चुनार। विश्व हिंदू परिषद धर्माचार्य संपर्क विभाग काशी प्रांत के वार्षिक प्रांतीय मार्गदर्शक मंडल की बैठक रविवार को चुनार के रामबाग स्थित सुरभि शोध संस्थान में हुई। बैठक में हिंदू धर्म की नित्य-नैमित्तिक उपासना और अनुष्ठानों से संबंधित आगामी योजनाओं पर विचार विमर्श किया गया। कहा गया कि विहिप के कार्यों को संतों का सहयोग मिलना चाहिए।
बौद्धिक वक्ता केंद्रीय सहमंत्री व केंद्रीय धर्माचार्य संपर्क प्रमुख अशोक तिवारी ने कहा कि जहां पर धर्मांतरण की संभावना हो वहां संतों का प्रवास हो। जो किसी लोभ लालच की वजह से धर्मांतरित हो गए है वे पुनः अपने हिंदू धर्मों में आएं। इस कार्यों के लिए संतों का सहयोग व आर्शीवाद आवश्यक है। कबीर मठ लहरतारा के महाराज गोविंद दास ने कहा कि हिंदू समाज संगठित होकर धार्मिक कार्यों में बढ़ें। जब हमने इस शरीर को धारण कर लिया तो परेशानियों का आगमन होगा हमें इस समस्याओं का खुद निवारण करना होगा। साध्वी गीता मां ने कहा की आज हमारे हिंदू धर्म की ध्वनि उठ रही है। हमारे घर की बेटियों को संस्कारवान के अलावा शास्त्र के साथ ही साथ शस्त्र की शिक्षा देनी चाहिए। स्वामी शिवधारी महाराज, स्वामी सुदर्शन महाराज, बालक दास महाराज, स्वामी कृष्णानंद महाराज, साध्वी मां त्रिकाल भवंता ने भी विचार व्यक्त किए। अध्यक्षता स्वामी रामाश्रम शास्त्री महाराज और संचालन प्रांत धर्माचार्य संपर्क प्रमुख आद्या शंकर ने किया। बैठक में नरसिंह कुटी के गिरधारी महाराज, बदवरानाथ आश्रम से महाराज महेंद्र नाथ गिरी, महाराज शक्तिपुरी, महाराज कमलनयन, विष्णुहरिदास, वीरेंद्र दास, प्रयाग विभाग से स्वामी रमण महाराज, स्वामी प्रमोदानंद महाराज आदि रहे।