फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Moradabad News ›   12 crore devolepment work done after code of conduct

पंचायत चुनाव की आचार संहिता के दौरान प्रशासकों ने 12 करोड़ उड़ाए

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Wed, 02 Jun 2021 02:42 AM IST
विज्ञापन
12 crore devolepment work done after code of conduct
मुरादाबाद। प्रदेश के पंचायती राज मंत्री भूपेंद्र सिंह के गृह जनपद मुरादाबाद में आचार संहिता लगने के बाद करीब दो महीने में तैनात प्रशासकों (पंचायत सचिवों) की तरफ से 12 करोड़ से अधिक की धनराशि खर्च करने का मामला प्रकाश में आया है। विशेष बात यह है कि 11 करोड़ रुपये की अदायगी भी संबंधित लोगों को कर दी गई।
विज्ञापन

जानकारी के अनुसार इनमें से अधिकतर गांव ऐसे हैं, जिनमें आचार संहिता लागू होने के बाद जो राशि खर्च की गई दिखाई गई है, उतनी राशि पांच साल तक संबंधित सरपंच के कार्यकाल में भी विकास के लिए जारी नहीं हुई। अगर इस मामले की निष्पक्ष जांच हो तो ग्रामीण विकास एवं पंचायत विभाग के नीचे से लेकर ऊपर तक कई अधिकारी और अन्य लोगों के फंसने की संभावना है। क्योंकि आचार संहिता के दौरान विकास कार्य होना तथा अदायगी में इतनी तेजी दिखाया जाना बिना उच्चाधिकारियों के शामिल हुए संभव दिखाई नहीं देती।
विज्ञापन

ये है मामला
याद रहे कि 24 दिसंबर 2020 को ग्राम प्रधानों का कार्यकाल समाप्त हुआ और ग्राम पंचायतों में प्रशासक नियुक्त किए गए। कोरोना की वजह से समय पर पंचायत चुनाव नहीं हो पाए थे, लेकिन बाद में हाईकोर्ट के निर्देश पर पंचायत चुनाव कराए गए। 26 मार्च 2021 को पंचायत चुनाव की अधिसूचना जारी की गई थी और 2 मई को मतगणना के बाद 25 और 26 मई में नवनिर्वाचित ग्राम प्रधानों के द्वारा वर्चुअल तरीके से शपथ ग्रहण की गई, लेकिन चुनाव आचार संहिता के दौरान ही 1 अप्रैल 2021 से लेकर 27 मई 2021 तक प्रशासकों के द्वारा ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों के नाम पर ग्राम निधि के 11 करोड़ रुपये का भुगतान कर दिया गया। ई-स्वराज वेबसाइट पर मौजूद आंकड़ों के अनुसार जनपद मुरादाबाद के लगभग सभी ब्लॉको में करोड़ों रुपये का भुगतान किया गया है। जब चुनाव की आदर्श आचार संहिता जारी थी तो ऐसे में सवाल यह है कि 11 करोड़ रुपये की ग्राम निधि का भुगतान किन विकास कार्यों पर कर दिया गया। सबसे ज्यादा भुगतान ब्लॉक कुंदरकी में लगभग साढ़े चार करोड़ रुपये का किया गया है, वहीं भगतपुर टांडा में सबसे कम साढ़े 22 लाख रुपये निकाले गए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

भुगतान हो गया
भगतपुर टांडा - 21,67,114 रुपये
बिलारी - 1,74,61,708 रुपये
छजलैट - 1,39,24,491 रुपये
डिलारी - 2,18,19,181 रुपये
कुंदरकी - 4,45,45,064 रुपये
मुरादाबाद - 45,19,274 रुपये
मूंढापांडे - 49,90,965 रुपये
ठाकुरद्वारा - 23,03,933 रुपये
कुल भुगतान - 11,17,31,730 रुपये
केस-1
कुंदरकी के सोनकपुर में 70 लाख खर्च
कुंदरकी ब्लॉक की ग्राम पंचायत सोनकपुर में लगभग सत्तर लाख रुपये की धनराशि खर्च कर दी गई है। जिसमें से ज्यादातर धनराशि का कायाकल्प कार्य, हैंडपंप मरम्मत, हैंडपंप रिबोर, नाली मरम्मत और स्कूलों में बेंच, कूड़ा गाड़ी आदि पर खर्च दर्शाया गया है। प्रशासक बनने के बाद यहां 70 लाख रुपये खर्च किए गए हैं।
सोनकपुर में इन मदों में निकला भुगतान
नाली मरम्मत 2,40,980
कायाकल्प योजना में खर्च 3,46,268
हैंडपंप मरम्मत 1,81,229
स्कूल बेंच/कूड़ा गाड़ी 2,77,630
शवदाह गृह 2,12,627
पंचायत घर के टाइल्स 1,50,220
ग्राम पंचायत में विकास कार्य काफी पिछड़े हैं। पिछले महीनों में कोई विकास कार्य नहीं कराए गए हैं। इससे पूरे गांव की हालत बदहाल है।
- सरिता कुमारी, ग्राम प्रधान, सोनकपुर
केस-2
रतनपुरकलां में 28 लाख से ज्यादा कर गए हजम
ब्लाक कुंदरकी की ग्राम पंचायत रतनपुर कलां में 28 लाख 35 हजार 11 रुपये खर्च कर दिए, लेकिन गांव में काम कहीं नहीं दिखता। सरकारी स्कूलों में टाइल्स लगाने पर ही चार लाख 72 हजार 265 रुपये खर्च किए गए हैं, लेकिन प्राथमिक विद्यालय के दो कमरों में और उच्च प्राथमिक के चार कमरों की दीवारों के किनारों में ही टाइल्स लगाए गए हैं। स्कूल की मरम्मत कराए बिना एक लाख 83 हजार 172 रुपये खर्च कर दिए। सफाई कार्य पर एक लाख 25 हजार रुपये खर्च किए गए हैं, लेकिन गांव की नालियां बजबजा रही हैं और कूड़े के ढेर लगे हैं।
रतनपुर कलां में इन मदों में निकला भुगतान
सफाई कार्य 1,25,000
कायाकल्य योजना 10,92,738
कूड़ा गाड़ी, फांगिंग मशीन 1,27,756
स्कूल मरम्मत 1,83,172
स्कूल में टाईल्स 2,38,391
वाटर कूलर 2,48,950
अन्य कार्य 2,07,680
ग्राम पंचायत में दिसंबर से प्रशासक नियुक्त थे। इस दौरान लाखों रुपये खाते से खर्च करने की जानकारी मिली है, जिसका लेखा-जोखा निकलवाकर सत्यापन करूंगी। यदि कोई गड़बड़ी मिली तो उच्चाधिकारियों से जांच कराकर कार्रवाई कराई जाएगी।
- शहनाज परवीन, ग्राम प्रधान, रतनपुर कलां
पंचायती राज मंत्री ने कहा, पूरे मामले की जांच होगी, दोषियों पर होगी एफआईआर, वसूली कराऊंगा
पंचायती राज मंत्री चौधरी भूपेंद्र सिंह ने कहा है कि प्रदेश सरकार की प्राथमिकताओं में सिर्फ सामुदायिक शौचालय और बहुउद्देश्यीय पंचायत भवन का निर्माण था। जब प्रशासक नियुक्त हुए, तब वे सिर्फ यही काम करा सकते थे। इन दो कामों के अलावा अन्य कामों पर प्रतिबंध था। अन्य कामों के भुगतान भी नहीं होने थे। आचार संहिता लागू होने के बाद कोई नया कार्य नहीं किया जा सकता, लेकिन यदि अन्य भुगतान हुए हैं तो जांच कराई जाएगी और सरकार के निर्देश के विरुद्ध कार्य करने वालों पर एफआईआर दर्ज कराई जाएगी और वसूली होगी।

सोनकपुर में दिसंबर से मई के मध्य जो विकास कार्य कराए गए हैं, वे सीडीओ की संस्तुति से हुए हैं। आचार संहिता के बाद कोई भी नये कार्य नहीं कराए गए हैं।
- बिजयेंद्र कुमार, एडीओ पंचायत, विखं कुंदरकी
ग्राम पंचायतों में आचार संहिता से पूर्व के कार्यों को प्रशासकों ने पूर्ण कराया है, जिनका भुगतान भी किया गया है, लेकिन यदि कोई गड़बड़ी की शिकायत मिलती है तो उसकी जांच कराई जाएगी। दोषी मिलने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
- आनंद वर्धन, मुख्य विकास अधिकारी
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed