की कैद की सजा सुनाई। जबकि एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया। जुर्माने की धनराशि जमा न करने पर दोषी को तीन साल की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
विज्ञापन
सिविल लाइंस के आठ साल पुराने महिला से दुष्कर्म के मामले में एफटीसी प्रथम संध्या चौधरी की अदालत ने मुलजिम फिरोज अहमद उर्फ फैज अहमद को दोषी करार देेते हुए दस साल की कैद की सजा सुनाई है। जबकि एक लाख रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।
सिविल लाइंस के एक मोहल्ले में रहने वाली महिला ने अदालत की शरण लेते हुए महिला थाने में भोजपुर निवासी फिरोज अहमद उर्फ फैज अहमद के खिलाफ केस दर्ज कराया था। जिसमें महिला ने आरोप लगाया था कि आरोपी ने उसे निकाह करने का झांसा देकर उसके साथ दुष्कर्म किया। इसके बाद आरोपी ने निकाह करने से इंकार कर दिया। पीड़िता के साथ मारपीट की उसे जान से मारने की धमकी दी। पुलिस ने इस मामले में आरोपी के खिलाफ अदालत में चार्जशीट दाखिल की। इस मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम संध्या चौधरी की अदालत में चली। सरकार की ओर से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता नितिन गुप्ता ने पक्ष रखा और मुलजिम को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने की दलीलें दीं। अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद मुलजिम को दोषी करार देते हुए दस साल की कैद की सजा सुनाई। जबकि एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया। जुर्माने की धनराशि जमा न करने पर दोषी को तीन साल की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
विज्ञापन