Mirzapur News : चूना दरी जलप्रपात में डूबने से वाराणसी के दो युवकों समेत तीन की मौत, रोका गया सैलानियों का प्रवेश
चूना दरी जलप्रपात में रविवार को नहाते समय डूबने से वाराणसी के चितईपुर थाना क्षेत्र के सुसुवाही निवासी संदीप खरवार (26), लंका थाने के मारुति नगर निवासी सौरभ (23) और सोनभद्र के घोरावल निवासी रिशु (22) डूब गए।
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मिर्जापुर जिले के चूना दरी जलप्रपात में तीन सैलानियों की रविवार को नहाने के दौरान कुंड में डूबने से मौत हो गई। सूचना मिलते ही पुलिस ने चुनार से गोताखोरों बुलाकर उनकी तलाश कराई। काफी मशक्कत के बाद देर शाम को तीनों युवक के शव मिले। इनमें से दो वाराणसी के रहने वाले हैं। जानकारी पर रोते-बिलखते परिजन भी वहां पहुंचे।
लखनिया दरी जलप्रपात में पानी कम होने के चलते ज्यादातर सैलानी चूना दरी की ओर रुख करते हैं। रविवार को इस जलप्रपात परिसर में झरने का लुत्फ लेने के लिए भारी भीड़ थी। लखनिया दरी पर्यटन स्थल पर पिकनिक मनाने वाराणसी के चितईपुर थाना क्षेत्र के सुसुवाही निवासी संदीप खरवार (26) पुत्र जितेंद्र खरवार अपने छह अन्य दोस्तों के साथ पहुंचे थे। पानी कम होने के चलते सभी चूना दरी चले गए। जहां ऊंचाई से गिर रहे झरने के पानी में नहाते समय फिसल कर संदीप खरवार कुंड की तलहटी में जाने से डूबने लगे।
उन्हें डूबते देख छोटे भाई शुभम ने बचाने का प्रयास किया, लेकिन असफल रहा। हादसे के बाद पुलिस को सूचना दी गई। तभी अन्य सैलानियों ने बताया कि वाराणसी के लंका थाने के मारुति नगर निवासी सौरभ उर्फ प्रिंस (23) पुत्र प्रमोद सिंह व सैलानी रिशु (22) पुत्र जिऊत पटेल निवासी घोरावल सोनभद्र भी इसी कुंड में डूबे हैं।
हादसे के संबंध में थानाध्यक्ष संजय कुमार सिंह ने बताया कि चूना दरी जलप्रपात पर सैलानियों को जाने से रोक दिया गया है। भौगोलिक जटिलता के चलते पेड़ों और जंगली रास्तों का सहारा लेकर सैलानी वहां पहुंच रहे हैं। इसे और सख्ती से रोकने का प्रयास किया जाएगा। इधर, प्रिंस और संदीप का शव सोमवार सुबह पांच बजे वाराणसी स्थित उनके घर पहुंचा। दोनों शवों का अंतिम संस्कार एक साथ हरिश्चंद्र घाट पर हुआ।
छोटे भाई की जिद के चलते संदीप गया था चूनादरी
लंका और चितईपुर के रहने वाले दो युवकों की अहरौरा स्थित चूनादरी में डूबने से मौत के बाद परिजनों में कोहराम मचा हुआ है। चितईपुर के सुसुवाही निवासी संदीप खरवार, लंका के सामनेघाट मारुति नगर कॉलोनी निवासी सौरभ उर्फ प्रिंस की मौत के बाद से दोस्त और परिजन बेसुध हैं।
मालवीय नगर सुसुवाही निवासी संदीप खरवार के चाचा वीरेंद्र ने बताया कि संदीप का मन नहीं था कि वह चूनादरी जाए। छोटे भाई शुभम की जिद के चलते वह गया। काश शुभम ने जिद नहीं की होती तो यह दिन नहीं देखना पड़ता। संदीप और छोटा भाई शुभम खरवार साथ में चूनादरी घूमने गए थे। शुभम नहाते समय डूबने लगा, जिसे बचाने के लिए संदीप आगे आया, शुभम तो बच गया लेकिन संदीप डूब गया।
संदीप के पिता प्राइवेट सुरक्षा एजेंसी में गार्ड जितेंद्र खरवार के अनुसार संदीप गुरुधाम स्थित मेडिकल स्टोर पर काम करता था। दो भाई और दो बहन में संदीप सबसे बड़ा था। मूल रूप से मऊ के हलधरपुर निवासी दादा रामू बीएचयू से रिटायर्ड होने के बाद मालवीय नगर में घर बनवाकर चार बेटों के साथ रहने लगे।
सबसे बड़े बेटे जितेंद्र के दो बेटों और बेटियों में बड़ा संदीप इंटर की पढ़ाई करने के बाद नौकरी करने लगा। संदीप छह माह पहले शादी समारोह से लौटते समय सड़क दुर्घटना में घायल हुआ था। काफी दवा इलाज के बाद दो महीने पहले ठीक हुआ था। बहन पद्मावती, ज्योति और मां गायत्री रो रोकर बेहाल थीं। घर पर मौजूद चाचा वीरेंद्र खरवार ने बताया कि संदीप घर से जा नहीं रहा था। छोटे भाई की जिद करने पर गया। संदीप सुबह 10 बजे कॉलोनी के रहने वाले वाले मित्र आशु के साथ निकला था।
प्रिंस की मौत के बाद घर का बुझ गया चिराग
सामनेघाट के मारुति नगर कॉलोनी निवासी प्रिंस की मौत के बाद घर का चिराग बुझ गया। प्रमोद कुमार सिंह का पुत्र प्रिंस कुमार सिंह अपने चार मित्रों के साथ घूमने गया था। पड़ोस में रहने वाले लोगों ने बताया कि बीएचयू में संविदाकर्मी वार्ड बॉय के पद पर प्रिंस कार्यरत था। प्रिंस के पिता लंका पर मेडिकल स्टोर चलाते हैं।
दो बड़ी बहनों के बाद प्रिंस माता पिता का इकलौता बेटा था। मां की कोरोना के दौरान मौत हो गई। प्रिंस की मौत से घर पर मातम छाया था। प्रिंस के पिता रविवार की सुबह अपने गांव नौतन मधुडुआ छपरा चले गए थे। सुबह 11 बजे प्रिंस कॉलोनी के रहने वाले मुन्ना, विवेक, विनय के साथ चूनादरी गया था। पिता के अनुसार दोपहर में दो बजे फोन पर प्रिंस से बात हुई थी तो वह वापस लौटने के लिए बोला था।