फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Mirzapur News ›   Voters boycotted the demand for road in Danti and Dhannupur

दांती और धन्नूपुर में सड़क की मांग को लेकर मतदाताओं ने किया वोट का बहिष्कार

Mon, 07 Mar 2022 11:10 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Mon, 07 Mar 2022 11:10 PM IST
विज्ञापन
Voters boycotted the demand for road in Danti and Dhannupur
पड़री/सीखड़ (मिर्जापुर)। मझवां एवं चुनार विधानसभा क्षेत्र के दांती और धन्नूपुर ग्राम पंचायत में गांव जाने के लिए सड़क न होने से नाराज ग्रामीणों ने सोमवार को मतदान का बहिष्कार किया। कहीं अधिकारियों के मान मनौव्वल का भी असर नहीं पड़ा तो कहीं दबाव डालकर वोट डलवाए गए। धन्नूपुर में समझाने-बुझाने पर ग्रामीणों ने मतदान किया।
विज्ञापन

पड़री, सड़क व पानी की मांग को लेकर दांती के ग्रामीणों ने सोमवार को विधानसभा चुनाव का बहिष्कार किया। वोट बहिष्कार की खबर मिलने पर पहुंचे एडीएम शिवप्रताप शुक्ला, एडिशनल एसपी संजय वर्मा, एसडीएम सदर चंद्रभानु सिंह, डीएफओ पीएस त्रिपाठी, डीपीआरओ अरविंद कुमार ने ग्रामीणों को काफी समझाया बुझाया। पर ग्रामीण मतदान को तैयार नहीं हुये। ऐसे में प्रशासनिक अमला के दबाव में शिक्षामित्र, आशा, आंगनबाड़ी, वन वाचर, रोजगार सेवक सहित 16 लोगों ने मतदान किया जबकि 2488 मतदाता हैं।
विज्ञापन

पहाड़ी विकास खंड के दक्षिणांचल में पहाड़ पर बसे दांती ग्राम पंचायत में आने व जाने के लिए दो किलोमीटर तक वन विभाग की जमीन है। जहां अनुमति वन विभाग की ओर से न मिलने से आजादी के दशकों बाद भी ग्रामीणों को ब्लाक मुख्यालय, अस्पताल, थाना व बैंक आदि तक जाने के लिए विंडमफाल, कोटवां व मिर्जापुर होकर 45 किलोमीटर दूर का चक्कर लगाकर ब्लाक मुख्यालय पहुंचना पड़ता है। जब की दो किलोमीटर जंगल की जमीन पर वन विभाग द्वारा अनुमति मिल जाती तो उनको ब्लाक मुख्यालय व राष्ट्रीय राजमार्ग पर आने में महज 10 किलोमीटर का सफर तय करना पड़ेगा। घंटो मशक्कत के बाद भी जब ग्रामीण मतदान को राजी नहीं हुए तो प्रशासनिक अमले से जुड़े कर्मियों को आगे कर 16 वोट डलवाकर प्रशासन ने अपनी साख बचाने का प्रयास किया। लोगों ने बताया कि यहां एंबुलेंस नहीं आती। वे खराब सड़क के पहले ही रुक जाते हैँ और परिजनों को मरीज वहां लाने की बात कहते हैं। गर्भवती को अस्पताल ले जाने या मरीज का इलाज करवाने के लिए उन्हें खटिया, डोली आदि के सहारे जंगल का रास्ता पार करना पड़ता है फिर एंबुलेंस उन्हें मिलती है। वहीं गर्मियों में पानी की समस्या होने पर टैंकर से पानी पहुंचाया जाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

सीखड़, धन्नूपुर ग्राम सभा में ग्रामीणों ने रोड नहीं तो वोट नहीं के साथ नारेबाजी करते हुए मतदान का बहिष्कार किया। सोमवार को सुबह 9:00 बजे तक एक भी वोट नहीं पड़ा। ग्रामीणों का कहना है कि रोड काफी खराब हो गई है। आए दिन दुर्घटना के लोग शिकार हो रहे हैं। बच्चों को विद्यालय आने जाने में काफी कठिनाई का सामना करना पड़ता है। ब्लाक प्रमुख ने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया। लेकिन ग्रामीण अपनी मांग पर अड़े रहे। 11:30 बजे के बाद सेक्टर मजिस्ट्रेट नायाब तहसीलदार चुनार अरुण कुमार यादव, थानाध्यक्ष कछवा स्वरूप वर्मा मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों को समझा-बुझाकर अंत में मतदान के लिए ग्रामीणों को राजी किया। धन्नूपुर में 872 मत में से 496 मत डाले गए।

डीएफओ का आश्वासन भी नहीं आया काम
पड़री। जिला निर्वाचन अधिकारी / जिलाधिकारी के निर्देश पर मौके पर पहुंचे डीएफओ पीएस त्रिपाठी का आश्वासन भी काम नहीं आया। ग्रामीण अंत समय तक मतदान बहिष्कार में लगे रहे। प्रभागीय वनाधिकारी ने ग्रामीणों को बताया कि वर्तमान विधायक की पहल पर एक सितंबर को ही वनापत्ती प्रमाण पत्र दे दिया गया था। लेकिन धनाभाव के चलते सड़क नहीं बन पाई। उन्होंने कहा सड़क निर्माण का कार्य शीघ्र ही शुरू होगा। लेकिन ग्रामीणों पर उनकी बातों का कोई असर नहीं दिखा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed