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कागजों पर ही रोप दिए गए ढाई करोड़ के पौधे
ब्यूरो, अमर उजाला, मिर्जापुर
Updated Sun, 14 Aug 2016 12:38 AM IST
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नगर क्षेत्र स्थित परदहां मिल के पीछे हुए पौधरोपण के बाद तार से की गई बैरिकेटिंग।
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सृकृत वन रेंज के चंदनपुर गांव में वर्ष 2015 के दौरान ढाई करोड़ रुपये की लागत से सवा लाख पौधे लगाए गए थे। पता चला है कि इन पौधों का रोपण कागजों पर ही किया गया था। मामला सामने आने पर प्रमुख सचिव वन ने वन संरक्षक मिर्जापुर को मामले की जांच करके दोषियों के खिलाफ कार्रवाई का निर्देश दिया है।
वन विभाग के सृकृत रेंज केचंदनपुर गांव में वन विभाग की ओर से वर्ष 2015 के दौरान दो करोड़ 50 लाख रुपये की लागत से 900 बीघे में एक लाख 25 हजार पौंधे लगवाए गए थे। ये पौधे कुछ दिन बाद ही सूख गए। इसके बारे में जानकारी मांगी गई तो विभाग ने कहा कि कुछ पौधे सूख गए हैं जबकि कुछ जीवित हैं। चंदनपुर में पौधे न होने के बावजूद विभागीय अधिकारी उनकी देखरेख के लिए आए हुए बजट को भी धीरे-धीरे निकालकर गटकते रहे। इसकी जानकारी होने पर सपा नेता गोविंद सेन ने प्रमुख सचिव वन डा. प्रशांत कुमार वर्मा को पत्र भेजकर पूरे मामले की जांच कराकर कार्रवाई करने की मांग की।
उनकी मांग पर प्रमुख सचिव वन ने मुख्य वन संरक्षक मिर्जापुर एसके ठाकुर को पत्र भेजकर पूरे मामले की जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई कर रिपोर्ट भेजने को कहा। प्रमुख सचिव के निर्देश के बाद मुख्य वन संरक्षक एसके ठाकुर ने डीएफओ भदोही मनीष सिंह को शिकायत कर्ता को साथ लेकर मौके पर जाकर पूरे मामले की जांच कर आख्या देने का निर्देश दिया हैं।
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आरोप यह भी लगाया जा रहा हैं कि कि पुरानी बाउंड्री वाल को नई बनाकर दिखा दिया गया है। इसमें भी लाखों का भी गोलमाल करना बताया जा रहा है। वहीं पत्र में यह भी बताया गया हैं कि जिस 900 बीघे में वन विभाग पौधे लगाने का दवा कर रहा है वहां मौके पर 900 बीघा जमीन हैं नहीं फिर कैसे सवा लाख पौधे लगा दिए गए। जांच का आदेश आने से वन विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। पौधरोपण में करोड़ों का घोटाला करने वाले अधिकारियों का अब गला फंसता नजर आ रहा है।
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वन विभाग के सृकृत रेंज केचंदनपुर गांव में वन विभाग की ओर से वर्ष 2015 के दौरान दो करोड़ 50 लाख रुपये की लागत से 900 बीघे में एक लाख 25 हजार पौंधे लगवाए गए थे। ये पौधे कुछ दिन बाद ही सूख गए। इसके बारे में जानकारी मांगी गई तो विभाग ने कहा कि कुछ पौधे सूख गए हैं जबकि कुछ जीवित हैं। चंदनपुर में पौधे न होने के बावजूद विभागीय अधिकारी उनकी देखरेख के लिए आए हुए बजट को भी धीरे-धीरे निकालकर गटकते रहे। इसकी जानकारी होने पर सपा नेता गोविंद सेन ने प्रमुख सचिव वन डा. प्रशांत कुमार वर्मा को पत्र भेजकर पूरे मामले की जांच कराकर कार्रवाई करने की मांग की।
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उनकी मांग पर प्रमुख सचिव वन ने मुख्य वन संरक्षक मिर्जापुर एसके ठाकुर को पत्र भेजकर पूरे मामले की जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई कर रिपोर्ट भेजने को कहा। प्रमुख सचिव के निर्देश के बाद मुख्य वन संरक्षक एसके ठाकुर ने डीएफओ भदोही मनीष सिंह को शिकायत कर्ता को साथ लेकर मौके पर जाकर पूरे मामले की जांच कर आख्या देने का निर्देश दिया हैं।
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आरोप यह भी लगाया जा रहा हैं कि कि पुरानी बाउंड्री वाल को नई बनाकर दिखा दिया गया है। इसमें भी लाखों का भी गोलमाल करना बताया जा रहा है। वहीं पत्र में यह भी बताया गया हैं कि जिस 900 बीघे में वन विभाग पौधे लगाने का दवा कर रहा है वहां मौके पर 900 बीघा जमीन हैं नहीं फिर कैसे सवा लाख पौधे लगा दिए गए। जांच का आदेश आने से वन विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। पौधरोपण में करोड़ों का घोटाला करने वाले अधिकारियों का अब गला फंसता नजर आ रहा है।