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नवरात्र के पहले दिन विंध्याचल धाम में एक लाख से अधिक भक्तों ने किए दर्शन
Sun, 29 Sep 2019 11:11 PM IST
गीतार्जुन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Published by: गीतार्जुन गौतम
Updated Sun, 29 Sep 2019 11:11 PM IST
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नवरात्र के पहले दिन मिर्जापुर में विंध्याचल के विन्ध्यवासिनी धाम पर माता के दर्शन लिए कतार में लगे श्रद्धालु।
- फोटो : अमर उजाला
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मिर्जापुर के विंध्यधाम में शारदीय नवरात्र के पहले दिन रविवार को एक लाख से अधिक लोगों ने विंध्यवासिनी देवी के दर्शन किए। माता के शृंगार और मंगला आरती के बाद जैसे ही मंदिर के कपाट खुले हजारों की संख्या में भक्त जयकारे के साथ गर्भगृह की ओर उमड़ पड़े। धाम में लगे सुरक्षाकर्मियों के साथ ही श्री विंध्य पंडा समाज के सदस्यों को पहले ही दिन भारी मशक्कत का सामना करना पड़ा।
झमाझम बारिश के बीच देवी धाम में माता की एक झलक पाने के लिए जहां पूर्व संध्या पर ही श्रद्घालु पहुंच गए थे वहीं भोर होते-होते समूचा धाम मेले में तब्दील हो गया। अधिकांश भक्त माता के दर्शन और पूजन से पहले स्नान के लिए गंगाघाट की ओर पहुंच रहे थे। स्नान और ध्यान बाद माता की एक झलक पाने के लिए भोर में मंदिर की ओर जाने वाले विभिन्न मार्गो पर हाथ में नारियल, चुनरी, माला-फूल व प्रसाद लेकर कतारबद्ध हो गए।
मां विंध्यवासिनी का गुड़हल, कमल, गुलाब के पुष्पों सहित स्वर्ण के जेवरों से अनुपम शृंगार किया गया था। भोर में मंगला आरती बाद शुरू हुआ दर्शन-पूजन का क्रम देर शाम तक चलता रहा। मां का दर्शन पूजन करने के उपरांत भक्तजनों ने मंदिर परिसर में विराजमान अन्य देवी और देवताओं के बने मंदिरों में शीश नवाया।
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झमाझम बारिश के बीच देवी धाम में माता की एक झलक पाने के लिए जहां पूर्व संध्या पर ही श्रद्घालु पहुंच गए थे वहीं भोर होते-होते समूचा धाम मेले में तब्दील हो गया। अधिकांश भक्त माता के दर्शन और पूजन से पहले स्नान के लिए गंगाघाट की ओर पहुंच रहे थे। स्नान और ध्यान बाद माता की एक झलक पाने के लिए भोर में मंदिर की ओर जाने वाले विभिन्न मार्गो पर हाथ में नारियल, चुनरी, माला-फूल व प्रसाद लेकर कतारबद्ध हो गए।
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मां विंध्यवासिनी का गुड़हल, कमल, गुलाब के पुष्पों सहित स्वर्ण के जेवरों से अनुपम शृंगार किया गया था। भोर में मंगला आरती बाद शुरू हुआ दर्शन-पूजन का क्रम देर शाम तक चलता रहा। मां का दर्शन पूजन करने के उपरांत भक्तजनों ने मंदिर परिसर में विराजमान अन्य देवी और देवताओं के बने मंदिरों में शीश नवाया।
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काली खोह और अष्टभुजी देवी मंदिर में भी भीड़
मां विंध्यवासिनी मंदिर
- फोटो : अमर उजाला
शारदीय नवरात्र के पहले दिन रविवार को विंध्यधाम में जगह-जगह आसन पर बैठे साधक मंत्रों के जाप में तल्लीन रहे। मां विंध्यवासिनी मंदिर की छत के अलावा परिसर में जिसे जहां भी जगह मिली अपना आसन जमाए दिखा। विंध्य पर्वत पर विराजमान काली खोह स्थित महाकाली एवं अष्टभुजा पहाड़ पर स्थित योगमाया अष्टभुजी देवी मंदिर सहित पहाड़ी पर पूरे नवरात्र तक पूजन अनुष्ठान व हवन यज्ञ के लिए संत महात्माओं ने भी अपना डेरा डाल दिया है। देवी धाम में प्रशासन की तरफ से सुरक्षा व्यवस्था के चाक-चौबंद इंतजाम किए गए हैं।