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धोखाधड़ी मामले में डिप्टी बैंक मैनेजर समेत दो गिरफ्तार
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मिर्जापुर। कटरा कोतवाली क्षेत्र के बाजीराव कटरा स्थित केनरा बैंक के लाकर से कूट रचित दस्तावेज के सहारे करोड़ों रुपये के सोना निकालने के मामले में पुलिस ने मुकदमा दर्ज करने के चार माह बाद मुख्य आरोपी समेत बैंक के डिप्टी मैनेजर को गिरफ्तार किया। पुलिस बैंक मैनेजर की तलाश में जुटी है।
लालडिग्गी निवासी व्यवसायी मनोज कुमार शुक्ला ने 27 जुलाई को कटरा कोतवाली में तहरीर देकर आरोप लगाया था कि उनके पिता हृ्दय नरायण शुक्ला और मां विद्या देवी के नाम से बाजीराव कटरा स्थित केनरा बैंक में संयुक्त लाकर है। पिता ने बताया था कि लॉकर में करीब 16 किलो सोना और चांदी के जेवरात के साथ कुछ रकम भी रखी है। इसकी कीमत लगभग आठ करोड़ रुपये है। आरोप है कि बड़े भाई उमेश शुक्ला ने पिता के नाम से फर्जी लेटर बनाकर बैंक के लॉकर से गहना निकालने लिए बैंक में दिया है। इस बात की जानकारी के बाद पिता ने 25 जून 2020 को केनरा बैंक के शाखा प्रबंधक को पत्र लिखा कि लॉकर को उनके चारों पुत्रों के सामने ही खोला जाए। आरोप लगाया कि बड़े भाई उमेश शुक्ला ने 23 सितंबर 2020 को बैंक मैनेजर एसएन प्रसाद और डिप्टी बैंक मैनेजर चंद्रलोक के साथ मिलकर साजिश रची। लॉकर से करोड़ों का सोना निकाल लिया। मनोज कुमार शुक्ला की तहरीर पर उमेश शुक्ला, बैंक मैनेजर एसएन प्रसाद और डिप्टी बैंक मैनेजर चंद्रलोक के खिलाफ कटरा कोतवाली ने मुकदमा दर्ज किया। कटरा कोतवाल राम नरायन राम ने रविवार को उमेश शुक्ला और सोमवार को डिप्टी बैंक मैनेजर चंद्रलोक को गिरफ्तार किया गया है।
एएसपी सिटी संजय कुमार वर्मा ने बताया कि हस्ताक्षर की फोरेंसिक जांच कराई गई। हस्ताक्षर फर्जी पाए जाने पर रविवार को उमेश शुक्ला को गिरफ्तार किया गया। उसके बीमार होने पर वह बीएचयू में न्यायिक अभिरक्षा में है। डिप्टी बैंक मैनेजर चंद्रलोक को गिरफ्तार कर लिया गया। बैंक मैनेजर को एसएन प्रसाद अमेठी में कार्यरत है। उसे भी गिरफ्तार किया जाएगा।
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लालडिग्गी निवासी व्यवसायी मनोज कुमार शुक्ला ने 27 जुलाई को कटरा कोतवाली में तहरीर देकर आरोप लगाया था कि उनके पिता हृ्दय नरायण शुक्ला और मां विद्या देवी के नाम से बाजीराव कटरा स्थित केनरा बैंक में संयुक्त लाकर है। पिता ने बताया था कि लॉकर में करीब 16 किलो सोना और चांदी के जेवरात के साथ कुछ रकम भी रखी है। इसकी कीमत लगभग आठ करोड़ रुपये है। आरोप है कि बड़े भाई उमेश शुक्ला ने पिता के नाम से फर्जी लेटर बनाकर बैंक के लॉकर से गहना निकालने लिए बैंक में दिया है। इस बात की जानकारी के बाद पिता ने 25 जून 2020 को केनरा बैंक के शाखा प्रबंधक को पत्र लिखा कि लॉकर को उनके चारों पुत्रों के सामने ही खोला जाए। आरोप लगाया कि बड़े भाई उमेश शुक्ला ने 23 सितंबर 2020 को बैंक मैनेजर एसएन प्रसाद और डिप्टी बैंक मैनेजर चंद्रलोक के साथ मिलकर साजिश रची। लॉकर से करोड़ों का सोना निकाल लिया। मनोज कुमार शुक्ला की तहरीर पर उमेश शुक्ला, बैंक मैनेजर एसएन प्रसाद और डिप्टी बैंक मैनेजर चंद्रलोक के खिलाफ कटरा कोतवाली ने मुकदमा दर्ज किया। कटरा कोतवाल राम नरायन राम ने रविवार को उमेश शुक्ला और सोमवार को डिप्टी बैंक मैनेजर चंद्रलोक को गिरफ्तार किया गया है।
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एएसपी सिटी संजय कुमार वर्मा ने बताया कि हस्ताक्षर की फोरेंसिक जांच कराई गई। हस्ताक्षर फर्जी पाए जाने पर रविवार को उमेश शुक्ला को गिरफ्तार किया गया। उसके बीमार होने पर वह बीएचयू में न्यायिक अभिरक्षा में है। डिप्टी बैंक मैनेजर चंद्रलोक को गिरफ्तार कर लिया गया। बैंक मैनेजर को एसएन प्रसाद अमेठी में कार्यरत है। उसे भी गिरफ्तार किया जाएगा।
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