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विंध्य कॉरिडोर : बेतरतीब कार्य से दर्शनार्थी हो रहे परेशान
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मुख्यमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट विंध्य कॉरिडोर योजना के तहत बेतरतीब तरीके से हो रहे कार्य के कारण दर्शनार्थी परेशान हो रहे हैं। इस समय पूरे विंध्याचल क्षेत्र में दुर्व्यवस्था का बोलबाला है। न तो सड़कों पर ठीक से लोग आवागमन कर पा रहे हैं और न ही वाहनों का संचालन हो पा रहा है। पूरा क्षेत्र मिट्टी की गर्द और गिट्टी से पटा हुआ है। दूरदराज से आने वाले तमाम दर्शनार्थी आए दिन रास्ते में ही गिरकर चोटिल हो रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने मां विंध्यवासिनी मंदिर के सुंदरीकरण एवं पूरे क्षेत्र में व्यवस्था में सुधार के लिए 331 करोड़ रुपये की विंध्य कॉरिडोर योजना शुरू की थी। इसके तहत पूरे विंध्य क्षेत्र का चहुंमुखी विकास होना है। इसके तहत प्रथम चरण में कॉरिडोर के लिए निर्धारित मानचित्र के अनुरूप दायरे में आने वाली संपत्तियों की खरीद एवं द्वितीय चरण में उनके ध्वस्तीकरण का कार्य पूरा हो गया है। निर्माण कार्य की शुरुआत भी हो गई है। उधर, पूरे विंध्य क्षेत्र की हालत यह है कि स्टेशन रोड से मंदिर जाने का रास्ता हो अथवा रोडवेज बस स्टैंड से मंदिर जाने का रास्ता, कोई भी मार्ग सुरक्षित नहीं है। रेलवे स्टेशन से मंदिर जाने का रास्ता तो इस समय गिट्टियों से पटा पड़ा है। गिट्टियों पर चलने वाले दोपहिया वाहन स्लिप कर जा रहे हैं। पैदल चलने वाले भी कब कहां गिर पड़ें, कुछ कहा नहीं जा सकता। चार पहिया वाहन सवारों को थोड़ी कम दिक्कत हो रही है। उधर, विंध्य कॉरिडोर का निर्माण कार्य प्रगति पर जरूर है, लेकिन दर्शनार्थियों की सुरक्षा के कोई उपाय नहीं किए गए हैं। मंदिर के चारों तरफ बड़े-बड़े गड्ढे खोद दिए गए हैं। रात के समय यदि बिजली चली जाय तो बाहर से आया अनजान आदमी उसमें गिरकर दुर्घटना का शिकार हो सकता है। लोगों का कहना है कि निर्माण कार्य तो हो ही रहा है, लेकिन यदि इन गड्ढों के चारों ओर बैरिकेडिंग कर दी जाय तो वह सुरक्षित हो सकता है। अधिकारियों का निरीक्षण रोजाना होता रहता है, लेकिन छोटी-छोटी चीजों पर भी ध्यान नहीं दिया जा रहा है। पुरानी वीआईपी मार्ग से मंदिर तक जाने वाली सड़क पर इन दिनों पत्थर लगाया जा रहा है। इससे लोगों को आवागमन में परेशानी हो रही है। लोगों का कहना है कि पहले यदि एक तरफ का निर्माण कराकर उसको आवागमन के लिए चालू कर दिया जाय तब दूसरी ओर का निर्माण शुरू किया जाना चाहिए। इससे आने-जाने वालों को भी राहत होगी और काम भी होता रहेगा। लेकिन ऐसा न करके पूरा रास्ता ही बंद कर पत्थर लगाया जा रहा है। इससे मंदिर आने जाने वालों को दूसरी तरफ से आना-जाना पड़ रहा है। वाहनों की आवाजाही का तो कोई सवाल ही नहीं है। विंध्य विकास प्राधिकरण के सचिव सिटी मजिस्ट्रेट विनय कुमार सिंह का कहना है कि सड़क पर होने वाली परेशानियों का संज्ञान लिया गया है। यह कार्य पीडब्लूडी कर रहा है। उसको इस कार्य को शीघ्र पूरा करने को कहा गया है, ताकि किसी भी दर्शनार्थी को कोई परेशानी न हो।
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मुख्यमंत्री ने मां विंध्यवासिनी मंदिर के सुंदरीकरण एवं पूरे क्षेत्र में व्यवस्था में सुधार के लिए 331 करोड़ रुपये की विंध्य कॉरिडोर योजना शुरू की थी। इसके तहत पूरे विंध्य क्षेत्र का चहुंमुखी विकास होना है। इसके तहत प्रथम चरण में कॉरिडोर के लिए निर्धारित मानचित्र के अनुरूप दायरे में आने वाली संपत्तियों की खरीद एवं द्वितीय चरण में उनके ध्वस्तीकरण का कार्य पूरा हो गया है। निर्माण कार्य की शुरुआत भी हो गई है। उधर, पूरे विंध्य क्षेत्र की हालत यह है कि स्टेशन रोड से मंदिर जाने का रास्ता हो अथवा रोडवेज बस स्टैंड से मंदिर जाने का रास्ता, कोई भी मार्ग सुरक्षित नहीं है। रेलवे स्टेशन से मंदिर जाने का रास्ता तो इस समय गिट्टियों से पटा पड़ा है। गिट्टियों पर चलने वाले दोपहिया वाहन स्लिप कर जा रहे हैं। पैदल चलने वाले भी कब कहां गिर पड़ें, कुछ कहा नहीं जा सकता। चार पहिया वाहन सवारों को थोड़ी कम दिक्कत हो रही है। उधर, विंध्य कॉरिडोर का निर्माण कार्य प्रगति पर जरूर है, लेकिन दर्शनार्थियों की सुरक्षा के कोई उपाय नहीं किए गए हैं। मंदिर के चारों तरफ बड़े-बड़े गड्ढे खोद दिए गए हैं। रात के समय यदि बिजली चली जाय तो बाहर से आया अनजान आदमी उसमें गिरकर दुर्घटना का शिकार हो सकता है। लोगों का कहना है कि निर्माण कार्य तो हो ही रहा है, लेकिन यदि इन गड्ढों के चारों ओर बैरिकेडिंग कर दी जाय तो वह सुरक्षित हो सकता है। अधिकारियों का निरीक्षण रोजाना होता रहता है, लेकिन छोटी-छोटी चीजों पर भी ध्यान नहीं दिया जा रहा है। पुरानी वीआईपी मार्ग से मंदिर तक जाने वाली सड़क पर इन दिनों पत्थर लगाया जा रहा है। इससे लोगों को आवागमन में परेशानी हो रही है। लोगों का कहना है कि पहले यदि एक तरफ का निर्माण कराकर उसको आवागमन के लिए चालू कर दिया जाय तब दूसरी ओर का निर्माण शुरू किया जाना चाहिए। इससे आने-जाने वालों को भी राहत होगी और काम भी होता रहेगा। लेकिन ऐसा न करके पूरा रास्ता ही बंद कर पत्थर लगाया जा रहा है। इससे मंदिर आने जाने वालों को दूसरी तरफ से आना-जाना पड़ रहा है। वाहनों की आवाजाही का तो कोई सवाल ही नहीं है। विंध्य विकास प्राधिकरण के सचिव सिटी मजिस्ट्रेट विनय कुमार सिंह का कहना है कि सड़क पर होने वाली परेशानियों का संज्ञान लिया गया है। यह कार्य पीडब्लूडी कर रहा है। उसको इस कार्य को शीघ्र पूरा करने को कहा गया है, ताकि किसी भी दर्शनार्थी को कोई परेशानी न हो।
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