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तंबाकू जनित रोगों के मरीज बढ़े
ब्यूरो/ अमर उजाला, मिर्जापुर
Updated Tue, 31 May 2016 12:23 AM IST
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महिला अस्पताल से विश्व तंबाकू दिवस की पूर्व संध्या पर रैली निकालतीं स्वास्थ्यकर्मी।
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तंबाकू के नियमित प्रयोग ने कई घरों में चिंता पैदा कर दी है। जिला अस्पताल में 15 से 20 मरीज रोजाना तंबाकू से होने वाले रोगों से ग्रस्त हो कर आ रहे हैं। इन्हें यहां इलाज के साथ-साथ काउंसिलिंग कर तंबाकू से बचने का तरीका भी सुझाया जा रहा है। जिला अस्पताल में एक माह में लगभग सौ से डेढ़ सौ लोग तंबाकू से होने वाले रोगों से ग्रसित हो कर आते हैं। इनमें अधिकांश लोग गुटका और तंबाकू का प्रयोग कर रहे हैं जिससे इनके मुंह में सफेद चकत्ते पड़ रहे हैं और मुंह कम खुल रहा है। ऐसे रोगों का इलाज कर उन्हें तंबाकू से दूर रहने के लिए नसीहत दी जाती है। इसके लिए जिला अस्पताल में काउंसलिंग केंद्र खोला गया है।
तंबाकू नियंत्रण प्रकोष्ठ के चिकित्सक डा. राजेश यादव बताते हैं कि हमारे यहां कैंसर के शुरुआती लक्षण वाले केस अधिक आते हैं। रोजाना 15 से 20 मरीज आते हैं जो चाहते हैं कि तंबाकू और गुटका छूट जाय लेकिन चाह कर भी वे इसे छोड़ नहीं पाते हैं। उन्होंने बताया कि कम खाना उपाय नहीं बल्कि इसे तुरंत छोड़ देना ही इससे बचने का उपाय है। लोगों को इस बारे में बतातो हुए उन्हें छोड़ने की नसीहत की जाती है।नोडल अधिकारी जिला तंबाकू नियंत्रण प्रकोष्ठ डा. वीके तिवारी ने बातया कि तंबाकू जीवन को कम कर रहा है। इससे कई तरह की बीमारियां होती हैं। कैं सर इसकी अंतिम बीमारी है। यह हाई ब्लडप्रेशर, हाइपर टेंशन और अस्थमा जैसी बीमारियां भी पैदा करता है।
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तंबाकू नियंत्रण प्रकोष्ठ के चिकित्सक डा. राजेश यादव बताते हैं कि हमारे यहां कैंसर के शुरुआती लक्षण वाले केस अधिक आते हैं। रोजाना 15 से 20 मरीज आते हैं जो चाहते हैं कि तंबाकू और गुटका छूट जाय लेकिन चाह कर भी वे इसे छोड़ नहीं पाते हैं। उन्होंने बताया कि कम खाना उपाय नहीं बल्कि इसे तुरंत छोड़ देना ही इससे बचने का उपाय है। लोगों को इस बारे में बतातो हुए उन्हें छोड़ने की नसीहत की जाती है।नोडल अधिकारी जिला तंबाकू नियंत्रण प्रकोष्ठ डा. वीके तिवारी ने बातया कि तंबाकू जीवन को कम कर रहा है। इससे कई तरह की बीमारियां होती हैं। कैं सर इसकी अंतिम बीमारी है। यह हाई ब्लडप्रेशर, हाइपर टेंशन और अस्थमा जैसी बीमारियां भी पैदा करता है।
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