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हिंदू कालेज में एक दिन पहले ही खुल गया प्रश्नपत्र
Updated Wed, 26 Sep 2018 02:10 AM IST
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मुरादाबाद।
एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय की सुधार परीक्षा के पहले ही दिन हिंदू कालेज में एक बड़ी गड़बड़ी हो गई। इतिहास का दूसरा प्रश्नपत्र एक दिन पहले ही खोलकर विद्यार्थियों को बांट दिया गया। जानकारी मिलने पर आनन-फानन में विश्वविद्यालय ने प्रश्नपत्र को निरस्त कर दिया। अब इसकी परीक्षा चार अक्तूबर को होगी। प्राचार्य का कहना है कि दोनों अधिकारियों से इस्तीफा ले लिया गया है।
मंगलवार को पहली पाली में स्नातक तृतीय वर्ष का इतिहास का पहला पेपर था। परीक्षा अपने निर्धारित समय नौ बजे शुरू हुई थी कि तभी हिंदू कालेज के परीक्षा कक्ष 17 में दो छात्रों ने इतिहास विषय का दूसरा पेपर मिलने की शिकायत की। कक्ष निरीक्षकों ने आनन-फानन में मामले की जानकारी कंट्रोल रूम में दी। वहां मौजूद केंद्र अध्यक्ष ने मामले से प्राचार्य को अवगत कराते हुए दोनों पेपर को लेकर छात्रों को पहला पेपर दिलवाया। प्राचार्य तुरंत कालेज पहुंचे और विश्वविद्यालय को घटनाक्रम से अवगत कराया।
विवि ने मांगी विस्तृत रिपोर्ट
विवि के परीक्षा प्रभारी ने प्राचार्य से खुले पेपर को बंडल में सील कर तुरंत किसी कर्मचारी के माध्यम से विश्वविद्यालय भेजने के निर्देश दिए और घटनाक्रम की विस्तृत रिपोर्ट मांगी। उन्हें जब दो छात्रों के हाथ में पेपर पहुंचने और उनके द्वारा पढ़े जाने की जानकारी मिली तो तुरंत पेपर निरस्त कर दिया।
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हर स्तर पर हुई लापरवाही
विवि द्वारा रिपोर्ट मांगे जाने पर खुलासा हुआ कि प्रश्नपत्र खुलने से लेकर बंटने तक प्रत्येक स्तर पर लापरवाही हुई है। शिक्षकों का कहना है कि सबसे पहले परीक्षा विभाग ने 25 तारीख के बंडलों में 26 सितंबर का एक बंडल मिला दिया और उसे कंट्रोल रूम को दी जाने वाली सूची पर भी दर्ज कर दिया। इसके बाद सुबह कंट्रोल विभाग से अधिकारी जब प्रश्नपत्रों का बंडल लेने गए तो उन्होंने भी बंडल के ऊपर पड़ी तारीख और पेपर कोड को नहीं पढ़ा। इसके बाद सभी अधिकारियों के सामने उस बंडल को काटकर प्रश्नपत्र कक्ष निरीक्षकों को सौंप दिए गए। इसके बाद पेपर बंटते हुए विद्यार्थियों के हाथों में पहुंच गए।
परीक्षा सुचिता से संपन्न कराना केंद्र अध्यक्ष और परीक्षा प्रभारी दोनों की ही जिम्मेदारी थी। मामले में लापरवाही को देखते हुए दोनों अधिकारियों से पद से इस्तीफा ले लिया है। विवि की ओर से ही कालेजों में केंद्र अध्यक्ष और परीक्षा प्रभारी की नियुक्ति की जाती है, इसलिए इन त्यागपत्र को स्वीकृत भी कुलपति ही करेंगे। तब तक के लिए दोनों पालियों के केंद्र अध्यक्ष की जिम्मेदारी और परीक्षा प्रभारी का दायित्व मेरा ही रहेगा।
डॉ. केसी गुप्ता, प्राचार्य, हिंदू कालेज।
सुबह सवा नौ बजे हिंदू कालेज से गलत पेपर खुलने की जानकारी मिली। कुलपति को मामले की जानकारी देते हुए परीक्षा को निरस्त कर दिया है। कुलपति अभी बाहर हैं। उनके आने के बाद मामले में कार्रवाई की जाएगी। अब इस पेपर की परीक्षा चार अक्तूबर को होगी।
प्रो. एनएन पांडेय, परीक्षा प्रभारी, एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय, बरेली।
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एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय की सुधार परीक्षा के पहले ही दिन हिंदू कालेज में एक बड़ी गड़बड़ी हो गई। इतिहास का दूसरा प्रश्नपत्र एक दिन पहले ही खोलकर विद्यार्थियों को बांट दिया गया। जानकारी मिलने पर आनन-फानन में विश्वविद्यालय ने प्रश्नपत्र को निरस्त कर दिया। अब इसकी परीक्षा चार अक्तूबर को होगी। प्राचार्य का कहना है कि दोनों अधिकारियों से इस्तीफा ले लिया गया है।
मंगलवार को पहली पाली में स्नातक तृतीय वर्ष का इतिहास का पहला पेपर था। परीक्षा अपने निर्धारित समय नौ बजे शुरू हुई थी कि तभी हिंदू कालेज के परीक्षा कक्ष 17 में दो छात्रों ने इतिहास विषय का दूसरा पेपर मिलने की शिकायत की। कक्ष निरीक्षकों ने आनन-फानन में मामले की जानकारी कंट्रोल रूम में दी। वहां मौजूद केंद्र अध्यक्ष ने मामले से प्राचार्य को अवगत कराते हुए दोनों पेपर को लेकर छात्रों को पहला पेपर दिलवाया। प्राचार्य तुरंत कालेज पहुंचे और विश्वविद्यालय को घटनाक्रम से अवगत कराया।
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विवि ने मांगी विस्तृत रिपोर्ट
विवि के परीक्षा प्रभारी ने प्राचार्य से खुले पेपर को बंडल में सील कर तुरंत किसी कर्मचारी के माध्यम से विश्वविद्यालय भेजने के निर्देश दिए और घटनाक्रम की विस्तृत रिपोर्ट मांगी। उन्हें जब दो छात्रों के हाथ में पेपर पहुंचने और उनके द्वारा पढ़े जाने की जानकारी मिली तो तुरंत पेपर निरस्त कर दिया।
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हर स्तर पर हुई लापरवाही
विवि द्वारा रिपोर्ट मांगे जाने पर खुलासा हुआ कि प्रश्नपत्र खुलने से लेकर बंटने तक प्रत्येक स्तर पर लापरवाही हुई है। शिक्षकों का कहना है कि सबसे पहले परीक्षा विभाग ने 25 तारीख के बंडलों में 26 सितंबर का एक बंडल मिला दिया और उसे कंट्रोल रूम को दी जाने वाली सूची पर भी दर्ज कर दिया। इसके बाद सुबह कंट्रोल विभाग से अधिकारी जब प्रश्नपत्रों का बंडल लेने गए तो उन्होंने भी बंडल के ऊपर पड़ी तारीख और पेपर कोड को नहीं पढ़ा। इसके बाद सभी अधिकारियों के सामने उस बंडल को काटकर प्रश्नपत्र कक्ष निरीक्षकों को सौंप दिए गए। इसके बाद पेपर बंटते हुए विद्यार्थियों के हाथों में पहुंच गए।
परीक्षा सुचिता से संपन्न कराना केंद्र अध्यक्ष और परीक्षा प्रभारी दोनों की ही जिम्मेदारी थी। मामले में लापरवाही को देखते हुए दोनों अधिकारियों से पद से इस्तीफा ले लिया है। विवि की ओर से ही कालेजों में केंद्र अध्यक्ष और परीक्षा प्रभारी की नियुक्ति की जाती है, इसलिए इन त्यागपत्र को स्वीकृत भी कुलपति ही करेंगे। तब तक के लिए दोनों पालियों के केंद्र अध्यक्ष की जिम्मेदारी और परीक्षा प्रभारी का दायित्व मेरा ही रहेगा।
डॉ. केसी गुप्ता, प्राचार्य, हिंदू कालेज।
सुबह सवा नौ बजे हिंदू कालेज से गलत पेपर खुलने की जानकारी मिली। कुलपति को मामले की जानकारी देते हुए परीक्षा को निरस्त कर दिया है। कुलपति अभी बाहर हैं। उनके आने के बाद मामले में कार्रवाई की जाएगी। अब इस पेपर की परीक्षा चार अक्तूबर को होगी।
प्रो. एनएन पांडेय, परीक्षा प्रभारी, एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय, बरेली।