विंध्याचल नवरात्र मेला: मिर्जापुर में 21 अक्तूबर तक भारी वाहनों की नो-एंट्री, भीड़ को देखते हुए डायवर्जन लागू
विंध्याचल मेले को लेकर विंध्याचल में 21 अक्तूबर तक भारी वाहनों की नो-एंट्री रहेगी। भीड़ को देखते हुए कई शहरों से आने वाले वाहनों को डायवर्ट किया गया है। वहीं आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति करने वाले वाहनों को निर्धारित समय में जांच के बाद ही प्रवेश मिलेगा।
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विंध्याचल में शारदीय नवरात्र मेले के दौरान श्रद्धालुओं की भीड़ और सुरक्षा को देखते हुए यातायात पुलिस ने भारी वाहनों के लिए डायवर्जन लागू किया है। शनिवार सुबह छह बजे से 21 अक्तूबर की रात 10 बजे तक मिर्जापुर शहर में भारी वाहनों की नो-एंट्री रहेगी। आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति करने वाले वाहनों को निर्धारित समय में जांच के बाद ही प्रवेश मिलेगा। श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ने पर इन वाहनों को भी प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी।
यातायात प्रभारी विवेकानंद सिंह ने बताया कि प्रयागराज से आने वाले भारी वाहनों को गैपुरा चौराहे से विजयपुर और लालगंज की ओर डायवर्ट किया जाएगा। नटवा तिराहे से विंध्याचल की ओर भारी वाहनों का आवागमन प्रतिबंधित रहेगा। इन वाहनों को बथुआ तिराहे से लालगंज, विजयपुर और गैपुरा होते हुए प्रयागराज की ओर भेजा जाएगा। पेट्रोलियम और गैस वाहनों को इस प्रतिबंध से छूट रहेगी।
वाराणसी से मिर्जापुर होकर प्रयागराज जाने वाले भारी वाहनों को औराई और रामटेक चौराहे से डायवर्ट किया जाएगा। रामटेक चौराहे से मुहकोचवां होकर शहर में व्यापारियों और आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति करने वाले वाहनों को रात 12 से सुबह छह बजे तक जांच के बाद प्रवेश मिलेगा। बालू, गिट्टी, मौरंग और लोहा लदे वाहनों को शहर में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। इन्हें चुनार और लालगंज की ओर भेजा जाएगा।
यातायात पुलिस ने बताया कि एंबुलेंस, आपातकालीन वाहन, यात्री बसों, स्कूल बसों और पेट्रोलियम वाहनों को डायवर्जन से छूट रहेगी। पुलिस ने श्रद्धालुओं और आमजन से निर्धारित मार्गों का पालन करने तथा वाहनों को तय पार्किंग स्थलों पर ही खड़ा करने की अपील की है।
प्रयागराज की ओर से नैनी, मेजा, मांडा और जिगना होकर आने वाली बसों को अष्टभुजा और काली खोह के पास निर्धारित पार्किंग में खड़ा कराया जाएगा। सोनभद्र और मध्य प्रदेश की ओर से आने वाली बसों के लिए अमरावती और हरिश्चंद्र बस पार्किंग निर्धारित की गई है। बिहार, वाराणसी, जौनपुर और भदोही से चील्ह व शास्त्री पुल होकर आने वाले वाहनों को वाराणसी-जौनपुर बस स्टैंड तथा बरतर तिराहे की पार्किंग में खड़ा कराया जाएगा।
पार्किंग स्थल भरने पर वाहनों को दूधनाथ तिराहा, अमरावती चौराहा और पुरानी वीआईपी रोड की पार्किंगों की ओर भेजा जाएगा। सभी पार्किंग भरने पर दूधनाथ तिराहा, ओझला पुल, काली खोह और शिवपुर रेलवे ओवरब्रिज के पास वैकल्पिक पार्किंग का इस्तेमाल किया जाएगा। सड़क पर वाहन खड़ा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। यातायात व्यवस्था के संचालन के लिए अमरावती चौराहे पर अस्थायी यातायात नियंत्रण कक्ष बनाया जाएगा।
निर्धारित स्टैंड पर खड़े होंगे श्रद्धालुओं के वाहन
मां विंध्यवासिनी के दर्शन और गंगा स्नान के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को निर्धारित रास्तों से गुजरना होगा। अलग-अलग जनपदों से आने वाले श्रद्धालुओं के वाहनों के लिए अस्थायी स्टैंड बनाए गए हैं। मेला क्षेत्र में जगह-जगह बैरिकेडिंग कर बड़े वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित किया गया है। सुरक्षा के लिए प्रमुख मार्गों और घाटों पर पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है।
दिल्ली, कानपुर और प्रयागराज की ओर से आने वाले श्रद्धालु मोतीझील मार्ग, पटेगरा नाला सहित अन्य निर्धारित वाहन स्टैंड पर अपने वाहन खड़े करेंगे। इसके बाद वे अखाड़ा घाट, गुदारा घाट, इमली घाट और भैरव घाट पर गंगा स्नान कर पुरानी वीआईपी और जयपुरिया गली से होते हुए परिक्रमा पथ पहुंचेंगे। यहां कतारबद्ध होकर मां विंध्यवासिनी का दर्शन-पूजन करेंगे।
वहीं, आजमगढ़, जौनपुर, वाराणसी और भदोही की ओर से आने वाले श्रद्धालु शास्त्री ब्रिज और नटवां चौराहे से अमरावती चौराहे के पास बनाए गए अस्थायी वाहन स्टैंड तक पहुंचेंगे। बरतर तिराहा, बनारस बस स्टैंड और काशीनरेश वाहन स्टैंड सहित अन्य निर्धारित स्थानों पर भी वाहनों की पार्किंग की व्यवस्था की गई है।
निर्धारित घाटों से होकर पहुंचेंगे मंदिर
श्रद्धालु दीवान घाट, बाबू घाट, बलुआ घाट, कच्चा घाट और देवी घाट पर गंगा स्नान करेंगे। इसके बाद सदर बाजार-कोतवाली मार्ग और पक्का घाट मार्ग से होते हुए परिक्रमा पथ की बैरिकेडिंग में कतारबद्ध होकर दर्शन करेंगे। दर्शन के बाद निर्धारित रास्तों से अपने वाहन स्टैंड पहुंचकर गृह जनपदों के लिए रवाना होंगे। मेला क्षेत्र में सुगम आवागमन और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात किया गया है।