फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Mirzapur News ›   The votes of those who worship the cow and those who consume beef cannot be weighed on the same scale: Swami Avimukteshwaranand

गाय की पूजा करने वाले और गोमांस खाने वालों का वोट एक तराजू में नहीं तौल सकते : स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद

Tue, 12 May 2026 11:44 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Tue, 12 May 2026 11:44 PM IST
विज्ञापन
The votes of those who worship the cow and those who consume beef cannot be weighed on the same scale: Swami Avimukteshwaranand
अटल चौराहा पर शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती महराज का स्वागत करते लोग।-संवाद।
विंध्याचल/लालगंज। शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती मंगलवार दोपहर विंध्याचल पहुंचे, जहां अटल चौक पर संत समाज और श्रद्धालुओं ने भव्य स्वागत किया। संतों मां विंध्यवासिनी मंदिर के बड़े श्रृंगारिया पंडित शिव जी महाराज ने उन्हें मां विंध्यवासिनी की तस्वीर भेंट की। शंकराचार्य ने कहा कि गाय की पूजा करने वाले और गोमांस खाने वालों का वोट एक तराजू में नहीं तौल सकते। मेरी 81 दिवसीय यात्रा का उद्देश्य सनातन धर्म का प्रचार-प्रसार और समाज में आध्यात्मिक जागृति लाना है। उन्होंने तीर्थ स्थलों की पवित्रता बनाए रखने और गो माता की रक्षा को समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बताया। गो माता को राष्ट्र माता घोषित किया जाना चाहिए। सरकार पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि वर्तमान व्यवस्था में गाय काटने के लिए लाइसेंस दिए जा रहे हैं। देश से बड़े पैमाने पर गोमांस का निर्यात हो रहा है। उन्होंने कहा कि हिंदू-हिंदू बोल रहे हैं और गाय की बोटी तौल रहे हैं, इससे बड़ी विडंबना नहीं हो सकती। उन्होंने कहा कि धर्म केवल तिलक लगाने तक सीमित नहीं है। मछली खाने से पहले तिलक और गेरुआ पटका पहनने की प्रवृत्ति पर भी उन्होंने सवाल उठाए। गाय की पूजा करने वालों और गोमांस खाने वालों का वोट एक तराजू में नहीं तौला जा सकता।
विज्ञापन

शंकराचार्य ने कहा कि उनकी यात्रा गोरखपुर से शुरू हुई है, जो उत्तर प्रदेश के सभी विधानसभा क्षेत्रों का भ्रमण करते हुए 21 जुलाई को समाप्त होगी। इसके बाद 24 जुलाई को लखनऊ में नए संकल्प के साथ आगे की रणनीति तय की जाएगी। उधर, लालगंज के कठवार गांव स्थित मारुति नंदन मंदिर परिसर में आयोजित सभा में शंकराचार्य ने कहा कि गो माता की रक्षा के लिए राजनीतिक प्रभाव जरूरी है। ऐसे जनप्रतिनिधियों को चुनना चाहिए जो गो माता को राष्ट्र माता घोषित कराने के लिए प्रयास करें। अंग्रेजियत आज भी व्यवस्था में कायम है। मंदिरों में कॉरिडोर व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि “मंदिरों को कॉरिडोर और कार्यालयों को तीर्थ बनाया जा रहा है, इससे धर्म का स्वरूप बिगड़ रहा है। सभा में संकट मोचन तिवारी, प्रभात तिवारी, नील रतन केसरी, नंदन त्रिपाठी, सुरेश मिश्रा, अनुराग मिश्रा और विश्वनाथ प्रताप सिंह ने माल्यार्पण कर स्वागत किया। संचालन संकट मोचन तिवारी ने किया। इस दौरान अरुण त्रिपाठी, गुलाबचंद उर्फ मुन्नी यादव, विजय शंकर तिवारी, सुरेंद्र पांडे सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।
विज्ञापन

सीखड़। गो सम्मान एवं धर्म जागरण यात्रा के दौरान क्षेत्र के दौरान पाहो, खैरा, मगरहा व सीखड़ पहुंचे स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती महाराज पर लोगों ने पुष्प वर्षा कर स्वागत किया। कहा कि गाय हमारी माता है और उनकी रक्षा करना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। महाराज ने कहा कि जो लोग गो हत्या करते हैं, उन्हें समाज कभी माफ नहीं कर सकता। उन्होंने गो संरक्षण और गो सेवा के लिए सभी को आगे आने पर जोर दिया। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती महराज ने यह भी घोषणा की कि क्षेत्र में जनसहयोग से गोशाला की स्थापना कराई जाएगी, जिससे निराश्रित गोवंश की सेवा और संरक्षण हो सके। विट्ठलापुर में पादुका पूजन एवं दर्शन के बाद स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती महराज रात्रि विश्राम करेंगे। उक्त अवसर पर धीरज त्रिपाठी, आशीष पाठक, डॉ आलोक सिंह, अक्षय राज मिश्रा, मनोज कुमार सिंह आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed