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जब जिम्मेदार ही बेपरवाह तो गरीबों को कैसे मिले आशियाना
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जिले में आसरा योजना के तहत करीब दो दर्जन लोगों को आवास आवंटन का इंतजार है। जिला नगरीय विकास अभिकरण की तरफ से अहरौरा व कछवां में इस योजना के तहत आवास निर्माण का काम पूरा होने के बावजूद लाभार्थियों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। अहरौरा में अभी तक आवास का आवंटन ही नहीं हो सका है, जबकि कछवां में निर्माण कार्य पूरा होने के बाद भी 48 में से 24 का आवंटन अब तक नहीं किया गया है।
अहरौरा क्षेत्र में गरीबों को छत मुहैया कराने के लिए बनी आसरा योजना के तहत आवास निर्माण का कार्य आठ साल में पूरा तो कर लिया गया, लेकिन विभागीय अधिकारियों की लापरवाही के चलते अब तक जरूरतमंदों को उसका आवंटन नहीं किया गया है। अहरौरा के पट्टी कला इलाके में आठ वर्ष पूर्व आसरा के तहत 72 आवासों के निर्माण का कार्य शुरू किया गया था। कार्यदायी संस्था और संबंधित विभाग की लापरवाही के कारण आवास निर्माण में लंबा समय लग गया। इस बीच पहली बार जब प्रदेश में योगी आदित्यनाथ की सरकार बनी तो निर्माण कार्य में तेजी आई। इसके बाद 48 आवासों का निर्माण पूरा कराकर उसका आवंटन कर दिया गया। बचे हुए 24 आवासों के निर्माण का कार्य भी धीमी गति से चलता रहा। निर्माण पूरा होने के बाद अब कार्यदायी संस्था ने पालिका प्रशासन को आवास हैंडओवर कर दिया है। डूडा की तरफ से पात्र लाभार्थियों की सूची भी तैयार कर ली गई है, आवंटन अब तक नहीं किया जा सका है।
नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी नवनीत सिंह ने बताया कि आसरा आवास की बिल्डिंग पालिका को हैंडओवर हो चुकी है। आवंटन के लिए डूडा की तरफ से तिथि का निर्धारण नहीं किया गया है। इसके चलते चयनित लाभार्थियों को आवास का आवंटन नहीं हो सका है। जल्द ही आवास का आवंटन शुरू किया जाएगा।
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उधर, कछवां नगर पंचायत के सिंचाई विभाग परिसर केे पास आसरा योजना के तहत बने आवासों की स्थिति खराब हो गई है। नगर पंचायत के सिंचाई विभाग परिसर के पास आसरा योजना के तहत आवासों का निर्माण कराया गया था। यहां 125 आवास बने हैं। जिसमें से 11 लोगों को डूडा की तरफ से आवास आवंटन भी कर दिया गया है, जबकि अन्य आवास अब भी अधूरे पड़े हैं। आवास में न तो खिड़की है और न ही दरवाजा लगे हैं। अभी आवासों में दीवार पर प्लास्टर भी नहीं किया गया है। आवासों में न तो पानी की सुविधा है और न ही शौचालय की। इसके बावजूद भी डूडा ने जल्दबाजी में 11 लोगों को आवास आवंटन कर दिया। आवासीय परिसर में नियमित साफ-सफाई की व्यवस्था भी नहीं है। आसरा आवास के बगल में ही कूड़े का ढेर लग गया है।
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अहरौरा क्षेत्र में गरीबों को छत मुहैया कराने के लिए बनी आसरा योजना के तहत आवास निर्माण का कार्य आठ साल में पूरा तो कर लिया गया, लेकिन विभागीय अधिकारियों की लापरवाही के चलते अब तक जरूरतमंदों को उसका आवंटन नहीं किया गया है। अहरौरा के पट्टी कला इलाके में आठ वर्ष पूर्व आसरा के तहत 72 आवासों के निर्माण का कार्य शुरू किया गया था। कार्यदायी संस्था और संबंधित विभाग की लापरवाही के कारण आवास निर्माण में लंबा समय लग गया। इस बीच पहली बार जब प्रदेश में योगी आदित्यनाथ की सरकार बनी तो निर्माण कार्य में तेजी आई। इसके बाद 48 आवासों का निर्माण पूरा कराकर उसका आवंटन कर दिया गया। बचे हुए 24 आवासों के निर्माण का कार्य भी धीमी गति से चलता रहा। निर्माण पूरा होने के बाद अब कार्यदायी संस्था ने पालिका प्रशासन को आवास हैंडओवर कर दिया है। डूडा की तरफ से पात्र लाभार्थियों की सूची भी तैयार कर ली गई है, आवंटन अब तक नहीं किया जा सका है।
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नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी नवनीत सिंह ने बताया कि आसरा आवास की बिल्डिंग पालिका को हैंडओवर हो चुकी है। आवंटन के लिए डूडा की तरफ से तिथि का निर्धारण नहीं किया गया है। इसके चलते चयनित लाभार्थियों को आवास का आवंटन नहीं हो सका है। जल्द ही आवास का आवंटन शुरू किया जाएगा।
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उधर, कछवां नगर पंचायत के सिंचाई विभाग परिसर केे पास आसरा योजना के तहत बने आवासों की स्थिति खराब हो गई है। नगर पंचायत के सिंचाई विभाग परिसर के पास आसरा योजना के तहत आवासों का निर्माण कराया गया था। यहां 125 आवास बने हैं। जिसमें से 11 लोगों को डूडा की तरफ से आवास आवंटन भी कर दिया गया है, जबकि अन्य आवास अब भी अधूरे पड़े हैं। आवास में न तो खिड़की है और न ही दरवाजा लगे हैं। अभी आवासों में दीवार पर प्लास्टर भी नहीं किया गया है। आवासों में न तो पानी की सुविधा है और न ही शौचालय की। इसके बावजूद भी डूडा ने जल्दबाजी में 11 लोगों को आवास आवंटन कर दिया। आवासीय परिसर में नियमित साफ-सफाई की व्यवस्था भी नहीं है। आसरा आवास के बगल में ही कूड़े का ढेर लग गया है।