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महिलाओं ने शराब की भट्ठियां तोड़ीं
ब्यूरो/ अमर उजाला/ मिर्जापुर
Updated Thu, 30 Mar 2017 12:58 AM IST
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शराब का विरोध
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राष्ट्रीय आजीविका मिशन पियरी भीट की महिलाए ने शराब बंदी का पीड़ा उठाते हुए विंध्याचल थाना क्षेत्र के के तिनपौलिया विजयपुर में बुधवार को आधा दर्जन शराब की भटिठयों को तोड़ते हुए भारी संख्या में लहन नष्ट किया। हालांकि इस दौरान अवैध शराब व्यवसाय से जुड़ी महिलाओ व समूह की महिलाओं के बीच शराब बंदी का विरोध जताने पर जमकर मारपीट हुई। पुलिस के पहुंचने पर सभी आरोपी वहां से भाग निकले।
हरियाली आजीविका मिशन समूह सखी अर्चना देवी पडेसी गांव पियरी भीट की है। बताया कि क्षेत्र के तीनपौलिया विजयपुर गांव के लोग मेहनत मजदूरी कर परिवार चलते है। लेकिन वर्षो से इस इलाके में दर्जनों अवैध शराब की दूकाने संचालित होने के चलते यहां के लोग मजदूरी का पैसा घर में खर्च करने की बजाय शराब में उड़ा देते है। इतना ही नहीं इस इलाके में जहरीली शराब भी बनाई जाती है। जिससे गांव के बच्चे, युवा नशाखोरी की जद में आकर आए दिन घर में महिलाओं के साथ मारपीट कर अशांति फैलाने का काम करते रहते है। सारी कमाई शराब की दूकान को देने पर उनकी हालत खराब होती जा रही है। परिवार चलाना उनके लिए मुश्किल साबित हो रहा है।
उनकी इस दयनीय स्थिति को देखकर समूह कि लगभग 25 महिलाओं ने एक साथ अवैध शराब की दुकाने स्वयं बंद कराने का निर्णय लिया। बुधवार को सभी इकट्ठा होकर तिनपौलिया पहुंची और शराब की भटिठयों को तोड़ते हुए लहन बरामद कर नष्ट कराया। हालांकि इस दौरान शराब के धंधे में शामिल महिलाओं ने समूह की महिलाओं को भटिठया तोड़ने से मना किया। फिर भी लोग नहीं मानी तो उनके साथ मारपीट की। घटना की सूचना तत्काल सौ नंबर व गैपुरा पुलिस को दी गई तो दोनों स्थानों की पुलिस आई और समूह की महिलाओं का सहयोग किया।
हरियाली आजीविका मिशन समूह सखी अर्चना देवी पडेसी गांव पियरी भीट की है। बताया कि क्षेत्र के तीनपौलिया विजयपुर गांव के लोग मेहनत मजदूरी कर परिवार चलते है। लेकिन वर्षो से इस इलाके में दर्जनों अवैध शराब की दूकाने संचालित होने के चलते यहां के लोग मजदूरी का पैसा घर में खर्च करने की बजाय शराब में उड़ा देते है। इतना ही नहीं इस इलाके में जहरीली शराब भी बनाई जाती है। जिससे गांव के बच्चे, युवा नशाखोरी की जद में आकर आए दिन घर में महिलाओं के साथ मारपीट कर अशांति फैलाने का काम करते रहते है। सारी कमाई शराब की दूकान को देने पर उनकी हालत खराब होती जा रही है। परिवार चलाना उनके लिए मुश्किल साबित हो रहा है।
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उनकी इस दयनीय स्थिति को देखकर समूह कि लगभग 25 महिलाओं ने एक साथ अवैध शराब की दुकाने स्वयं बंद कराने का निर्णय लिया। बुधवार को सभी इकट्ठा होकर तिनपौलिया पहुंची और शराब की भटिठयों को तोड़ते हुए लहन बरामद कर नष्ट कराया। हालांकि इस दौरान शराब के धंधे में शामिल महिलाओं ने समूह की महिलाओं को भटिठया तोड़ने से मना किया। फिर भी लोग नहीं मानी तो उनके साथ मारपीट की। घटना की सूचना तत्काल सौ नंबर व गैपुरा पुलिस को दी गई तो दोनों स्थानों की पुलिस आई और समूह की महिलाओं का सहयोग किया।
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