{"_id":"6324c921c5088a7930482ba5","slug":"water-will-be-released-from-dongia-reservoir-for-irrigation-mirzapur-news-vns674585565","type":"story","status":"publish","title_hn":"सिंचाई के लिए डोंगिया जलाशय से छोड़ा जाएगा पानी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सिंचाई के लिए डोंगिया जलाशय से छोड़ा जाएगा पानी
विज्ञापन
अहरौरा। धान की फसल की सिंचाई और नहरों के संचालन को लेकर शुक्रवार को अहरौरा जलाशय पर मेन कैनाल समिति की बैठक हुई। इसमें डोंगिया जलाशय से हाई चैनल के मेन कैनाल की नहर में पांच दिन तक पानी छोड़े जाने का निर्णय लिया गया।
बैठक में किसानों ने प्रस्ताव रखा कि बरसात के अभाव में सूख रही धान की फसलों की सिंचाई के लिए डोंगिया जलाशय से मेन कैनाल की नहरों से पानी छोड़ना आवश्यक है। चर्चा के बाद आम सहमति बन गई किसानों की मांग को ध्यान में रखते हुए मेन कैनाल समिति ने पानी छोड़ने का निर्णय लेते हुए गरई प्रणाली के समस्त नहरों का संचालन 5 अक्टूबर से शुरू करने की घोषणा कर दी। भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश सचिव सिद्धनाथ सिंह ने कहा कि अहरौरा जलाशय में सिंचाई के लिए डोंगिया जलाशय में मात्र 16 दिन तथा अहरौरा जलाशय में मात्र 10 दिन का पानी शेष है। धान की फसलों को बचाते हुए गेहूं की फसल और पैदावार के दृष्टिगत पानी की कमी को देखते हुए आवश्यकतानुसार ही नहरों को खोलने की जरूरत है। प्रदेश सचिव प्रह्लाद सिंह ने कहा कि अनावश्यक रूप से जगह-जगह नहर काटकर पानी को बर्बाद होने से बचाने की जिम्मेदारी हम किसानों की है। कहा कि पटिहटा माइनर से जुड़े हुए लिफ्ट कैनाल को 20 सितंबर से शुरू करा दिया जाए तथा धुरियां माइनर में मानक के विपरीत बिछाई गई पाइप लाइन को तत्काल दुरुस्त कराया जाय। इस दौरान भाकियू जिलाध्यक्ष कंचन सिंह फौजी, राम आसरे, बीरबल, राम श्रृंगार सिंह, रामचंद्र, परशु राम, शिव प्रसाद सिंह, अवधेश सिंह, विरेंद्र सिंह, सेचन सिंह सहित अन्य किसान उपस्थित रहे।
विज्ञापन
बैठक में किसानों ने प्रस्ताव रखा कि बरसात के अभाव में सूख रही धान की फसलों की सिंचाई के लिए डोंगिया जलाशय से मेन कैनाल की नहरों से पानी छोड़ना आवश्यक है। चर्चा के बाद आम सहमति बन गई किसानों की मांग को ध्यान में रखते हुए मेन कैनाल समिति ने पानी छोड़ने का निर्णय लेते हुए गरई प्रणाली के समस्त नहरों का संचालन 5 अक्टूबर से शुरू करने की घोषणा कर दी। भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश सचिव सिद्धनाथ सिंह ने कहा कि अहरौरा जलाशय में सिंचाई के लिए डोंगिया जलाशय में मात्र 16 दिन तथा अहरौरा जलाशय में मात्र 10 दिन का पानी शेष है। धान की फसलों को बचाते हुए गेहूं की फसल और पैदावार के दृष्टिगत पानी की कमी को देखते हुए आवश्यकतानुसार ही नहरों को खोलने की जरूरत है। प्रदेश सचिव प्रह्लाद सिंह ने कहा कि अनावश्यक रूप से जगह-जगह नहर काटकर पानी को बर्बाद होने से बचाने की जिम्मेदारी हम किसानों की है। कहा कि पटिहटा माइनर से जुड़े हुए लिफ्ट कैनाल को 20 सितंबर से शुरू करा दिया जाए तथा धुरियां माइनर में मानक के विपरीत बिछाई गई पाइप लाइन को तत्काल दुरुस्त कराया जाय। इस दौरान भाकियू जिलाध्यक्ष कंचन सिंह फौजी, राम आसरे, बीरबल, राम श्रृंगार सिंह, रामचंद्र, परशु राम, शिव प्रसाद सिंह, अवधेश सिंह, विरेंद्र सिंह, सेचन सिंह सहित अन्य किसान उपस्थित रहे।
विज्ञापन