{"_id":"5e4ed89c8ebc3ef29a7d35cb","slug":"two-landlords-submitted-documents-during-the-survey-mirzapur-news-vns5119100150","type":"story","status":"publish","title_hn":"विंध्य कारिडोर: अब मकान का दस्तावेज दिखाने का हुआ फरमान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
विंध्य कारिडोर: अब मकान का दस्तावेज दिखाने का हुआ फरमान
विज्ञापन
विंध्याचल।विंध्य कारिडोर योजना के तहत विंध्याचल में हो रहे सर्वे में अब नया फरमान जारी हुआ है। संबंधित भवन स्वामियों से कहा गया है कि वे अपने मकान के दस्तावेज प्रस्तुत करें। दो लोगों ने अपने दस्तावेज सौंपे।
गुरुवार को नगर पालिका अधिकारी एवं राजस्व विभाग के साथ ही तहसीलदार, सिटी मजिस्ट्रेट ने संयुक्त टीम बनाकर क्षेत्र का भ्रमण किया।
विंध्य कारिडोर योजना के तहत मंदिर की परिक्रमा के लिए 92 मकान जद में आ रहे हैं तथा नगर पालिका के कर अधिकारी अरविंद यादव की देखरेख में सर्वे किया जा रहा है। मकान मालिकों से कहा गया कि इसका मुख्य उद्देश्य कार्यरिडोर योजना के जद में आने वाले सभी मकान मालिकों का स्वामित्व प्रमाणित करना है। इसके लिए व अपना दस्तावेज जमा करें जिससे राज्य सरकार एवं जिला प्रशासन की ओर से जो भी मुआवजा राशि दी जा रही है। वह असली भवन स्वामित्व को मिले ताकि कोई बाद में विवाद उत्पन्न न हो। सर्वे के दौरान दो मकान मालिकों ने अपना अपना भवन का स्वामित्व दस्तावेज नगर पालिका को सौंपा एवं अन्य मालिकों को दो दिन के अंदर अपने-अपने भवन स्वामित्व होने का दस्तावेज नगर पालिका प्रशासन को जमा करना अनिवार्य है। इस मौके पर सिटी मजिस्ट्रेट जगदंबा सिंह, तहसीलदार ओमप्रकाश पांडेय, कर निर्धारण नगर पालिका अधिकारी अरविंद यादव, अंशुमान शुक्ला, अनिल जायसवाल, क्षेत्रीय लेखपाल अरुण तिवारी सहित तमाम अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।
विज्ञापन
गुरुवार को नगर पालिका अधिकारी एवं राजस्व विभाग के साथ ही तहसीलदार, सिटी मजिस्ट्रेट ने संयुक्त टीम बनाकर क्षेत्र का भ्रमण किया।
विंध्य कारिडोर योजना के तहत मंदिर की परिक्रमा के लिए 92 मकान जद में आ रहे हैं तथा नगर पालिका के कर अधिकारी अरविंद यादव की देखरेख में सर्वे किया जा रहा है। मकान मालिकों से कहा गया कि इसका मुख्य उद्देश्य कार्यरिडोर योजना के जद में आने वाले सभी मकान मालिकों का स्वामित्व प्रमाणित करना है। इसके लिए व अपना दस्तावेज जमा करें जिससे राज्य सरकार एवं जिला प्रशासन की ओर से जो भी मुआवजा राशि दी जा रही है। वह असली भवन स्वामित्व को मिले ताकि कोई बाद में विवाद उत्पन्न न हो। सर्वे के दौरान दो मकान मालिकों ने अपना अपना भवन का स्वामित्व दस्तावेज नगर पालिका को सौंपा एवं अन्य मालिकों को दो दिन के अंदर अपने-अपने भवन स्वामित्व होने का दस्तावेज नगर पालिका प्रशासन को जमा करना अनिवार्य है। इस मौके पर सिटी मजिस्ट्रेट जगदंबा सिंह, तहसीलदार ओमप्रकाश पांडेय, कर निर्धारण नगर पालिका अधिकारी अरविंद यादव, अंशुमान शुक्ला, अनिल जायसवाल, क्षेत्रीय लेखपाल अरुण तिवारी सहित तमाम अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।
विज्ञापन