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Moradabad News: इनकम नहीं होने से तीन महीने में 10 बसें बिकी
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मुरादाबाद। इनकम नहीं होने की वजह से अनुबंधित बस मालिकों ने बसें बेचनी शुरू कर दी है। पिछले तीन महीने 10 अनुबंधित बसें बिक चुकी हैं। बस मालिकों ने बताया कि एक रूट पर आवश्यकता से अधिक बसों का संचालन किया जा रहा है। इसकी वजह से घाटा होने लगा है। इसलिए कई बसें बेचनी पड़ी।
मुरादाबाद से संभल, रामपुर, अमरोहा समेत पास के रूटों पर 300 से अधिक बसों का संचालन किया जाता है। अकेले मुरादाबाद-संभल रूट पर 55 बसें चलाई जाती हैं। बसों की संख्या अधिक होने की वजह से इनकम नहीं निकल पा रही है। इसके कारण अनुबंधित बस मालिकों को परेशानी हो रही है। अनुबंधित बस यूनियन मंडल अध्यक्ष अमित गुप्ता ने बताया कि 40-40 किमी के रूट पर 55 बसें लगाई गई हैं। यात्रियों की संख्या भी कम है। इसकी वजह से इनकम नहीं हो पा रही है। इसलिए बसें बेचनी पड़ी। उन्होंने बताया कि अभी भी अनुबंधित बस मालिक बसों को बेचने के लिए तैयार हैं लेकिन कोई ग्राहक नहीं मिल रहा है। पिछले तीन महीने में 10 बसें बिक चुकी हैं। लोग अब अनुबंध में बसें नहीं लगाना चाहते हैं क्योंकि बसों की किस्त के बराबर पैसे नहीं निकल रहे हैं। अनुबंधित बस मालिक बसों को पैसे कमाने के लिए लगाता है लेकिन उसे बसों से इनकम निकल पा रही है।
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मुरादाबाद से संभल, रामपुर, अमरोहा समेत पास के रूटों पर 300 से अधिक बसों का संचालन किया जाता है। अकेले मुरादाबाद-संभल रूट पर 55 बसें चलाई जाती हैं। बसों की संख्या अधिक होने की वजह से इनकम नहीं निकल पा रही है। इसके कारण अनुबंधित बस मालिकों को परेशानी हो रही है। अनुबंधित बस यूनियन मंडल अध्यक्ष अमित गुप्ता ने बताया कि 40-40 किमी के रूट पर 55 बसें लगाई गई हैं। यात्रियों की संख्या भी कम है। इसकी वजह से इनकम नहीं हो पा रही है। इसलिए बसें बेचनी पड़ी। उन्होंने बताया कि अभी भी अनुबंधित बस मालिक बसों को बेचने के लिए तैयार हैं लेकिन कोई ग्राहक नहीं मिल रहा है। पिछले तीन महीने में 10 बसें बिक चुकी हैं। लोग अब अनुबंध में बसें नहीं लगाना चाहते हैं क्योंकि बसों की किस्त के बराबर पैसे नहीं निकल रहे हैं। अनुबंधित बस मालिक बसों को पैसे कमाने के लिए लगाता है लेकिन उसे बसों से इनकम निकल पा रही है।
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