{"_id":"62cc7a3c4c063156534a4a71","slug":"vindhya-corridor-dm-angry-over-slow-progress-mirzapur-news-vns6635100187","type":"story","status":"publish","title_hn":"विंध्य कॉरिडोर : धीमी प्रगति पर डीएम नाराज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
विंध्य कॉरिडोर : धीमी प्रगति पर डीएम नाराज
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जिलाधिकारी प्रवीण कुमार लक्षकार ने सोमवार को विंध्य कॉरिडोर परिसर का निरीक्षण कर निर्माण कार्य में हुई प्रगति की जायजा लिया। इस दौरान धीमी प्रगति मिलने पर उन्होंने कार्यदायी संस्था के अधिकारियों से कड़ी नाराजगी जताई।
जिलाधिकारी प्रवीण कुमार लक्षकार ने सोमवार को दोपहर करीब एक बजे विंध्य कॉरिडोर परिसर में चल रहे निर्माण कार्यों का निरीक्षण कर जायजा लिया। इस दौरान पुरानी वीआईपी, नई वीआईपी, पक्काघाट, जयपुरिया गली, कोतवाली मार्ग पर चल रहे कार्यों के बारे में कार्यदायी संस्था के प्रोजेक्ट मैनेजर विनोद कुमार, सहायक अभियंता राजकुमार पांडेय से बिंदुवार जानकारी ली। मंदिर के परिक्रमा पथ में 130 खंभे लगाए जाने हैं। इनमें से करीब 42 खंभों के लिए पिलर खड़ा कर दिए गए हैं। जिलाधिकारी ने मौके पर मौजूद अधिकारियों को आगाह किया कि कॉरिडोर का कार्य समय से पूरा करने के लिए निर्माण कार्य की गति तेज करना जरूरी है। उन्होंने कार्यदायी संस्था के अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि कॉरिडोर के लिए खरीदी गई भूमि पर किसी भी प्रकार का कोई अतिक्रमण न होने पाए। ताकि काम करने में कोई अवरोध न पैदा हो। उन्होंने थाना प्रभारी विनीत राय को निर्देश दिया कि कॉरिडोर क्षेत्र में समय-समय पर भ्रमण करते रहें, ताकि किसी भी प्रकार का अतिक्रमण न होने पाए।
निरीक्षण के दौरान आसपास गंदगी व जलभराव देख जिलाधिकारी ने मौके पर मौजूद नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने की हिदायत दी। उन्होंने नगर मजिस्ट्रेट विनय कुमार सिंह को निर्देश दिया कि कॉरिडोर के लिए अधिगृहीत जमीन में से जितनी की रजिस्ट्री अभी तक नहीं हो पाई, उसकी रजिस्ट्री कराने की प्रक्रिया शुरू कराएं। साथ ही यह निर्देश भी दिया जितनी जमीन की रजिस्ट्री हो चुकी है, उन पर यदि अतिक्रमण है अथवा निर्र्माण है तो उसे हटाने की प्रक्रिया शुरू कराएं। ताकि निर्माण कार्य में तेजी आ सके। जिलाधिकारी ने कार्यदायी संस्था के परियोजना प्रबंधक से कॉरिडोर के शुरुआती कार्य के लिए आवंटित 15 करोड़ रुपये में से खर्च हुई धनराशि के बारे में जानकारी भी मांगी। जिस पर कार्यदायी संस्था के अधिकारियों ने बताया कि लगभग आठ से नौ करोड़ रुपये अब तक खर्च हो चुके हैं। निरीक्षण के दौरान नगर मजिस्ट्रेट विनय कुमार सिंह, सहायक पर्यटन अधिकारी नवीन कुमार सिंह, लोक निर्माण विभाग के अवर अभियंता प्रवीण कुमार चौहान, राजकीय निर्माण निगम के अधिशासी अभियंता वीरेंद्र सिंह, राजकुमार पांडेय, अभिषेक सिंह, नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी अंगद गुप्ता, मंदिर सुरक्षा प्रभारी चंद्र प्रकाश पांडेय सहित कई अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
जिलाधिकारी प्रवीण कुमार लक्षकार ने सोमवार को दोपहर करीब एक बजे विंध्य कॉरिडोर परिसर में चल रहे निर्माण कार्यों का निरीक्षण कर जायजा लिया। इस दौरान पुरानी वीआईपी, नई वीआईपी, पक्काघाट, जयपुरिया गली, कोतवाली मार्ग पर चल रहे कार्यों के बारे में कार्यदायी संस्था के प्रोजेक्ट मैनेजर विनोद कुमार, सहायक अभियंता राजकुमार पांडेय से बिंदुवार जानकारी ली। मंदिर के परिक्रमा पथ में 130 खंभे लगाए जाने हैं। इनमें से करीब 42 खंभों के लिए पिलर खड़ा कर दिए गए हैं। जिलाधिकारी ने मौके पर मौजूद अधिकारियों को आगाह किया कि कॉरिडोर का कार्य समय से पूरा करने के लिए निर्माण कार्य की गति तेज करना जरूरी है। उन्होंने कार्यदायी संस्था के अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि कॉरिडोर के लिए खरीदी गई भूमि पर किसी भी प्रकार का कोई अतिक्रमण न होने पाए। ताकि काम करने में कोई अवरोध न पैदा हो। उन्होंने थाना प्रभारी विनीत राय को निर्देश दिया कि कॉरिडोर क्षेत्र में समय-समय पर भ्रमण करते रहें, ताकि किसी भी प्रकार का अतिक्रमण न होने पाए।
विज्ञापन
निरीक्षण के दौरान आसपास गंदगी व जलभराव देख जिलाधिकारी ने मौके पर मौजूद नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने की हिदायत दी। उन्होंने नगर मजिस्ट्रेट विनय कुमार सिंह को निर्देश दिया कि कॉरिडोर के लिए अधिगृहीत जमीन में से जितनी की रजिस्ट्री अभी तक नहीं हो पाई, उसकी रजिस्ट्री कराने की प्रक्रिया शुरू कराएं। साथ ही यह निर्देश भी दिया जितनी जमीन की रजिस्ट्री हो चुकी है, उन पर यदि अतिक्रमण है अथवा निर्र्माण है तो उसे हटाने की प्रक्रिया शुरू कराएं। ताकि निर्माण कार्य में तेजी आ सके। जिलाधिकारी ने कार्यदायी संस्था के परियोजना प्रबंधक से कॉरिडोर के शुरुआती कार्य के लिए आवंटित 15 करोड़ रुपये में से खर्च हुई धनराशि के बारे में जानकारी भी मांगी। जिस पर कार्यदायी संस्था के अधिकारियों ने बताया कि लगभग आठ से नौ करोड़ रुपये अब तक खर्च हो चुके हैं। निरीक्षण के दौरान नगर मजिस्ट्रेट विनय कुमार सिंह, सहायक पर्यटन अधिकारी नवीन कुमार सिंह, लोक निर्माण विभाग के अवर अभियंता प्रवीण कुमार चौहान, राजकीय निर्माण निगम के अधिशासी अभियंता वीरेंद्र सिंह, राजकुमार पांडेय, अभिषेक सिंह, नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी अंगद गुप्ता, मंदिर सुरक्षा प्रभारी चंद्र प्रकाश पांडेय सहित कई अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
विज्ञापन