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Mirzapur News: मां विंध्यवासिनी की संध्या और रात की आरती का समय बदलेगा
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विंध्याचल। मां विंध्यवासिनी की भोर की मंगला आरती के बाद अब शाम और रात की आरती का समय भी बदला लाएगा। शनिवार की शाम मंदिर की छत पर बने पंडा समाज के कार्यालय में हुई आम सभा में सर्वसम्मत से यह फैसला लिया गया। तय हुआ कि मां की संध्या आरती अब शाम 6:30 से 7:30 बजे और शयन आरती रात 11 बजे से 12 बजे होगी। इसका प्रस्ताव विंध्य विकास परिषद को भेज दिया गया है। डीएम की अध्यक्षता में विचार विमर्श कर इस पर निर्णय लिया जाएगा।
श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए आरती का समय बदलने को लेकर कई दिनों से बैठकों का दौर चल रहा था। तीन दिन पहले मंगला आरती का समय बदलकर एक घंटा पहले सुबह तीन से चार किया गया था। शनिवार की शाम हुई बैठक में संध्या और शयन आरती के समय में बदलाव पर सहमति बनी।
अभी तक संध्या आरती 7:15 से 8:15 तक होती थी और शयन आरती रात 9:30 से 10:30 बजे तक होती थी। यह फैसला श्रद्धालुओं की सुविधा के लिहाज से विंध्य पंडा समाज ने लिया है। पहले संध्या और शयन आरती के बीच समय कम मिलने के कारण श्रद्धालुओं को दर्शन पूजन में काफी इंतजार करना पड़ता था। वहीं, शयन आरती के बाद श्रद्धालुओं को दर्शन पूजन करने में अधिक रात हो जाती थी। नया नियम लागू होने के बाद संध्या आरती और शयन आरती के बीच 3:30 घंटे का समय दर्शन-पूजन के लिए मिलेगा, जिससे श्रद्धालुओं को सहूलियत होगी।
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एक दिन पहले प्रस्ताव पर शृंगारिया ने जताई थी आपत्ति
शुक्रवार को पंडा समाज व्यवस्थापिका समिति के पदाधिकारियों ने मंदिर के दोनों शृंगारिया के समक्ष आरती के समय में बदलाव का प्रस्ताव रखा था। इस पर शृंगारिया ने आपत्ति जताते हुए निर्णय मानने से इन्कार कर दिया था। शनिवार की दोपहर में समाज की कार्यकारिणी बैठक बुलाई गई। शाम को हुई आमसभा में बड़ी संख्या में तीर्थ पुरोहित शामिल हुए। इसमें सर्व सम्मति से संध्या और शयन आरती के समय में बदलाव का निर्णय लिया गया। पंडा समाज के अध्यक्ष पंकज द्विवेदी ने बताया कि दोनों आरती के समय बदलने का निर्णय आमसभा में हो चुका है। पंडा समाज तथा विंध्य विकास परिषद संयुक्त रूप से बैठक कर इस व्यवस्था को लागू करेगी। श्री विंध्य पंडा समाज के सदस्य प्रकाश चंद पांडेय ने कहा कि जो परंपरा पूर्वजों ने बनाई है, उसी के हिसाब से चलना चाहिए। उसमें किसी भी प्रकार से छेड़छाड़ नहीं करना चाहिए।
कोट-
- विंध्य विकास परिषद आध्यात्मिक, पौराणिक और श्रद्धालुओं की सुविधाओं को ध्यान में रखकर विभिन्न बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा करने के बाद इस पर निर्णय लेगी। - प्रियंका निरंजन, जिलाधिकारी
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श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए आरती का समय बदलने को लेकर कई दिनों से बैठकों का दौर चल रहा था। तीन दिन पहले मंगला आरती का समय बदलकर एक घंटा पहले सुबह तीन से चार किया गया था। शनिवार की शाम हुई बैठक में संध्या और शयन आरती के समय में बदलाव पर सहमति बनी।
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अभी तक संध्या आरती 7:15 से 8:15 तक होती थी और शयन आरती रात 9:30 से 10:30 बजे तक होती थी। यह फैसला श्रद्धालुओं की सुविधा के लिहाज से विंध्य पंडा समाज ने लिया है। पहले संध्या और शयन आरती के बीच समय कम मिलने के कारण श्रद्धालुओं को दर्शन पूजन में काफी इंतजार करना पड़ता था। वहीं, शयन आरती के बाद श्रद्धालुओं को दर्शन पूजन करने में अधिक रात हो जाती थी। नया नियम लागू होने के बाद संध्या आरती और शयन आरती के बीच 3:30 घंटे का समय दर्शन-पूजन के लिए मिलेगा, जिससे श्रद्धालुओं को सहूलियत होगी।
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एक दिन पहले प्रस्ताव पर शृंगारिया ने जताई थी आपत्ति
शुक्रवार को पंडा समाज व्यवस्थापिका समिति के पदाधिकारियों ने मंदिर के दोनों शृंगारिया के समक्ष आरती के समय में बदलाव का प्रस्ताव रखा था। इस पर शृंगारिया ने आपत्ति जताते हुए निर्णय मानने से इन्कार कर दिया था। शनिवार की दोपहर में समाज की कार्यकारिणी बैठक बुलाई गई। शाम को हुई आमसभा में बड़ी संख्या में तीर्थ पुरोहित शामिल हुए। इसमें सर्व सम्मति से संध्या और शयन आरती के समय में बदलाव का निर्णय लिया गया। पंडा समाज के अध्यक्ष पंकज द्विवेदी ने बताया कि दोनों आरती के समय बदलने का निर्णय आमसभा में हो चुका है। पंडा समाज तथा विंध्य विकास परिषद संयुक्त रूप से बैठक कर इस व्यवस्था को लागू करेगी। श्री विंध्य पंडा समाज के सदस्य प्रकाश चंद पांडेय ने कहा कि जो परंपरा पूर्वजों ने बनाई है, उसी के हिसाब से चलना चाहिए। उसमें किसी भी प्रकार से छेड़छाड़ नहीं करना चाहिए।
कोट-
- विंध्य विकास परिषद आध्यात्मिक, पौराणिक और श्रद्धालुओं की सुविधाओं को ध्यान में रखकर विभिन्न बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा करने के बाद इस पर निर्णय लेगी। - प्रियंका निरंजन, जिलाधिकारी