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Mirzapur News: चार महीने में तीन प्लास्टर बंधे फिर भी गलत जुड़ गई हड्डी

Fri, 29 Mar 2024 02:32 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Fri, 29 Mar 2024 02:32 AM IST
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Three plaster casts in four months but still the bone got joined wrongly
मिर्जापुर। मां विंध्यवासिनी स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय के अधीन स्थित मंडलीय अस्पताल में टूटी कलाई का इलाज कराने गए एक व्यक्ति को चार महीने में तीन बार प्लास्टर लगाया गया। फिर भी उसकी हड्डी गलत जुड़ गई। अब मंडलीय अस्पताल के डॉक्टर ऑपरेशन कराने की बात कह रहे हैं। इस लापरवाही की शिकायत कर पीड़ित व्यक्ति ने जिलाधिकारी के अलावा कई अन्य विभागीय अधिकारियों के यहां न्याय की गुहार लगाई है।
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मिर्जापुर में मंडलीय अस्पताल मेडिकल कॉलेज के अधीन आने के बावजूद यहां चिकित्सा सुविधा पर सवाल पैदा हो रहे हैं। बसनही बाजार निवासी राजेश सेठ आभूषण पर कारीगरी का काम करते हैं। बीते तीन दिसंबर को राजेश की कलाई के समीप की हड्डी टूट गई। मंडलीय अस्पताल में इलाज कराने पहुंचे तो एक्सरे के बाद कच्चा प्लास्टर बांध दिया गया और एक सप्ताह बाद पक्का प्लास्टर लगाया गया। राजेश ने बताया कि उन्हें एक महीने बाद बुलाया गया। एक महीने बाद जब प्लास्टर काटा गया तो उनकी हड्डी गलत जुड़ गई थी। कलाई के पास हाथ टेढ़ा हो गया था। इसके बाद 268 रुपये जमा कराकर फिर से प्लास्टर लगाया गया और डेढ़ महीने बाद बुलाया गया। जब राजेश डेढ़ महीने बाद पहुंचे तो प्लास्टर कटने के बाद पता चला कि हड्डी फिर से गलत जुड़ गई है और हाथ दूसरी तरफ टेढ़ा हो गया है।
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दर्द झेल रहे राजेश अस्पताल पुलिस चौकी में शिकायत करने पहुंचे तो वहां से उन्हें फिर से अस्पताल भेज दिया गया। एक बार फिर राजेश के हाथ में प्लास्टर लगाया गया और 268 रुपये लिए गए। महीने भर बाद नतीजा पुराना ही निकला। इसके बाद डॉक्टर ऑपरेशन करने और प्लेट लगाने की बात कहने लगे। तीन महीने से दर्द झेल रहे राजेश शिकायत लेकर अधिकारियों के पास पहुंचे। हर जगह उन्हें निराशा ही हाथ लगी। अंत में उन्होंने जिलाधिकारी से न्याय की गुहार लगाई है। मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ.आरबी कमल का कहना है कि इस मामले की जानकारी नहीं है। जो भी पीड़ित है उसको न्याय के साथ पूरा उपचार मिलेगा। इस मामले में जिसकी भी लापरवाही सामने आएगी, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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