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आरोपी के चक्कर में छोटे भाई को जेल
ब्यूरो/ अमर उजाला/ मिर्जापुर
Updated Wed, 11 Jan 2017 12:43 AM IST
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न्यायालय प्रथम मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मनोज कुमार सिंह द्वितीय ने आरोपी बड़े भाई के जगह पर आत्मसमर्पण कर उसकी जमानत कराने आए छोटे भाई को न्यायालय के साथ धोखाधड़ी करने पर जेल भेज दिया। साथ ही शहर कोतवाली पुलिस को कोर्ट के साथ धोखाधड़ी करने का मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया है।
हलिया थाना क्षेत्र के बरी गांव निवासी रामकुबेर प्रजापति ने पट्टीदारी के रामसुमेर व सुदामा पुत्रगण भगेड़ू, राजीव उर्फ राजू पुत्र रामसुमेर व सुरेश पुत्र सुदामा के खिलाफ मारपीट का मुकदमा हलिया थाने में दर्ज कराया था। पुलिस ने मामले का विवेचना कर आरोपपत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया था। उसमें आरोपी राजीव उर्फ राजू को आरोपी बनाया गया था।
अदालत में सुनवाई के दौरान आरोपी राजीव ने छोटा भाई राजन ने उसकी जगह न्यायालय में आत्मसमर्पण किया और जमानत की अर्जी दी। सुनवाई के दौरान वादी मुकदमा रामकुबेर का पुत्र चंद्रेश अपने अधिवक्ता के साथ वहां आ गया। उसने बताया कि कस्टडी में लिया गया आरोपी राजीव नहीं है बल्कि उसका छोटा भाई राजन है। साक्ष्य प्रस्तुत करते हुए उसके विरुद्ध प्रार्थना पत्र देकर न्यायालय से कार्रवाई करने की मांग की।
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न्यायालय ने राजन से पूछताछ किया तो उसने असलियत कबूल ली। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने न्यायालय के साथ धोखाधड़ी करने के जुर्म में उसे जेल भेज दिया और शहर कोतवाली पुलिस को मुकदमा दर्ज करने को कहा।
हलिया थाना क्षेत्र के बरी गांव निवासी रामकुबेर प्रजापति ने पट्टीदारी के रामसुमेर व सुदामा पुत्रगण भगेड़ू, राजीव उर्फ राजू पुत्र रामसुमेर व सुरेश पुत्र सुदामा के खिलाफ मारपीट का मुकदमा हलिया थाने में दर्ज कराया था। पुलिस ने मामले का विवेचना कर आरोपपत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया था। उसमें आरोपी राजीव उर्फ राजू को आरोपी बनाया गया था।
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अदालत में सुनवाई के दौरान आरोपी राजीव ने छोटा भाई राजन ने उसकी जगह न्यायालय में आत्मसमर्पण किया और जमानत की अर्जी दी। सुनवाई के दौरान वादी मुकदमा रामकुबेर का पुत्र चंद्रेश अपने अधिवक्ता के साथ वहां आ गया। उसने बताया कि कस्टडी में लिया गया आरोपी राजीव नहीं है बल्कि उसका छोटा भाई राजन है। साक्ष्य प्रस्तुत करते हुए उसके विरुद्ध प्रार्थना पत्र देकर न्यायालय से कार्रवाई करने की मांग की।
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न्यायालय ने राजन से पूछताछ किया तो उसने असलियत कबूल ली। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने न्यायालय के साथ धोखाधड़ी करने के जुर्म में उसे जेल भेज दिया और शहर कोतवाली पुलिस को मुकदमा दर्ज करने को कहा।