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जच्चा-बच्चा की मौत पर हंगामा
ब्यूरो मिर्जापुर अमर उजाला
Updated Sat, 06 Jun 2015 11:48 PM IST
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जिला महिला चिकित्सालय में डाक्टरों एवं कर्मचारियों को पैसा नहीं देने पर दो दिनों से भर्ती एक गर्भवती महिला का आपरेशन नहीं हो सका। इस कारण चौबीस घंटे बाद जच्चा-बच्चा की मौत हो गई।
इस पर परिवार के लोगों ने हंगामा किया। जानकारी होने पर पहुंचे शहर कोतवाल हंगामा कर रहे लोगों को हिरासत में लेकर कोतवाली ले गए। कोतवाल सुनील दत्त दूबे ने बताया कि घर के लोगों को समझा बुझाकर मना लिया गया है। वे लोग शव लेकर घर चले गए।
लालगंज थाना क्षेत्र के देवघटा गहरवार गांव की श्याम कुमारी (30) पत्नी लालचंद्र गर्भवती थी। गुरुवार की रात प्रसव पीड़ा होने पर उसको घर पर एक बच्चा पैदा हो गया, जबकि दूसरा पेट में फंसा रहा। परिवार के लोग उसे पीएचसी हलिया ले गए।
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वहां से चिकित्सक ने जिला चिकित्सालय रेफर कर दिया। परिवार के अनुसार शुक्रवार की सुबह महिला को जिला चिकित्सालय लेेकर पहुंचे तो जांच में खून की कमी पाई गई। इस पर घर के लोग एक यूनिट खून लेकर आए।
उसे चढ़ाने के बाद एक यूनिट खून और लाने को कहा गया। जब खून लेने ब्लड बैंक पहुंचे तो नहीं होने की बात कहकर वापस कर दिया गया।
जब चिकित्सकों को इसके बारे में बताया तो उन्होंने श्याम कुमारी को वाराणसी रेफर कर दिया। यहीं पर इलाज करने के लिए कहने पर महिला कर्मियों ने उनसे 1500 रुपये मांगे। रुपये न देने पर चिकित्सक एवं महिला कर्मियों ने मरीज को आपरेशन कक्ष से बाहर कर दिया। पूरी रात अस्पताल की गैलरी में गुजारने के बाद शनिवार की सुबह किसी तरह से रुपये का प्रबंध किया गया, तब चिकित्सक आपरेशन के लिए तैयार हुए।
इसी बीच एक और चिकित्सक आ गए और उन्होंने आपरेशन के लिए खून चढ़ाना जरूरी बताया। इस पर महिला के परिवारीजन फिर ब्लड बैंक पहुंचे लेकिन खून नहीं मिला। इस परिवार के लोगों ने हंगामा मचाया।
जानकारी होने पर जिलाधिकारी राजेश सिंह, पुलिस अधीक्षक दिनेश चंद्र तथा सीएमओ डा. आरपी गुप्ता पहुंचे और महिला का इलाज कराने का निर्देश प्रभारी सीएमएस डा. संजय पांडेय को दिया।
लेकिन व्यवस्था होने के कुछ देर बाद महिला ने दम तोड़ दिया। इस पर परिवार के लोगों ने चिकित्सालय का मेन गेट अंदर से बंद कर हंगामा किया।
सूचना पर पहंुचे शहर कोतवाल लोगों को हिरासत में लेकर कोतवाली ले गए। कोतवाल ने बताया कि घर के लोगों को समझा बुझाकर मना लिया गया है। वे लोग शव लेकर घर चले गए। अस्पताल के प्रभारी सीएमएस का कहना है कि महिला की मौत खून की कमी से हुई है।
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इस पर परिवार के लोगों ने हंगामा किया। जानकारी होने पर पहुंचे शहर कोतवाल हंगामा कर रहे लोगों को हिरासत में लेकर कोतवाली ले गए। कोतवाल सुनील दत्त दूबे ने बताया कि घर के लोगों को समझा बुझाकर मना लिया गया है। वे लोग शव लेकर घर चले गए।
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लालगंज थाना क्षेत्र के देवघटा गहरवार गांव की श्याम कुमारी (30) पत्नी लालचंद्र गर्भवती थी। गुरुवार की रात प्रसव पीड़ा होने पर उसको घर पर एक बच्चा पैदा हो गया, जबकि दूसरा पेट में फंसा रहा। परिवार के लोग उसे पीएचसी हलिया ले गए।
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वहां से चिकित्सक ने जिला चिकित्सालय रेफर कर दिया। परिवार के अनुसार शुक्रवार की सुबह महिला को जिला चिकित्सालय लेेकर पहुंचे तो जांच में खून की कमी पाई गई। इस पर घर के लोग एक यूनिट खून लेकर आए।
उसे चढ़ाने के बाद एक यूनिट खून और लाने को कहा गया। जब खून लेने ब्लड बैंक पहुंचे तो नहीं होने की बात कहकर वापस कर दिया गया।
जब चिकित्सकों को इसके बारे में बताया तो उन्होंने श्याम कुमारी को वाराणसी रेफर कर दिया। यहीं पर इलाज करने के लिए कहने पर महिला कर्मियों ने उनसे 1500 रुपये मांगे। रुपये न देने पर चिकित्सक एवं महिला कर्मियों ने मरीज को आपरेशन कक्ष से बाहर कर दिया। पूरी रात अस्पताल की गैलरी में गुजारने के बाद शनिवार की सुबह किसी तरह से रुपये का प्रबंध किया गया, तब चिकित्सक आपरेशन के लिए तैयार हुए।
इसी बीच एक और चिकित्सक आ गए और उन्होंने आपरेशन के लिए खून चढ़ाना जरूरी बताया। इस पर महिला के परिवारीजन फिर ब्लड बैंक पहुंचे लेकिन खून नहीं मिला। इस परिवार के लोगों ने हंगामा मचाया।
जानकारी होने पर जिलाधिकारी राजेश सिंह, पुलिस अधीक्षक दिनेश चंद्र तथा सीएमओ डा. आरपी गुप्ता पहुंचे और महिला का इलाज कराने का निर्देश प्रभारी सीएमएस डा. संजय पांडेय को दिया।
लेकिन व्यवस्था होने के कुछ देर बाद महिला ने दम तोड़ दिया। इस पर परिवार के लोगों ने चिकित्सालय का मेन गेट अंदर से बंद कर हंगामा किया।
सूचना पर पहंुचे शहर कोतवाल लोगों को हिरासत में लेकर कोतवाली ले गए। कोतवाल ने बताया कि घर के लोगों को समझा बुझाकर मना लिया गया है। वे लोग शव लेकर घर चले गए। अस्पताल के प्रभारी सीएमएस का कहना है कि महिला की मौत खून की कमी से हुई है।