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Mirzapur News: बिजली गिरने से श्रमिक की मौत, चार झुलसे
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मिर्जापुर। जिले में बिजली गिरने से उसकी चपेट में आकर मौत होने का सिलसिला थम नहीं रहा है। शुक्रवार को दोपहर में मड़िहान थाना क्षेत्र के गुरुदेव नगर आश्रम में बिजली गिरने से वहां काम कर रहे तीन मजदूर और एक बाबा चपेट में आ गए। सभी को उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया। उनमें से एक मजदूर की मौत हो गई। बिजली गिरने से अचेत हुए तीन लोगों का उपचार किया गया। उधर, संतनगर थाना क्षेत्र के गेरुआही गांव में महिला बिजली की चपेट में आने से झुलस गई। बिजली गिरने से ड्रमंडगंज थाना क्षेत्र के बबुरा रघुनाथ सिंह गांव में एक किशोरी झुलस गई। पिछले तीन दिन में बिजली की चपेट में आने से पांच लोगों की जान जा चुकी है।
मड़िहान थाना क्षेत्र के गुरुदेव नगर आश्रम में शुक्रवार को दोपहर में धान की रोपाई चल रही थी। कालोनी निवासी सुखई (75) अपने पुत्र राकेश (35) और गांव निवासी छोटेलाल (62) के साथ मेड़बंदी करने गए थे। पास में बाबा राहत प्रकाश (65) भी खड़े थे। शुक्रवार को दोपहर में लगभग एक बजे गरज चमक के साथ बारिश होने के दौरान बिजली गिर गई। इस दौरान बिजली की चपेट में आने से राकेश का सिर फट गया और वे जमीन पर गिर गए। चीख पुकार सुनकर आसपास के लोग दौड़कर पहुंच गए। राकेश समेत चारों लोगाें को सीएचसी ले जाया गया। जहां डाॅक्टर ने राकेश को मृत घोषित कर दिया। मौत की खबर से परिजनों में कोहराम मच गया। राकेेश से चार पुत्र हैं। मड़िहान थानाध्यक्ष शैलेश राय ने बताया कि बिजली की चपेट में आकर एक श्रमिक की मौत हो गई। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।
उधर, पटेहरा क्षेत्र के गेरुआही गांव निवासी सुलेखा (36) अपने पालतू मवेशियों को लेकर सिवान में चराने गई थीं। अचानक बारिश होने लगी। बारिश के दौरान वे महुआ के पेड़ के नीचे खड़ी हो गईं। तभी तेज चमक-गरज के साथ बिजली गिरी। बिजली की चपेट में आकर सुलेखा अचेत होकर गिर गईं। परिजन एंबुलेंस से उन्हें पीएचसी पटेहरा ले गए। डाॅ. राजकुमार ने बताया कि सुलेखा खतरे से बाहर हैं।
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उधर, ड्रमंडगंज थाना क्षेत्र के बबुरा रघुनाथ गांव के धराना बस्ती निवासी बरकत अली की (17) वर्षीय पुत्री नाजरीन बारिश के दौरान अपने मड़हे में बैठी थीं। उसी दौरान मड़हे के पास नीम के पेड़ पर बिजली गिर पड़ी। उसकी चपेट आकर नाजरीन अचेत हो गईं। परिजन तत्काल उपचार के लिए स्थानीय चिकित्सक के पास ले गए। अब किशोरी की हालत सामान्य बताई जा रही है।
उधर, ड्रमंडगंज थाना क्षेत्र के भैसोड़ बलाय पहाड़ गांव में शुक्रवार को दोपहर में जंगल में चरने गई बकरियों पर बिजली गिर गई। बिजली की चपेट में आने से 26 बकरियों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि चार बकरियां झुलस गईं। संयोग था कि पशुपालक का पुत्र बकरियों से करीब दो सौ मीटर दूर नेशनल हाईवे के किनारे स्थित एक मड़हे में बारिश से बचने के लिए पहुंच गया था, अन्यथा वह भी चपेट में आ सकता था। सूचना पर पहुंचे नायब तहसीलदार ने घटना की जांच कर पशुपालक को मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया।
शुक्रवार को भैंसोड़ बलाय पहाड़ गांव के तालाब टोला निवासी प्राणनाथ कोल की 30 बकरियों को चराने के लिए उनका पुत्र सुधीर कोल जंगल की तरफ ले गया था। दोपहर में करीब एक बजे गरज-चमक के साथ बारिश शुरू होने पर सभी बकरियां बारिश से बचने के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित एक चट्टान के नीचे जाकर बैठ गईं। उसी दौरान चट्टान के पास बिजली गिर पड़ी। उसकी चपेट में आने से 26 बकरियों की मौके पर मौत हो गई, जबकि चार बकरियां झुलस गईं। ग्राम प्रधान पति संते कोल ने घटना की सूचना लेखपाल व पशु चिकित्साधिकारी को दी। सूचना पर नायब तहसीलदार राम नारायण वर्मा ने घटना स्थल पर पहुंचकर जांच पड़ताल की। पशु चिकित्साधिकारी हलिया डाॅ. कमलेश कुमार व डाॅ. विपुल राय ने झुलसी बकरियों का उपचार किया। नायब तहसीलदार राम नारायण वर्मा ने बताया कि पशुपालक को शासन द्वारा नियमानुसार क्षतिपूर्ति दिलाई जाएगी।
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मड़िहान थाना क्षेत्र के गुरुदेव नगर आश्रम में शुक्रवार को दोपहर में धान की रोपाई चल रही थी। कालोनी निवासी सुखई (75) अपने पुत्र राकेश (35) और गांव निवासी छोटेलाल (62) के साथ मेड़बंदी करने गए थे। पास में बाबा राहत प्रकाश (65) भी खड़े थे। शुक्रवार को दोपहर में लगभग एक बजे गरज चमक के साथ बारिश होने के दौरान बिजली गिर गई। इस दौरान बिजली की चपेट में आने से राकेश का सिर फट गया और वे जमीन पर गिर गए। चीख पुकार सुनकर आसपास के लोग दौड़कर पहुंच गए। राकेश समेत चारों लोगाें को सीएचसी ले जाया गया। जहां डाॅक्टर ने राकेश को मृत घोषित कर दिया। मौत की खबर से परिजनों में कोहराम मच गया। राकेेश से चार पुत्र हैं। मड़िहान थानाध्यक्ष शैलेश राय ने बताया कि बिजली की चपेट में आकर एक श्रमिक की मौत हो गई। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।
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उधर, पटेहरा क्षेत्र के गेरुआही गांव निवासी सुलेखा (36) अपने पालतू मवेशियों को लेकर सिवान में चराने गई थीं। अचानक बारिश होने लगी। बारिश के दौरान वे महुआ के पेड़ के नीचे खड़ी हो गईं। तभी तेज चमक-गरज के साथ बिजली गिरी। बिजली की चपेट में आकर सुलेखा अचेत होकर गिर गईं। परिजन एंबुलेंस से उन्हें पीएचसी पटेहरा ले गए। डाॅ. राजकुमार ने बताया कि सुलेखा खतरे से बाहर हैं।
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उधर, ड्रमंडगंज थाना क्षेत्र के बबुरा रघुनाथ गांव के धराना बस्ती निवासी बरकत अली की (17) वर्षीय पुत्री नाजरीन बारिश के दौरान अपने मड़हे में बैठी थीं। उसी दौरान मड़हे के पास नीम के पेड़ पर बिजली गिर पड़ी। उसकी चपेट आकर नाजरीन अचेत हो गईं। परिजन तत्काल उपचार के लिए स्थानीय चिकित्सक के पास ले गए। अब किशोरी की हालत सामान्य बताई जा रही है।
उधर, ड्रमंडगंज थाना क्षेत्र के भैसोड़ बलाय पहाड़ गांव में शुक्रवार को दोपहर में जंगल में चरने गई बकरियों पर बिजली गिर गई। बिजली की चपेट में आने से 26 बकरियों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि चार बकरियां झुलस गईं। संयोग था कि पशुपालक का पुत्र बकरियों से करीब दो सौ मीटर दूर नेशनल हाईवे के किनारे स्थित एक मड़हे में बारिश से बचने के लिए पहुंच गया था, अन्यथा वह भी चपेट में आ सकता था। सूचना पर पहुंचे नायब तहसीलदार ने घटना की जांच कर पशुपालक को मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया।
शुक्रवार को भैंसोड़ बलाय पहाड़ गांव के तालाब टोला निवासी प्राणनाथ कोल की 30 बकरियों को चराने के लिए उनका पुत्र सुधीर कोल जंगल की तरफ ले गया था। दोपहर में करीब एक बजे गरज-चमक के साथ बारिश शुरू होने पर सभी बकरियां बारिश से बचने के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित एक चट्टान के नीचे जाकर बैठ गईं। उसी दौरान चट्टान के पास बिजली गिर पड़ी। उसकी चपेट में आने से 26 बकरियों की मौके पर मौत हो गई, जबकि चार बकरियां झुलस गईं। ग्राम प्रधान पति संते कोल ने घटना की सूचना लेखपाल व पशु चिकित्साधिकारी को दी। सूचना पर नायब तहसीलदार राम नारायण वर्मा ने घटना स्थल पर पहुंचकर जांच पड़ताल की। पशु चिकित्साधिकारी हलिया डाॅ. कमलेश कुमार व डाॅ. विपुल राय ने झुलसी बकरियों का उपचार किया। नायब तहसीलदार राम नारायण वर्मा ने बताया कि पशुपालक को शासन द्वारा नियमानुसार क्षतिपूर्ति दिलाई जाएगी।