Mirzapur News: गंगा नहाते समय दो चचेरे भाइयों की डूबने से मौत, दोनों इकलौते पुत्र थे
मिर्जापुर शहर स्थित बाबा घाट पर स्नान करने गए तीन किशोर गंगा नदी में डूबने लगे। स्थानीय लोगों ने एक को बचा लिया लेकिन दो डूब गए।
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यूपी के मिर्जापुर गंगा स्नान करते समय डूबने की घटनाओं पर अंकुश नहीं लग पा रहा है। शनिवार सुबह फिर एक हादसा हुआ। शहर कोतवाली क्षेत्र के बाबा घाट पर सुबह नहाते समय तीन किशोर डूबने लगे। एक किशोर को बचा लिया गया, लेकिन दो चचेरे भाई डूब गए। दोनों के शव बरामद हो गए। गंगा में डूबने से जान गंवाने वाले दोनों चचेरे भाई माता-पिता के इकलौते पुत्र थे।
वासलीगंज घास की गली निवासी शुभ केशरवानी (15) पुत्र राजकुमार केशरवानी अपने चचेरे भाई आर्यन केशरवानी (14) पुत्र गोविंदो केशरवानी के साथ लालडिग्गी पार्क घूमने जाने की बात कहकर घर से निकले थे। दोनों अपने कुछ साथियों के साथ नगर के बाबा घाट पर स्नान करने पहुंच गए। घाट पर छह किशोर पहुंचे थे।
पांच किशोर गंगा में नहा रहे थे
एक साथी घाट के ऊपर मोबाइल फोन चला रहा था। पांच किशोर गंगा में नहा रहे थे। शोभित और पार्थ किनारे ही थे। जबकि शुभ, आर्यन और राहुल गंगा में आगे चले गए। शुुभ गहरे पानी में जाने से डूब गया। यह देखकर आर्यन और राहुल आगे गए। लेकिन, वे दोनों भी डूबने लगे। लोगों ने शोर मचाया। इस पर घाट पर मौजूद एक युवक ने राहुल को तो बचाया। लेकिन, आर्यन भी डूब गया।
लोगों ने परिजनों और पुलिस को सूचना दी। इस पर शहर कोतवाल अरविंद मिश्रा पहुंचे। गोताखोरों की मदद से तलाशी अभियान शुरू कराया। दो-तीन घंटे बीतने के बाद पुलिस ने एनडीआरएफ टीम को बुलाया। पहले आर्यन और बाद में शुभ का शव मिला।
गंगा में डूबने से जान गंवाने वाले दोनों चचेरे भाई माता-पिता के इकलौते पुत्र थे। राजकुमार केशरवानी और गोविंदो केशरवानी सगे भाई है। दोनों की वासलीगंज में साइकिल की दुकान है। राजकुमार केशरवानी को पुत्र शुभ के अलावा दो पुत्री हैं। गोविंदो केशरवानी को पुत्र आर्यन के अलावा एक पुत्री है।
मां रोक कर कहती रही- मेरा बच्चा मुझे दे दो
गंगा में डूबे किशोरों की खोजबीन जारी थी। इस दौरान दोनों बच्चों की मां का घाट पर रो-रोकर हाल बेहाल था। वो बस यही कहती रही कि उनके बच्चे वापस दे दो। दोनों बच्चों की मां के करुण क्रंदन से वहां मौजूद हर किसी की आंखें नम हो जा रही थी।
स्थानीय गोताखोरों ने निकाला शव
डूबे किशोरों की तलाश में स्थानीय गोताखोरों के साथ एनडीआरएफ की टीम लगी थी। एनडीआरएफ की टीम ने गंगा घाट पर पहुंचने पर पहले अपने नाव को तेजी से नचाया, ताकि गंगा में डूबे बालक सतह आ जाएं। लेकिन उनका पता नहीं चला। इसके बाद स्थानीय गोताखोर और एनडीआरएफ की टीम डूबे बच्चों की तलाश में जुट गई। स्थानीय गोताखोर लोलारक, सरजू, रामकुमार, गनेशु, अजय, राजकुमार, रामबाबू ने शव को बाहर निकाला।