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बदली फिजा, बीमारियों को दे रही न्यौता
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मुरादाबाद।
मौसमी बदलाव ने बीमारियों को न्यौता देना शुरू कर दिया है। स्वाइन फ्लू का खतरा भी बढ़ गया है। बारिश और ठंड ने बच्चों से लेकर बुजुर्गों की परेशानी बढ़ा दी है। जिला और निजी अस्पतालों की ओपीडी में सर्दी, जुकाम, खासी, बुखार और निमोनिया के अलावा बुजुर्गों में ब्लड प्रेसर के मरीजों की संख्या अचानक बढ़ गई है। जिला अस्पताल में स्वाइन फ्लू को लेकर अलर्ट जारी है।
जिला अस्पताल की सीएमएस डा. ज्योत्सना पंत ने बताया कि स्वाइन फ्लू का कोई मामला अभी तक नहीं आया है। जिला अस्पताल पूरी तरह अलर्ट है। आइसोलेशन 10 बेड का वार्ड तैयार कर जीवन रक्षक दवाएं रिजर्व में रखी गई हैं। डा. पंत ने बताया कि स्वाइन फ्लू की शुरुआत नाक बहना, छींक आना, कफ कोल्ड और लगातार खांसी होती है। मांसपेशियों में दर्द और सिर में दर्द के साथ नींद आने जैसे लक्षण हैं। लगातार बुखार आता है। इन लक्षणों को संक्रमित व्यक्ति गंभीरता से नहीं लेता है। सामान्य सर्दी जुकाम समझकर नजर अंदाज करता है। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति में लगातार इस तरह की परेशानी हो रही है तो वह अस्पताल पहुंचकर जांच कराए।
डा. बीपीएस लोचभ के मुताबिक स्पाइन फ्लू एच 1 एन 1 वायरस है। बारिश इस वायरस के लिए घातक होती है। तापमान में गिरावट और नमी के साथ वायरस तेजी से फैलता है। किसी व्यक्ति में इसके लक्षण दिखाई देते हैं तो उसे तत्काल जांच करानी चाहिए। डा. सतीश कुमार सक्सेना ने बताया कि मौसमी बदलाव से बच्चों में बुखार, सीने में कफ जमने, सांस लेने में परेशानी बढ़ने लगी है। निमोनिया पीड़ित बच्चे भी अस्पताल की ओपीडी पहुंच रहे हैं।
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मौसमी बदलाव ने बीमारियों को न्यौता देना शुरू कर दिया है। स्वाइन फ्लू का खतरा भी बढ़ गया है। बारिश और ठंड ने बच्चों से लेकर बुजुर्गों की परेशानी बढ़ा दी है। जिला और निजी अस्पतालों की ओपीडी में सर्दी, जुकाम, खासी, बुखार और निमोनिया के अलावा बुजुर्गों में ब्लड प्रेसर के मरीजों की संख्या अचानक बढ़ गई है। जिला अस्पताल में स्वाइन फ्लू को लेकर अलर्ट जारी है।
जिला अस्पताल की सीएमएस डा. ज्योत्सना पंत ने बताया कि स्वाइन फ्लू का कोई मामला अभी तक नहीं आया है। जिला अस्पताल पूरी तरह अलर्ट है। आइसोलेशन 10 बेड का वार्ड तैयार कर जीवन रक्षक दवाएं रिजर्व में रखी गई हैं। डा. पंत ने बताया कि स्वाइन फ्लू की शुरुआत नाक बहना, छींक आना, कफ कोल्ड और लगातार खांसी होती है। मांसपेशियों में दर्द और सिर में दर्द के साथ नींद आने जैसे लक्षण हैं। लगातार बुखार आता है। इन लक्षणों को संक्रमित व्यक्ति गंभीरता से नहीं लेता है। सामान्य सर्दी जुकाम समझकर नजर अंदाज करता है। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति में लगातार इस तरह की परेशानी हो रही है तो वह अस्पताल पहुंचकर जांच कराए।
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डा. बीपीएस लोचभ के मुताबिक स्पाइन फ्लू एच 1 एन 1 वायरस है। बारिश इस वायरस के लिए घातक होती है। तापमान में गिरावट और नमी के साथ वायरस तेजी से फैलता है। किसी व्यक्ति में इसके लक्षण दिखाई देते हैं तो उसे तत्काल जांच करानी चाहिए। डा. सतीश कुमार सक्सेना ने बताया कि मौसमी बदलाव से बच्चों में बुखार, सीने में कफ जमने, सांस लेने में परेशानी बढ़ने लगी है। निमोनिया पीड़ित बच्चे भी अस्पताल की ओपीडी पहुंच रहे हैं।
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