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धूमधाम से मनी विंध्यवासिनी जयंती
Updated Sun, 21 Aug 2016 12:27 AM IST
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शोभायात्रा
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आदिशक्ति, जगत जननी राजराजेश्वरी मां विन्ध्यवासिनी की जयंती विन्ध्य क्षेत्र में धूमधाम से मनाई गई। इस दौरान जहां मां विन्ध्यवासिनी के मंदिर में दर्शन पूजन के लिए भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी वहीं नगर में शोभायात्रा निकाली गई। अष्टभुजा पहाड़ पर भैरव कुंड के पास तंत्र मंत्र और यंत्र पूजन का आयोजन किया गया। इससे पूरा वातावरण भक्तिमय बना हुआ था।
मां विन्ध्यवासिनी की जयंती के अवसर पर मंदिर को भव्य तरीके से सजाया गया था। भक्तों की भीड़ सुबह से ही दर्शन पूजन के लिए पहुंचने लगी थी। मंदिर के गर्भगृह में पहुंच कर और झांकी से भी भक्तों ने मां के श्रीचरणों में शीश नवाया। इस मौके पर किए गए मां के भव्य श्रृंगार का दर्शन कर भक्त खुद को धन्य समझ रहे थे। मां की प्रतिमा का विभिन्न फूलो और श्रीयंत्र के साथ अलौकिक श्रृ़ंगार को देख कर मन मोहित हो जा रहा था। इस मौके पर अष्टभुजा पहाड़ पर भैरव कुंड के पास सामाजिक संस्था विन्ध्य सेवा मंच द्वारा पंडित त्रियोगीनारायण मिट्ठू मिश्र की अगुवाई में श्री यंत्र का विधिवत पूजन अर्चन और पंचमेवा से अभिषेक किया गया। मां अष्टभुजा का श्रृंगार पूजन किया गया। 51 विद्वतजन द्वारा किए जा रहे वैदिक मंत्रों के पाठ से विन्ध्य पर्वत गुंजायमान हो रहा था। इस मौके पर भैरव कुंड पर शत चंडी यज्ञ का भी आयोजन हुआ।
कार्यक्रम में लक्ष्मीनारायण त्रिपाठी, ओमप्रकाश मिश्र, दिनेश मिश्र, प्रीतम मिश्र, देवेन्द्र दिक्षित, राजकुमार खत्री, रिंकू महाराज, दीपक महाराज, पं. आलोक, पं. राजकुमार आदि मौजूद रहे। उधर भारतीय ज्योतिष संस्थानम के तत्वावधान में जयंती समारोह के उपलक्ष्य में नगर में शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा दुर्गादेवी मंदिर, रामटेक से शुरु हो कर पेहटी का चौराहा होते हुए गिरधर का चौराहा, घंटाघर, सिटी कोतवाली, बसनही बाजार, नाबालक का तबेला, धुंधी कटरा, गुरहट्टी चौराहा, तुलसी का चौराहा होते हुए वापस दुर्गादेवी मंदिर पर समाप्त हुआ। शोभायात्रा का शुभारंभ डा. नीरज त्रिपाठी ने पूजन कर किया। शोभायात्रा में दिलीप सेठ, मयंक गुप्ता, दिवाकर मिश्र,बबलू, सुधांशु कसेरा, आशुतोष, रामबाबू आदि शामिल रहे।
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मां विन्ध्यवासिनी की जयंती के अवसर पर मंदिर को भव्य तरीके से सजाया गया था। भक्तों की भीड़ सुबह से ही दर्शन पूजन के लिए पहुंचने लगी थी। मंदिर के गर्भगृह में पहुंच कर और झांकी से भी भक्तों ने मां के श्रीचरणों में शीश नवाया। इस मौके पर किए गए मां के भव्य श्रृंगार का दर्शन कर भक्त खुद को धन्य समझ रहे थे। मां की प्रतिमा का विभिन्न फूलो और श्रीयंत्र के साथ अलौकिक श्रृ़ंगार को देख कर मन मोहित हो जा रहा था। इस मौके पर अष्टभुजा पहाड़ पर भैरव कुंड के पास सामाजिक संस्था विन्ध्य सेवा मंच द्वारा पंडित त्रियोगीनारायण मिट्ठू मिश्र की अगुवाई में श्री यंत्र का विधिवत पूजन अर्चन और पंचमेवा से अभिषेक किया गया। मां अष्टभुजा का श्रृंगार पूजन किया गया। 51 विद्वतजन द्वारा किए जा रहे वैदिक मंत्रों के पाठ से विन्ध्य पर्वत गुंजायमान हो रहा था। इस मौके पर भैरव कुंड पर शत चंडी यज्ञ का भी आयोजन हुआ।
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कार्यक्रम में लक्ष्मीनारायण त्रिपाठी, ओमप्रकाश मिश्र, दिनेश मिश्र, प्रीतम मिश्र, देवेन्द्र दिक्षित, राजकुमार खत्री, रिंकू महाराज, दीपक महाराज, पं. आलोक, पं. राजकुमार आदि मौजूद रहे। उधर भारतीय ज्योतिष संस्थानम के तत्वावधान में जयंती समारोह के उपलक्ष्य में नगर में शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा दुर्गादेवी मंदिर, रामटेक से शुरु हो कर पेहटी का चौराहा होते हुए गिरधर का चौराहा, घंटाघर, सिटी कोतवाली, बसनही बाजार, नाबालक का तबेला, धुंधी कटरा, गुरहट्टी चौराहा, तुलसी का चौराहा होते हुए वापस दुर्गादेवी मंदिर पर समाप्त हुआ। शोभायात्रा का शुभारंभ डा. नीरज त्रिपाठी ने पूजन कर किया। शोभायात्रा में दिलीप सेठ, मयंक गुप्ता, दिवाकर मिश्र,बबलू, सुधांशु कसेरा, आशुतोष, रामबाबू आदि शामिल रहे।
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