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सपा में टिकट के लिए घमासान, असमंजस में हाईकमान्
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मुरादाबाद। मुरादाबाद सीट से समाजवादी पार्टी में दावेदारी को लेकर घमासान मचा है। प्रत्याशी चयन में जितनी देरी हो रही है टिकट की दौड़ में उतने नए नाम जुड़ रहे हैं। मंगलवार से प्रबल दावेदारों में हाजी नासिर कुरैशी का नाम भी शामिल हो गया है। सपा हाईकमान प्रत्याशी चयन को लेकर दुविधा में फंसा है। गुरुवार से नामांकन की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। दावेदारों के साथ स्थानीय नेता एवं कार्यकर्ता भी प्रत्याशी की घोषणा के इंतजार में हैं।
मुरादाबाद में भाजपा और कांग्रेस अपने प्रत्याशी मैदान में उतार चुकी है। बसपा एवं रालोद से गठबंधन के बाद सबसे मजबूत स्थिति में सपा अपने प्रत्याशी की घोषणा नहीं कर पाई है। कांग्रेस के राजब्बबर के मैदान छोड़ने से मुरादाबाद के सियासी समीकरण बदले हैं। इससे भाजपा एवं कांग्रेस ही नहीं बल्कि गठबंधन के वोटों का गणित भी उलझ गया है। पार्टी हाईकमान हिंदू-मुस्लिम, अनुसूचित जाति के वोटरों के गणित के साथ बाहरी एवं स्थानीय प्रत्याशी मैदान में उतारने को लेकर कई स्तर पर सर्वे करा चुका है। इसके बाद भी प्रत्याशी चयन में सबसे पीछे रह गया है।
16 लोगों ने सपा हाईकमान को अपनी दावेदारी सौंपी है। इनमें डा. एसटी हसन, कमाल अख्तर, राजीव सिंघल प्रबल दावेदार हैं। डा. हसन पूर्व मेयर एवं पिछला चुनाव लड़ चुके हैं। कमाल अख्तर पूर्व कैबिनेट मंत्री और राजीव सिंघल जिलाध्यक्ष हैं। मंगलवार से टिकट की दौड़ में हाजी नासिर कुरैशी की प्रबल दावेदारी ने सभी दावेदारों के होश उड़ाए हैं। नासिर कुरैशी व्यवसायी हैं और पूर्व में बसपा के टिकट से देहात और ठाकुरद्वारा से दो बार विधानसभा चुनाव लड़ चुके हैं।
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...तो स्थानीय प्रत्याशी पर सपा लगाएगी दाव
मुरादाबाद। समाजवादी पार्टी प्रत्याशी चयन को लेकर किसी तरह की जल्दबाजी नहीं करना चाहती है। ग्राउंड सर्वे के आधार पर हाईकमान स्थानीय दावेदार पर ही दाव लगा सकता है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि बाहरी प्रत्याशी उतारने से भीतरघात महंगा पड़ सकता है। पार्टी किसी भी तरह का रिस्क लेने की स्थिति में नहीं है। ऐसे में दावेदार कमाल अख्तर बैक फुट पर आ गए है। सूत्रों का कहना है कि हाईकमान ने कमाल अख्तर से भविष्य में चुनाव लड़ाने का आश्वासन देकर दावेदारी की दौड़ से बाहर कर दिया है। मुरादाबाद में बाहरी एवं स्थानीय प्रत्याशी मुद्दा बना है। पिछले महीने कई कार्यकर्ताओं ने इसका विरोध तक किया। कार्यकर्ताओं ने शहर में पोस्टर लगाकर बाहरी प्रत्याशी का विरोध तक जताया।
- हाईकमान सभी समीकरणों को ध्यान में रखकर प्रत्याशी घोषित करेगा। पार्टी किसी तरह की जल्दबाजी नहीं करना चाहती है। चुनावी तैयारियां पिछले एक साल से चल रही हैं। कार्यकर्ताओं को बस प्रत्याशी के नाम का इंतजार है। बदले समीकरणों को देखते हुए मेरी प्रबल दावेदारी है। - राजीव सिंघल, सपा जिलाध्यक्ष एवं दावेदार
- कल से नामांकन शुरू हो जाएंगे। कल तक हरहाल में टिकट घोषित हो जाएगा। सोशल मीडिया पर दावेदारों की संख्या बढ़ रही है, जिससे कार्यकर्ता भी असमंजस की स्थिति में आ गया है। मेरी प्रबल दावेदारी और पूरी तैयारी है। मुरादाबाद में गठबंधन का सीधा मुकाबला भाजपा से होगा। - डा. एसटी हसन, प्रबल दावेदार
- सभी कार्यकर्ताओं को टिकट की घोषणा का इंतजार है। प्रत्याशी का फैसला हाईकमान को तय करना है। सभी पार्टी के कार्यकर्ता हैं। पार्टी मुझ पर भरोसा जताती है तो मजबूती से चुनाव लड़ेंगे। किसी को टिकट मिलता है मजबूती से उसे लड़ाएंगे। जब तक टिकट फाइनल नहीं होता है चर्चाएं चलते रहेंगी। - कमाल अख्तर
- हाईकमान का फैसला ही सर्वमान्य होगा। हाईकमान सभी समीकरणों को देखते हुए प्रत्याशी चयन को लेकर मंथन में जुटा है। गुरुवार तक हरहाल में टिकट फाइनल होने की संभावना है। मैं टिकट की दौड़ में नहीं हूं। - हाजी इकराम कुरैशी, विधायक
- कार्यकर्ता चुनाव मैदान में कूदने को बेताब हैं। सभी को प्रत्याशी के नाम का इंतजार है। टिकट फाइनल होते ही सभी लोग एकजुट होकर प्रत्याशी को चुनाव लड़ाएंगे। माहौल पूरी तरह गठबंधन के पक्ष में है। - मन्नू कुरैशी, महानगर अध्यक्ष सपा
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मुरादाबाद में भाजपा और कांग्रेस अपने प्रत्याशी मैदान में उतार चुकी है। बसपा एवं रालोद से गठबंधन के बाद सबसे मजबूत स्थिति में सपा अपने प्रत्याशी की घोषणा नहीं कर पाई है। कांग्रेस के राजब्बबर के मैदान छोड़ने से मुरादाबाद के सियासी समीकरण बदले हैं। इससे भाजपा एवं कांग्रेस ही नहीं बल्कि गठबंधन के वोटों का गणित भी उलझ गया है। पार्टी हाईकमान हिंदू-मुस्लिम, अनुसूचित जाति के वोटरों के गणित के साथ बाहरी एवं स्थानीय प्रत्याशी मैदान में उतारने को लेकर कई स्तर पर सर्वे करा चुका है। इसके बाद भी प्रत्याशी चयन में सबसे पीछे रह गया है।
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16 लोगों ने सपा हाईकमान को अपनी दावेदारी सौंपी है। इनमें डा. एसटी हसन, कमाल अख्तर, राजीव सिंघल प्रबल दावेदार हैं। डा. हसन पूर्व मेयर एवं पिछला चुनाव लड़ चुके हैं। कमाल अख्तर पूर्व कैबिनेट मंत्री और राजीव सिंघल जिलाध्यक्ष हैं। मंगलवार से टिकट की दौड़ में हाजी नासिर कुरैशी की प्रबल दावेदारी ने सभी दावेदारों के होश उड़ाए हैं। नासिर कुरैशी व्यवसायी हैं और पूर्व में बसपा के टिकट से देहात और ठाकुरद्वारा से दो बार विधानसभा चुनाव लड़ चुके हैं।
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...तो स्थानीय प्रत्याशी पर सपा लगाएगी दाव
मुरादाबाद। समाजवादी पार्टी प्रत्याशी चयन को लेकर किसी तरह की जल्दबाजी नहीं करना चाहती है। ग्राउंड सर्वे के आधार पर हाईकमान स्थानीय दावेदार पर ही दाव लगा सकता है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि बाहरी प्रत्याशी उतारने से भीतरघात महंगा पड़ सकता है। पार्टी किसी भी तरह का रिस्क लेने की स्थिति में नहीं है। ऐसे में दावेदार कमाल अख्तर बैक फुट पर आ गए है। सूत्रों का कहना है कि हाईकमान ने कमाल अख्तर से भविष्य में चुनाव लड़ाने का आश्वासन देकर दावेदारी की दौड़ से बाहर कर दिया है। मुरादाबाद में बाहरी एवं स्थानीय प्रत्याशी मुद्दा बना है। पिछले महीने कई कार्यकर्ताओं ने इसका विरोध तक किया। कार्यकर्ताओं ने शहर में पोस्टर लगाकर बाहरी प्रत्याशी का विरोध तक जताया।
- हाईकमान सभी समीकरणों को ध्यान में रखकर प्रत्याशी घोषित करेगा। पार्टी किसी तरह की जल्दबाजी नहीं करना चाहती है। चुनावी तैयारियां पिछले एक साल से चल रही हैं। कार्यकर्ताओं को बस प्रत्याशी के नाम का इंतजार है। बदले समीकरणों को देखते हुए मेरी प्रबल दावेदारी है। - राजीव सिंघल, सपा जिलाध्यक्ष एवं दावेदार
- कल से नामांकन शुरू हो जाएंगे। कल तक हरहाल में टिकट घोषित हो जाएगा। सोशल मीडिया पर दावेदारों की संख्या बढ़ रही है, जिससे कार्यकर्ता भी असमंजस की स्थिति में आ गया है। मेरी प्रबल दावेदारी और पूरी तैयारी है। मुरादाबाद में गठबंधन का सीधा मुकाबला भाजपा से होगा। - डा. एसटी हसन, प्रबल दावेदार
- सभी कार्यकर्ताओं को टिकट की घोषणा का इंतजार है। प्रत्याशी का फैसला हाईकमान को तय करना है। सभी पार्टी के कार्यकर्ता हैं। पार्टी मुझ पर भरोसा जताती है तो मजबूती से चुनाव लड़ेंगे। किसी को टिकट मिलता है मजबूती से उसे लड़ाएंगे। जब तक टिकट फाइनल नहीं होता है चर्चाएं चलते रहेंगी। - कमाल अख्तर
- हाईकमान का फैसला ही सर्वमान्य होगा। हाईकमान सभी समीकरणों को देखते हुए प्रत्याशी चयन को लेकर मंथन में जुटा है। गुरुवार तक हरहाल में टिकट फाइनल होने की संभावना है। मैं टिकट की दौड़ में नहीं हूं। - हाजी इकराम कुरैशी, विधायक
- कार्यकर्ता चुनाव मैदान में कूदने को बेताब हैं। सभी को प्रत्याशी के नाम का इंतजार है। टिकट फाइनल होते ही सभी लोग एकजुट होकर प्रत्याशी को चुनाव लड़ाएंगे। माहौल पूरी तरह गठबंधन के पक्ष में है। - मन्नू कुरैशी, महानगर अध्यक्ष सपा