{"_id":"655bac073ae571f02f030494","slug":"wish-good-luck-by-offering-arghya-to-the-rising-sun-mirzapur-news-c-192-1-svns1034-8683-2023-11-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mirzapur News: उगते सूर्य को अर्घ्य देकर की मंगल कामना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mirzapur News: उगते सूर्य को अर्घ्य देकर की मंगल कामना
विज्ञापन
मिर्जापुर। उगते सूर्य को अर्घ्य देने के लिए सोमवार को विभिन्न गंगा घाटों पर महिलाओं का सैलाब उमड़ पड़ा। आकाश में लालिमा दिखते ही भगवान सूर्य व छठी मइया के जयकारे से गंगा घाट गूंज उठे। व्रती महिलाओं ने उगते सूर्य को अर्घ्य देकर कठिन व्रत का समापन किया।
डाला छठ महापर्व के अंतिम दिन सोमवार को सुबह उगते सूर्य को अर्घ्य देने के लिए मध्य रात्रि के बाद से गी गंगा घाटों की ओर महिलाओं के आने का सिलसिला शुरू हो गया। नगर के बरियाघाट, पक्काघाट, सुंदरघाट, बाबाघाट, नारघाट, कचहरीघाट, फतहां घाट पहुंचीं महिलाएं भोर से ही कमर भर पानी में खड़े होकर भगवान सूर्य के उदय होने का इंतजार करने लगीं। देखते ही देखते सभी गंगा घाट महिलाओं से पट गए। सुबह सूर्य की पहली किरण धरती पर पड़ते ही महिलाओं ने अर्घ्य देकर पुत्र के लंबी उम्र की कामना की। विंध्य धाम क्षेत्र में भी पक्काघाट, दिवान घाट सहित अन्य गंगा घाटों पर उगते सूर्य को अर्घ्य दिया गया। ईख से मंडप तैयार कर घाटों के किनारे वेदी बनाकर छठी मइया व भगवान सूर्य देव की पूजा-अर्चना की गई। अर्घ्य के दौरान गंगा घाटों पर सुरक्षा के व्यापक प्रबंध किए गए थे। कांस्टेबल के साथ ही महिला सुरक्षाकर्मी भी मौजूद रहीं।
उधर, उगते सूर्य को अर्घ्य देने के लिए बरियाघाट सहित अन्य गंगा घाटों पर अपना स्थान सुरक्षित करने के लिए पूर्व संध्या पर व्रती महिला श्रद्धालुओं ने परिजनों के साथ डेरा डाल लिया। व्रती महिलाएं ठंड के बीच रात में घाटों पर ही डटी रहीं। भोर में भीड़ बढ़ते ही महिलाएं ठंडे पानी में सूर्योदय की प्रतीक्षा करने लगीं। शुक्लहा निवासी वंदना पत्नी शीतला प्रसाद का कहना था कि पिछले आठ साल से गंगाघाट पर जागरण कर भगवान सूर्य को अर्घ्य दे रही हैं। उधर, ग्रामीण इलाकों में भी छठ पर्व पर व्रती महिलाओं ने सोमवार को सुबह उगते सूर्य को अर्घ्य देकर व्रत का समापन किया। चुनार के बावन जी घाट, शिवाला घाट, किला घाट, संतोषी माता मंदिर घाट, बालूघाट, रामघाट सहित अन्य गंगा घाटों पर महिलाओं ने उगते सूर्य को अर्घ्य दिया। व्रती महिलाओं के साथ ही परिवार के अन्य महिलाओं ने भी उगते सूर्य को अर्घ्य देकर पुत्र के दीर्घायु होने की कामना की। अर्घ्य देने के बाद महिलाएं हाथों में दीपक और परिवार के पुरुष सिर पर प्रसाद लेकर घर लौटे। पूजन के दौरान गंगाघाट पर मेले जैसा माहौल नजारा रहा। व्रती महिलाओं की सुविधाओं का ध्यान रखते हुए नगर पालिका अध्यक्ष मंसूर अहमद के निर्देश पर गंगा में बैरिकेडिंग, घाट पर वस्त्र बदलने के लिए जगह-जगह पंडाल, प्रकाश की व्यवस्था की गई थी। अधिशासी अधिकारी राजपति बैस, जलकल अवर अभियंता सौरभ सिंह आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
उधर, अदलहाट व अहरौरा क्षेत्र में भी उगते सूर्य को अर्घ्य देने के लिए व्रती महिलाएं घंटों पानी में खड़ी रहीं। अदलहाट में फल-फूल तथा प्रसाद से सजी दउरी, ईख के साथ भोर में डीजे और ढोल ताशा के साथ भोर में छठ गीत गुनगुनाते हुए महिलाएं व परिवार के सदस्य सरोवर तट पहुंचे। सुबह उगते सूर्य को अर्घ्य देने के बाद महिलाओं ने घर पहुंचकर व्रत का पारण किया। अहरौरा क्षेत्र में विभिन्न तालाबों, पोखरा के पानी में भोर में खड़े होकर महिलाओं ने उगते सूर्य को अर्घ्य दिया। पोखरों पर साफ सफाई, पेयजल, प्रकाश का प्रबंध किया गया। भोर से ही उगते सूर्य को अर्घ्य देने के लिए महिलाएं सरोवर तट पहुंचने लगीं। पोखरा सहुआईन में छठ पर्व को लेकर काफी संख्या में लोगों की भीड़ जुटी रही। राम सागर, पियरवा पोखरा, मिश्र पोखरा, दुर्गा मंदिर पर स्थित तालाब के घाटों पर डीजे की धुन पर आस्थावान थिरकते हुए पहुंचे। उगते सूर्य को अर्घ्य देकर महिलाएं हाथों में कलश पर जलते दीपक के साथ छठ गीत गाती हुईं अपने-अपने घरों को रवाना हुईं।
विज्ञापन
डाला छठ महापर्व के अंतिम दिन सोमवार को सुबह उगते सूर्य को अर्घ्य देने के लिए मध्य रात्रि के बाद से गी गंगा घाटों की ओर महिलाओं के आने का सिलसिला शुरू हो गया। नगर के बरियाघाट, पक्काघाट, सुंदरघाट, बाबाघाट, नारघाट, कचहरीघाट, फतहां घाट पहुंचीं महिलाएं भोर से ही कमर भर पानी में खड़े होकर भगवान सूर्य के उदय होने का इंतजार करने लगीं। देखते ही देखते सभी गंगा घाट महिलाओं से पट गए। सुबह सूर्य की पहली किरण धरती पर पड़ते ही महिलाओं ने अर्घ्य देकर पुत्र के लंबी उम्र की कामना की। विंध्य धाम क्षेत्र में भी पक्काघाट, दिवान घाट सहित अन्य गंगा घाटों पर उगते सूर्य को अर्घ्य दिया गया। ईख से मंडप तैयार कर घाटों के किनारे वेदी बनाकर छठी मइया व भगवान सूर्य देव की पूजा-अर्चना की गई। अर्घ्य के दौरान गंगा घाटों पर सुरक्षा के व्यापक प्रबंध किए गए थे। कांस्टेबल के साथ ही महिला सुरक्षाकर्मी भी मौजूद रहीं।
विज्ञापन
उधर, उगते सूर्य को अर्घ्य देने के लिए बरियाघाट सहित अन्य गंगा घाटों पर अपना स्थान सुरक्षित करने के लिए पूर्व संध्या पर व्रती महिला श्रद्धालुओं ने परिजनों के साथ डेरा डाल लिया। व्रती महिलाएं ठंड के बीच रात में घाटों पर ही डटी रहीं। भोर में भीड़ बढ़ते ही महिलाएं ठंडे पानी में सूर्योदय की प्रतीक्षा करने लगीं। शुक्लहा निवासी वंदना पत्नी शीतला प्रसाद का कहना था कि पिछले आठ साल से गंगाघाट पर जागरण कर भगवान सूर्य को अर्घ्य दे रही हैं। उधर, ग्रामीण इलाकों में भी छठ पर्व पर व्रती महिलाओं ने सोमवार को सुबह उगते सूर्य को अर्घ्य देकर व्रत का समापन किया। चुनार के बावन जी घाट, शिवाला घाट, किला घाट, संतोषी माता मंदिर घाट, बालूघाट, रामघाट सहित अन्य गंगा घाटों पर महिलाओं ने उगते सूर्य को अर्घ्य दिया। व्रती महिलाओं के साथ ही परिवार के अन्य महिलाओं ने भी उगते सूर्य को अर्घ्य देकर पुत्र के दीर्घायु होने की कामना की। अर्घ्य देने के बाद महिलाएं हाथों में दीपक और परिवार के पुरुष सिर पर प्रसाद लेकर घर लौटे। पूजन के दौरान गंगाघाट पर मेले जैसा माहौल नजारा रहा। व्रती महिलाओं की सुविधाओं का ध्यान रखते हुए नगर पालिका अध्यक्ष मंसूर अहमद के निर्देश पर गंगा में बैरिकेडिंग, घाट पर वस्त्र बदलने के लिए जगह-जगह पंडाल, प्रकाश की व्यवस्था की गई थी। अधिशासी अधिकारी राजपति बैस, जलकल अवर अभियंता सौरभ सिंह आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
उधर, अदलहाट व अहरौरा क्षेत्र में भी उगते सूर्य को अर्घ्य देने के लिए व्रती महिलाएं घंटों पानी में खड़ी रहीं। अदलहाट में फल-फूल तथा प्रसाद से सजी दउरी, ईख के साथ भोर में डीजे और ढोल ताशा के साथ भोर में छठ गीत गुनगुनाते हुए महिलाएं व परिवार के सदस्य सरोवर तट पहुंचे। सुबह उगते सूर्य को अर्घ्य देने के बाद महिलाओं ने घर पहुंचकर व्रत का पारण किया। अहरौरा क्षेत्र में विभिन्न तालाबों, पोखरा के पानी में भोर में खड़े होकर महिलाओं ने उगते सूर्य को अर्घ्य दिया। पोखरों पर साफ सफाई, पेयजल, प्रकाश का प्रबंध किया गया। भोर से ही उगते सूर्य को अर्घ्य देने के लिए महिलाएं सरोवर तट पहुंचने लगीं। पोखरा सहुआईन में छठ पर्व को लेकर काफी संख्या में लोगों की भीड़ जुटी रही। राम सागर, पियरवा पोखरा, मिश्र पोखरा, दुर्गा मंदिर पर स्थित तालाब के घाटों पर डीजे की धुन पर आस्थावान थिरकते हुए पहुंचे। उगते सूर्य को अर्घ्य देकर महिलाएं हाथों में कलश पर जलते दीपक के साथ छठ गीत गाती हुईं अपने-अपने घरों को रवाना हुईं।