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Mirzapur News: पाइप लाइन से अब खजुरी नदी में गिराया जा रहा एसटीपी का पानी
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पक्कापोखरा में नव निर्मित सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट।-संवाद।
- फोटो : 1
मिर्जापुर। पक्का पोखरा स्थित सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) से निकलने वाला 14 एमएलडी शोधित पानी अब घोड़े शहीद नाले के जरिए गंगा में नहीं, बल्कि पाइप लाइन के जरिए महेवा स्थित खजुरी नदी में गिराया जा रहा है। इससे वर्षों से नाले से उठ रही दुर्गंध से परेशान स्थानीय लोगों को राहत मिली है।
अब तक एसटीपी से शोधित पानी खुले नाले के माध्यम से बहाया जाता था। रमईपट्टी-कनौराघाट मार्ग के किनारे बह रहे पानी से उठने वाली दुर्गंध से आसपास के लोगों का रहना मुश्किल हो गया था। राहगीरों को भी नाक पर रुमाल रखकर गुजरना पड़ता था। सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट की से अब शोधित पानी के बहाने की व्यवस्था बदल गई है। एसटीपी से निकलने वाले पानी को अंडरग्राउंड पाइपलाइन के जरिए पक्का पोखरा, अर्जुनपुर, अघौली, हरिहरपुर चौराहा, हरिहरपुर बेदौली, अनंतरामपट्टी और खजुरी के रास्ते महेवा के पास खजुरी नदी में बहाया जा रहा है। इससे पक्कापोखरा में बह रहे खुले नाले से लोगों को निजात मिल गई है। लगभग 74 करोड़ की लागत से सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण वर्ष 2022 में शुरू किया गया था। वर्ष 2024 में 15 वर्षों के लिए ऑपरेशन और मेंटेनेंस का कार्य शुरू कर दिया गया।
इनसेट
नगर के कई हिस्सों से एसटीपी तक पहुंचता है पानी
शहर के विभिन्न इलाकों का सीवर का पानी पंपिंग स्टेशन के माध्यम से पक्का पोखरा स्थित एसटीपी तक पहुंचाया जाता है। कचहरी, शुक्लहां, सुरेकापुरम, जाह्नवी होटल के पीछे और इमामबाड़ा क्षेत्र से सीवर लाइन के जरिए पानी पंप कर प्लांट तक लाया जाता है। यहां शोधित करने के बाद पहले इसे घोड़े शहीद नाले के सहारे गंगा में छोड़ा जाता था।
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वर्जन
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पक्कापोखरा से महेवा खजुरी नदी तक पाइपलाइन बिछाने के बाद एसटीपी से ट्रायल सफल रहा। अब शोधन कर पानी घोड़े शहीद के पास सीधे गंगा के बजाय महेवा स्थित खजुरी नदी में गिराया जा रहा है।
-अनिल कुमार प्रजापति, प्रोजेक्ट मैनेजर, एसटीपी पक्कापोखरा।
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अब तक एसटीपी से शोधित पानी खुले नाले के माध्यम से बहाया जाता था। रमईपट्टी-कनौराघाट मार्ग के किनारे बह रहे पानी से उठने वाली दुर्गंध से आसपास के लोगों का रहना मुश्किल हो गया था। राहगीरों को भी नाक पर रुमाल रखकर गुजरना पड़ता था। सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट की से अब शोधित पानी के बहाने की व्यवस्था बदल गई है। एसटीपी से निकलने वाले पानी को अंडरग्राउंड पाइपलाइन के जरिए पक्का पोखरा, अर्जुनपुर, अघौली, हरिहरपुर चौराहा, हरिहरपुर बेदौली, अनंतरामपट्टी और खजुरी के रास्ते महेवा के पास खजुरी नदी में बहाया जा रहा है। इससे पक्कापोखरा में बह रहे खुले नाले से लोगों को निजात मिल गई है। लगभग 74 करोड़ की लागत से सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण वर्ष 2022 में शुरू किया गया था। वर्ष 2024 में 15 वर्षों के लिए ऑपरेशन और मेंटेनेंस का कार्य शुरू कर दिया गया।
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नगर के कई हिस्सों से एसटीपी तक पहुंचता है पानी
शहर के विभिन्न इलाकों का सीवर का पानी पंपिंग स्टेशन के माध्यम से पक्का पोखरा स्थित एसटीपी तक पहुंचाया जाता है। कचहरी, शुक्लहां, सुरेकापुरम, जाह्नवी होटल के पीछे और इमामबाड़ा क्षेत्र से सीवर लाइन के जरिए पानी पंप कर प्लांट तक लाया जाता है। यहां शोधित करने के बाद पहले इसे घोड़े शहीद नाले के सहारे गंगा में छोड़ा जाता था।
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पक्कापोखरा से महेवा खजुरी नदी तक पाइपलाइन बिछाने के बाद एसटीपी से ट्रायल सफल रहा। अब शोधन कर पानी घोड़े शहीद के पास सीधे गंगा के बजाय महेवा स्थित खजुरी नदी में गिराया जा रहा है।
-अनिल कुमार प्रजापति, प्रोजेक्ट मैनेजर, एसटीपी पक्कापोखरा।