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नोटबंदीः विंध्य धाम में कारोबार प्रभावित
ब्यूरो/ अमर उजाला/ मिर्जापुर
Updated Mon, 21 Nov 2016 12:19 AM IST
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मां विंध्याचल
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नोट बंदी के फरमान ने मां के धाम विन्ध्याचल में भी असर डाला है। न केवल चढ़ावा आधा हो गया है बल्कि पंडों की दक्षिणा भी घट गई है। फुटकर की समस्या आस्था के आड़े आ रही है। धाम के होटल से लेकर प्रसाद तक का व्यवसाय कम हुआ है इससे यहां के लोग परेशान हैं।
विन्ध्याचल में मां का धाम होने के कारण धार्मिक पर्यटन ही यहां के निवासियों की आजीविका का साधन है। लोग अपनी आजीविका के लिए बाहर से आने वाले भक्तों पर ही आधारित हैं। बड़े नोटों का प्रचलन बंद होने के कारण श्रद्धालुओं की आवक पर भी असर पड़ा है। जो लोग आ रहे हैं वह फुटकर की समस्या से परेशान हो रहे हैं। कोई एटीएम धार्मिक नगरी में काम नहीं कर रहा है। ऐसे में लोग मां के चरणों में हजार पांच सौ के बंद हो चुके नोटों को चढ़ा रहे हैं।
इन्हें चढ़ाने से कोई मना भी नहीं कर रहा है लेकिन जब दक्षिणा की बात आती है तो पुरोहित फुटकर की बात करते हैं। फुटकर नहीं होने पर लोग पांच सौ एक रुपये के स्थान पर एक सौ एक से काम चला रहे हैं। इससे पुरोहितों की आमदनी घट गई है। यही हाल यहां प्रसाद के दुकानों पर भी है। बड़ी रकम वाले प्रसाद अब उपभोक्ता कम ही बंधवा रहे हैं।
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विन्ध्याचल में मां का धाम होने के कारण धार्मिक पर्यटन ही यहां के निवासियों की आजीविका का साधन है। लोग अपनी आजीविका के लिए बाहर से आने वाले भक्तों पर ही आधारित हैं। बड़े नोटों का प्रचलन बंद होने के कारण श्रद्धालुओं की आवक पर भी असर पड़ा है। जो लोग आ रहे हैं वह फुटकर की समस्या से परेशान हो रहे हैं। कोई एटीएम धार्मिक नगरी में काम नहीं कर रहा है। ऐसे में लोग मां के चरणों में हजार पांच सौ के बंद हो चुके नोटों को चढ़ा रहे हैं।
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इन्हें चढ़ाने से कोई मना भी नहीं कर रहा है लेकिन जब दक्षिणा की बात आती है तो पुरोहित फुटकर की बात करते हैं। फुटकर नहीं होने पर लोग पांच सौ एक रुपये के स्थान पर एक सौ एक से काम चला रहे हैं। इससे पुरोहितों की आमदनी घट गई है। यही हाल यहां प्रसाद के दुकानों पर भी है। बड़ी रकम वाले प्रसाद अब उपभोक्ता कम ही बंधवा रहे हैं।
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