{"_id":"82513420b2314cab277c6cb17e524535","slug":"water-district-went-to-people-s-expectations-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"जिले के लोगों की उम्मीदों पर फिरा पानी ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जिले के लोगों की उम्मीदों पर फिरा पानी
ब्यूरो/अमर उजाला/ मिर्जापुर
Updated Fri, 26 Feb 2016 12:35 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
उम्मीद तो बहुत लगाई थी लेकिन गुरुवार को जैसे ही रेल बजट पेश किया गया वैसे ही जिले की जनता की उम्मीद धरी की धरी रह गई।
इस बार भी रेल मंत्री द्वारा बजट में विंध्याचल मंडल को नजर अंदाज करते हुए कुछ नहीं दिया गया। रेलमंत्री द्वारा विंध्याचल मंडल को नजर अंदाज करने से एक बार फिर मिर्जापुर को सुविधा मिलने से वंचित हो गया।
बता दें कि जनपद के लोगों ने इस बार रेल बजट से काफी उम्मीदें लगाई थीं। सोचा था कि भाजपा की सरकार में मिर्जापुर जिले को कुछ न कुछ मिलेगा लेकिन इस बार भी उनकी यह आस धरी की धरी रह गई।
काफी दिनों से यात्री रेलवे स्टेशन के दक्षिणी ओर निकास द्वार खोलने की मांग कर रहे हैं। जनरल तथा आरक्षण काउंटर पर दो और काउंटर की बढ़ाने की मांग की जा रही है।
विज्ञापन
भोजनालय, एसी रिटायरिंग रूम, मुगलसराय इलाहाबाद पैसेंजर को लखनऊ तक तथा इंटरसिटी को चुनार तक चलाने की मांग हो रही है। इसके अलावा काफी दिनों से मिर्जापुर में पटना नई दिल्ली राजधानी, नार्थईस्ट, महाबोधि, पुणे पटना, तथा सूरत के लिए एक और ट्रेन का ठहराव करने की मांग भी हो रही है।
वहंी पूर्व सांसद बाल कुमार पटेल व सांसद अनुप्रिया पटेल तथा राज्यमंत्री कैलाश चौरसिया ने अहरौरा में रेलवे लाइन बिछाने की मांग की है। इसके अलावा सबसे बड़ी समस्या ट्रेनों के परिचालन की है।
जिसमें अभी तक कोई भी सरकार सुधार नहीं कर पाई है। जिस ट्रेन को मिर्जापुर से इलाहाबाद पहुंचने में डेढ़ घंटे तथा मिर्जापुर से मुगलसराय पहुंचाने में 45 मिनट लगने चाहिए वह ट्रेन इलाहाबाद जाने में पांच घंटा तथा मुगलसराय जाने में तीन घंटा लेती है। इससे यात्रियों का समय को बर्बाद होता ही है उनका काम भी नहीं हो पाता है।
केंद्र सरकार को सबसे अधिक सांसद देने वाले यूपी को कुछ नहीं मिला। विंध्याचल मंडल के जिले को हर बार बजट के दौरान रेलमंत्री नजर अंदाज करते हैं। जबकि यहां विकास की अपार संभावनाए हैं।
पर्यटन स्थल काफी हैं, उद्योग लगाए जा सकते हैं। जिससे यात्रियों की संख्या में इजाफा हो सकता है हर बार जिले की जनता की उम्मीदारों पर रेलमंत्री पानी फेरते रहते हैं।
इस बार भी रेल मंत्री द्वारा बजट में विंध्याचल मंडल को नजर अंदाज करते हुए कुछ नहीं दिया गया। रेलमंत्री द्वारा विंध्याचल मंडल को नजर अंदाज करने से एक बार फिर मिर्जापुर को सुविधा मिलने से वंचित हो गया।
बता दें कि जनपद के लोगों ने इस बार रेल बजट से काफी उम्मीदें लगाई थीं। सोचा था कि भाजपा की सरकार में मिर्जापुर जिले को कुछ न कुछ मिलेगा लेकिन इस बार भी उनकी यह आस धरी की धरी रह गई।
विज्ञापन
काफी दिनों से यात्री रेलवे स्टेशन के दक्षिणी ओर निकास द्वार खोलने की मांग कर रहे हैं। जनरल तथा आरक्षण काउंटर पर दो और काउंटर की बढ़ाने की मांग की जा रही है।
विज्ञापन
भोजनालय, एसी रिटायरिंग रूम, मुगलसराय इलाहाबाद पैसेंजर को लखनऊ तक तथा इंटरसिटी को चुनार तक चलाने की मांग हो रही है। इसके अलावा काफी दिनों से मिर्जापुर में पटना नई दिल्ली राजधानी, नार्थईस्ट, महाबोधि, पुणे पटना, तथा सूरत के लिए एक और ट्रेन का ठहराव करने की मांग भी हो रही है।
वहंी पूर्व सांसद बाल कुमार पटेल व सांसद अनुप्रिया पटेल तथा राज्यमंत्री कैलाश चौरसिया ने अहरौरा में रेलवे लाइन बिछाने की मांग की है। इसके अलावा सबसे बड़ी समस्या ट्रेनों के परिचालन की है।
जिसमें अभी तक कोई भी सरकार सुधार नहीं कर पाई है। जिस ट्रेन को मिर्जापुर से इलाहाबाद पहुंचने में डेढ़ घंटे तथा मिर्जापुर से मुगलसराय पहुंचाने में 45 मिनट लगने चाहिए वह ट्रेन इलाहाबाद जाने में पांच घंटा तथा मुगलसराय जाने में तीन घंटा लेती है। इससे यात्रियों का समय को बर्बाद होता ही है उनका काम भी नहीं हो पाता है।
केंद्र सरकार को सबसे अधिक सांसद देने वाले यूपी को कुछ नहीं मिला। विंध्याचल मंडल के जिले को हर बार बजट के दौरान रेलमंत्री नजर अंदाज करते हैं। जबकि यहां विकास की अपार संभावनाए हैं।
पर्यटन स्थल काफी हैं, उद्योग लगाए जा सकते हैं। जिससे यात्रियों की संख्या में इजाफा हो सकता है हर बार जिले की जनता की उम्मीदारों पर रेलमंत्री पानी फेरते रहते हैं।