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विंध्य कॉरिडोर : जूता स्टैंड के भवन में खुल गई प्रसाद की दुकान, उद्घाटन के बाद से वाई-फाई बेअसर
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पुलिस कंट्रोल रुम मार्ग पर सीढ़ी के बगल धूल फांक रहा जूता-चप्पल स्टैंड।-संवाद।
नवरात्र में भीड़ बढ़ने पर बंद कर दिया जाता है परिक्रमा पथ, हर साल करीब 25 लाख से ज्यादा श्रद्धालु आते हैं
संवाद न्यूज एजेंसी
मिर्जापुर। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए 331 करोड़ रुपये की लागत से विकसित किए गए विंध्य कॉरिडोर में अव्यवस्था का आलम है। एंट्रेंस प्लाजा में जूता-चप्पल रखने के लिए बनाए गए भवन में अब प्रसाद की दुकान खुल गई है, जबकि जूता-चप्पल स्टैंड एक कोने में धूल फांक रहा है। वाई-फाई की सुविधा भी बेअसर है। नवरात्र में भीड़ बढ़ने पर परिक्रमा पथ को बंद कर दिया जाता है।
मां के दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालु फूल-माला की दुकानों के सामने या मंदिर की सीढ़ियों के आसपास जूते-चप्पल उतारते हैं। ऐसे में कई बार उनके चोरी होने की बात सामने आती है तो कई बार इधर-उधर बिखरे जूते-चप्पलों से अन्य श्रद्धालुओं को समस्या होती है।
इसको देखते हुए तत्कालीन डीएम प्रियंका निरंजन के निर्देशन में एंट्रेंस प्लाजा में स्वयं सहायता समूह के माध्यम से जूता-चप्पल स्टैंड की व्यवस्था कराई गई थी। इसके लिए अलग भवन भी तैयार कराया गया था। लेकिन अब उसी भवन का इस्तेमाल दूसरे काम में हो रहा है। यहां प्रसाद की दुकान खुल गई है
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सामान्य दिनों में ही श्रद्धालु परिक्रमा पथ का इस्तेमाल कर पाते हैं :
विंध्य कॉरिडोर में श्रद्धालुओं की आवाजाही को सुगम बनाने के लिए मंदिर परिसर में परिक्रमा पथ बनाया गया है। सामान्य दिनों में श्रद्धालु इसका उपयोग कर लेते हैं, लेकिन नवरात्र जैसे प्रमुख पर्व पर भीड़ की समस्या बताकर इसे बंद कर दिया जाता है।
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वाईफाई सुविधा के संचालन और निगरानी पर उठे सवाल
एंट्रेंस प्लाजा और मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं के लिए मुफ्त वाई-फाई की सुविधा भी शुरू की गई थी। ऊर्जा एवं नगर विकास मंत्री एके शर्मा ने शुभारंभ किया था। संचालन की जिम्मेदारी नगर पालिका प्रशासन को दी गई। श्रद्धालुओं ने बातचीत में बताया कि मोबाइल में वाई-फाई का नेटवर्क दिखाई देने के बावजूद प्रभावी लाभ नहीं मिल रहा है। उद्घाटन के बाद शुरू की गई वाईफाई सुविधा के संचालन और निगरानी पर भी सवाल उठ रहे हैं।
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साधना केंद्र की जगह मंदिर की छत पर श्रद्धालु कराते हैं पूजा
धार्मिक गतिविधियों को सुविधाजनक बनाने के लिए परिक्रमा पथ में साधना केंद्र भी बनाया गया है। बावजूद इसके बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर की छत पर पाठ और साधना कराते हैं। इससे साधना केंद्र बनाने का मकसद पूरा नहीं हो पा रहा है। करोड़ों रुपये खर्च कर तैयार की गई सुविधाएं श्रद्धालुओं की वास्तविक जरूरतें पूरी नहीं कर पा रही हैं।
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वर्जन ...
मंदिर और पुरानी वीआईपी मार्ग पर वाई-फाई की सुविधा मिल रही है। जहां समस्या है, उसे दूर कराया जाएगा। श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए अन्य व्यवस्थाएं भी की जाएंगी। जूते के स्टैंड की भी समस्या का हल किया जाएगा - जी लाल, अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका मिर्जापुर
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विंध्य कॉरिडोर बनने के बाद स्थानीय लोगों में आस्थाधाम की बेहतरी की उम्मीद जगी थी। जिस प्रकार से व्यवस्थाएं होनी चाहिए वह नहीं है। सुविधाएं होने के बावजूद श्रद्धालुओं को नहीं मिल रही है। -अजय कुमार त्रिपाठी, तीर्थपुरोहित।
- कुछ माह पहले जूते-चप्पल के लिए एंट्रेंस प्लाजा के पास स्टैंड बना था। जो आज गायब है। श्रद्धालु पहले की भांति जहां मन में आया वहां जूता-चप्पल उतार दे रहे हैं। कई तो जूते पहने सीधे मंदिर की सीढ़ी तक पहुंच जा रहे हैं। - गोपाल गुप्ता, दुकानदार।
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विंध्य कॉरिडोर परिसर में कई स्थानों पर वाई-फाई की सुविधा है। ऑन करने पर मोबाइल में टावर तो दिखाई पड़ रहा है, लेकिन वह काम नहीं कर रहा है। -राजन श्रीवास्तव, दुकानदार।
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मां विंध्यवासिनी के दर्शन-पूजन से पहले लोग जिस माला-फूल की दुकान से प्रसाद लेते हैं वहीं पर जूता-चप्पल उतारते हैं। भीड़ होने पर खोने का डर बना रहता है। - चट्टर बिंद, श्रद्धालु।
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संवाद न्यूज एजेंसी
मिर्जापुर। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए 331 करोड़ रुपये की लागत से विकसित किए गए विंध्य कॉरिडोर में अव्यवस्था का आलम है। एंट्रेंस प्लाजा में जूता-चप्पल रखने के लिए बनाए गए भवन में अब प्रसाद की दुकान खुल गई है, जबकि जूता-चप्पल स्टैंड एक कोने में धूल फांक रहा है। वाई-फाई की सुविधा भी बेअसर है। नवरात्र में भीड़ बढ़ने पर परिक्रमा पथ को बंद कर दिया जाता है।
मां के दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालु फूल-माला की दुकानों के सामने या मंदिर की सीढ़ियों के आसपास जूते-चप्पल उतारते हैं। ऐसे में कई बार उनके चोरी होने की बात सामने आती है तो कई बार इधर-उधर बिखरे जूते-चप्पलों से अन्य श्रद्धालुओं को समस्या होती है।
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इसको देखते हुए तत्कालीन डीएम प्रियंका निरंजन के निर्देशन में एंट्रेंस प्लाजा में स्वयं सहायता समूह के माध्यम से जूता-चप्पल स्टैंड की व्यवस्था कराई गई थी। इसके लिए अलग भवन भी तैयार कराया गया था। लेकिन अब उसी भवन का इस्तेमाल दूसरे काम में हो रहा है। यहां प्रसाद की दुकान खुल गई है
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सामान्य दिनों में ही श्रद्धालु परिक्रमा पथ का इस्तेमाल कर पाते हैं :
विंध्य कॉरिडोर में श्रद्धालुओं की आवाजाही को सुगम बनाने के लिए मंदिर परिसर में परिक्रमा पथ बनाया गया है। सामान्य दिनों में श्रद्धालु इसका उपयोग कर लेते हैं, लेकिन नवरात्र जैसे प्रमुख पर्व पर भीड़ की समस्या बताकर इसे बंद कर दिया जाता है।
वाईफाई सुविधा के संचालन और निगरानी पर उठे सवाल
एंट्रेंस प्लाजा और मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं के लिए मुफ्त वाई-फाई की सुविधा भी शुरू की गई थी। ऊर्जा एवं नगर विकास मंत्री एके शर्मा ने शुभारंभ किया था। संचालन की जिम्मेदारी नगर पालिका प्रशासन को दी गई। श्रद्धालुओं ने बातचीत में बताया कि मोबाइल में वाई-फाई का नेटवर्क दिखाई देने के बावजूद प्रभावी लाभ नहीं मिल रहा है। उद्घाटन के बाद शुरू की गई वाईफाई सुविधा के संचालन और निगरानी पर भी सवाल उठ रहे हैं।
साधना केंद्र की जगह मंदिर की छत पर श्रद्धालु कराते हैं पूजा
धार्मिक गतिविधियों को सुविधाजनक बनाने के लिए परिक्रमा पथ में साधना केंद्र भी बनाया गया है। बावजूद इसके बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर की छत पर पाठ और साधना कराते हैं। इससे साधना केंद्र बनाने का मकसद पूरा नहीं हो पा रहा है। करोड़ों रुपये खर्च कर तैयार की गई सुविधाएं श्रद्धालुओं की वास्तविक जरूरतें पूरी नहीं कर पा रही हैं।
वर्जन ...
मंदिर और पुरानी वीआईपी मार्ग पर वाई-फाई की सुविधा मिल रही है। जहां समस्या है, उसे दूर कराया जाएगा। श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए अन्य व्यवस्थाएं भी की जाएंगी। जूते के स्टैंड की भी समस्या का हल किया जाएगा - जी लाल, अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका मिर्जापुर
विंध्य कॉरिडोर बनने के बाद स्थानीय लोगों में आस्थाधाम की बेहतरी की उम्मीद जगी थी। जिस प्रकार से व्यवस्थाएं होनी चाहिए वह नहीं है। सुविधाएं होने के बावजूद श्रद्धालुओं को नहीं मिल रही है। -अजय कुमार त्रिपाठी, तीर्थपुरोहित।
- कुछ माह पहले जूते-चप्पल के लिए एंट्रेंस प्लाजा के पास स्टैंड बना था। जो आज गायब है। श्रद्धालु पहले की भांति जहां मन में आया वहां जूता-चप्पल उतार दे रहे हैं। कई तो जूते पहने सीधे मंदिर की सीढ़ी तक पहुंच जा रहे हैं। - गोपाल गुप्ता, दुकानदार।
विंध्य कॉरिडोर परिसर में कई स्थानों पर वाई-फाई की सुविधा है। ऑन करने पर मोबाइल में टावर तो दिखाई पड़ रहा है, लेकिन वह काम नहीं कर रहा है। -राजन श्रीवास्तव, दुकानदार।
मां विंध्यवासिनी के दर्शन-पूजन से पहले लोग जिस माला-फूल की दुकान से प्रसाद लेते हैं वहीं पर जूता-चप्पल उतारते हैं। भीड़ होने पर खोने का डर बना रहता है। - चट्टर बिंद, श्रद्धालु।

पुलिस कंट्रोल रुम मार्ग पर सीढ़ी के बगल धूल फांक रहा जूता-चप्पल स्टैंड।-संवाद।

पुलिस कंट्रोल रुम मार्ग पर सीढ़ी के बगल धूल फांक रहा जूता-चप्पल स्टैंड।-संवाद।

पुलिस कंट्रोल रुम मार्ग पर सीढ़ी के बगल धूल फांक रहा जूता-चप्पल स्टैंड।-संवाद।

पुलिस कंट्रोल रुम मार्ग पर सीढ़ी के बगल धूल फांक रहा जूता-चप्पल स्टैंड।-संवाद।