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Moradabad News: 100 करोड़ खर्च...हल्की बारिश में ही विद्युत निगम के दावे फ्यूज

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Mon, 26 May 2025 01:10 AM IST
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100 crores spent...Electricity corporation's claims fuse in light rain
मुरादाबाद। स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट, आरडीएसएस, बिजनेस प्लान के तहत विद्युत व्यवस्था सुधारने पर करीब 100 करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं। इसके बावजूद शुरुआती बारिश में ही विद्युत निगम के सारे दावे धड़ाम हो रहे हैं। रविवार सुबह बारिश के बाद आधे शहर में बिजली गुल हो गई। दिल्ली रोड व कांठ रोड की कई कॉलोनियों में लोगों को पीने का पानी भी नहीं मिला। नया मुरादाबाद में सोसायटियों में रहने वाले लोग घंटों त्रस्त रहे।
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रामगंगा विहार, आशियाना, टीडीआई सिटी, वेव ग्रीन, नया मुरादाबाद मुरादाबाद, बुद्धि विहार, रामेश्वर कॉलोनी, मानसरोवर कॉलोनी में सुबह 5:30 बजे के बाद 11:30 बजे बिजली व्यवस्था सुचारु हुई। लोगों के घरों के इनवर्टर ठप हो गए। कांशीरामनगर, जीएमडी रोड, कोठीवाल नगर, टाउनहाल क्षेत्र में भी लोगों को परेशानी हुई। इससे पहले बृहस्पतिवार को आंधी-बारिश में कई बिजलीघरों पर इनसुलेटर खराब हो गए थे। उस समय अंडरग्राउंड लाइनों में हुए फाल्ट निगम को अब तक नहीं मिल पाए हैं। कुछ स्थानों पर वैकल्पिक व्यवस्था से बिजली व्यवस्था सुचारु की गई।
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वहीं रामपुर रोड की कॉलोनी कबीरनगर में सप्ताह भर से लोग बिजली कटौती से परेशान हैं। लोगों का कहना है कि यहां लाइट का कोई रोस्टर नहीं बना है। कितने घंटे लाइट आएगी, कोई नहीं बता सकता। हर दिन छह घंटे से ज्यादा कटौती की जा रही है। इसी तरह दिल्ली रोड पर रेल विहार, रॉयल एंक्लेव, ग्रीन ऑर्चिड सोसायटी का हाल है। लोगों को बिजली के बिल से ज्यादा जेनरेटर का शुल्क देना पड़ता है।
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इन योजना के तहत खर्च हुआ बजट
स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट : इस प्रोजेक्ट के तहत विद्युत निगम को 90 करोड़ रुपये मिले। इससे शहर में ट्रांसफार्मरों की क्षमता वृद्धि की गई। कई जगह नए ट्रांसफार्मर लगाए गए। विद्युत लाइनों को अंडरग्राउंड किया गया। साथ ही स्काडा के तहत बिजलीघरों को आपस में जोड़ा जा रहा है, जिससे एक जगह फाल्ट होने पर दूसरे बिजलीघर से लाइट चालू हो सके। स्काडा अभी तक शुरू ही नहीं हो पाया है। जहां अंडरग्राउंड लाइन डाली गई हैं, उनमें से 50 फीसदी अभी शुरू ही नहीं हो पाई हैं। नए उपकरण लगाने के बावजूद फाल्ट हो रहे हैं।

आरडीएसएस योजना : इस योजना के तहत ट्रांसफार्मरों की क्षमता वृद्धि, नए ट्रांसफार्मर लगाना, पुराने व क्षतिग्रस्त केबिल बदलने का काम हुआ है। इसके बावजूद शहर में कई स्थानों पर केबल जलने की घटना हो चुकी है। इसी योजना के तहत बिलारी में घटिया केबल लगाने पर निगम के जेई व अधिकारी तक निलंबित हो चुके हैं। ट्रांसफार्मरों में अधूरे उपकरण लगाने के मामले भी सामने आए हैं। अब गर्मियों में ओवरलोडिंग का खतरा भी मंडरा रहा है। बिजनेस प्लान में भी यही कार्य हुए हैं। दोनों योजनाओं में कई करोड़ रुपये खर्च हुए हैं।


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बारिश के कारण फाल्ट होने से कुछ स्थानों पर दिक्कत आई, जिन्हें 11:30 बजे तक सही करा दिया गया। ओवरलोडिंग की समस्या इस बार नहीं होगी, क्योंकि नए ट्रांसफार्मर लगाए गए हैं। अंडरग्राउंड लाइनें चालू की जा रही हैं और स्काडा के लिए सर्किल ऑफिस में कंट्रोल रूम बन रहा है, जल्द ही शुरू हो जाएगा।
- नरेंद्र सिंह, अधिशासी अभियंता
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