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मौसम ने दिया साथ, लोगो ने देखा सूर्यग्रहण का नजारा
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अपनी छत से सूर्यग्रहण को देखते लोग ।
- फोटो : MIRZAPUR
मिर्जापुर। रविवार अमावस्या पर लगने वाला कंकणाकृति खंडग्रास सूर्य ग्रहण का नजारा देखने के लिए लोग खाली स्थानों पर डटे रहे। भारतीय मानक समयानुसार, सूर्य ग्रहण सुबह 9 बजकर 15 मिनट पर लगा जो शाम 3 बजकर 4 मिनट तक लगा रहा। दोपहर 12 बजकर 10 मिनट पर पूर्ण ग्रहण को देखने के लिए लोग आसमान की ओर निगांह गड़ाए रहे।
नगर मे सूर्य ग्रहण अवधि के दौरान सड़को पर सड़को पर सन्नाटा सा पसरा रहा। ग्राम्यांचलो में स्थित बाग और बगीचे में चिड़ियों का कोलाहल तक थमा रहा। लेकिन छतों और बालकनियों पर लोग काला चश्मा व गाढ़े रंग के काले पारदर्शी शीशे के सहारे बीच-बीच में सूर्य को निहारते रहे। बच्चों में सूर्य ग्रहण को लेकर कौतूहल बना रहा। वे झुंड के साथ सिवानों में डटे रहे।
विंध्याचल। सूर्य ग्रहण के दौरान मां विंध्यवासिनी मंदिर परिसर मे पुरोहितों ने माता की आराधना कर ग्रहणकाल मे झांकी पर पर्दा लगा दिया। ग्रहण की समाप्ति के पश्चात पर्दा को हटाया गया। सूर्य ग्रहणकाल के दौरान मंदिर परिसर में मौजूद तमाम पुरोहितो देवी की स्तुति करने मे जुटे रहे। ग्रहण समाप्ति के पश्चात गंगा स्नान-ध्यान किया।
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क्षेत्र के विभिन्न गंगाघाटों पर भारी संख्या मे स्थानीय लोग जमे रहे। गुदाराघाट, अखाड़ा घाट, पक्का घाट, दीवान घाट इत्यादि जगहों पर भारी संख्या में लोग स्नान व ध्यान मे जुटे रहे। इस दौरान घाटो पर मौजूद पुरोहितो अन्न, वस्त्र व धन दान किए। गंगा स्नान के पश्चात मंदिर तक न पहुंचने वाले श्रद्धालु दूर से ही गलियों में ही माता को नमन कर अपने-अपने घरो की ओर प्रस्थान कर गए।
सूर्य ग्रहण के दौरान रविवार को अष्टभुजा पहाड़ पर सीता कुंड के पास स्थित बंगाली माता के आश्रम में भक्तो की ओर से भजन कीर्तन किया गया। सोशल डिस्टेसिंग का पालन करते हुए लगभग 4 घंटे तक लगातार मां की आराधना भजन कीर्तन के माध्यम से किया गया। इस दौरान मुख्य रूप से छबीले, आनंद, गामा शुक्ला, दीपक पांडेय, शिवनंदन त्रिपाठी, गणेश महाराज आदि कई लोग मौजूद रहे।
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नगर मे सूर्य ग्रहण अवधि के दौरान सड़को पर सड़को पर सन्नाटा सा पसरा रहा। ग्राम्यांचलो में स्थित बाग और बगीचे में चिड़ियों का कोलाहल तक थमा रहा। लेकिन छतों और बालकनियों पर लोग काला चश्मा व गाढ़े रंग के काले पारदर्शी शीशे के सहारे बीच-बीच में सूर्य को निहारते रहे। बच्चों में सूर्य ग्रहण को लेकर कौतूहल बना रहा। वे झुंड के साथ सिवानों में डटे रहे।
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विंध्याचल। सूर्य ग्रहण के दौरान मां विंध्यवासिनी मंदिर परिसर मे पुरोहितों ने माता की आराधना कर ग्रहणकाल मे झांकी पर पर्दा लगा दिया। ग्रहण की समाप्ति के पश्चात पर्दा को हटाया गया। सूर्य ग्रहणकाल के दौरान मंदिर परिसर में मौजूद तमाम पुरोहितो देवी की स्तुति करने मे जुटे रहे। ग्रहण समाप्ति के पश्चात गंगा स्नान-ध्यान किया।
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क्षेत्र के विभिन्न गंगाघाटों पर भारी संख्या मे स्थानीय लोग जमे रहे। गुदाराघाट, अखाड़ा घाट, पक्का घाट, दीवान घाट इत्यादि जगहों पर भारी संख्या में लोग स्नान व ध्यान मे जुटे रहे। इस दौरान घाटो पर मौजूद पुरोहितो अन्न, वस्त्र व धन दान किए। गंगा स्नान के पश्चात मंदिर तक न पहुंचने वाले श्रद्धालु दूर से ही गलियों में ही माता को नमन कर अपने-अपने घरो की ओर प्रस्थान कर गए।
सूर्य ग्रहण के दौरान रविवार को अष्टभुजा पहाड़ पर सीता कुंड के पास स्थित बंगाली माता के आश्रम में भक्तो की ओर से भजन कीर्तन किया गया। सोशल डिस्टेसिंग का पालन करते हुए लगभग 4 घंटे तक लगातार मां की आराधना भजन कीर्तन के माध्यम से किया गया। इस दौरान मुख्य रूप से छबीले, आनंद, गामा शुक्ला, दीपक पांडेय, शिवनंदन त्रिपाठी, गणेश महाराज आदि कई लोग मौजूद रहे।