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बैंकों में नकदी की किल्लत बरकरार
ब्यूरो/ अमर उजाला/ मिर्जापुर
Updated Sat, 26 Nov 2016 12:12 AM IST
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विंध्याचल स्थित स्टेट बैंक के एटीएम के बाहर शुक्रवार को लगी लोगों की कतार।
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हजार पांच सौ के नोटों को बदलना बंद करने का सरकारी फरमान आते ही बैंकों के बाहर की भीड़ शुक्रवार को बैंकों के भीतर पहुंच गई। हालांकि अभी भी लोग कैश के लिए परेशान हैं और बैंक कैश से जल्दी खाली हो जा रहे हैं। शुक्रवार को शहर में कहीं भी बैंक के बाहर उपभोक्ताओं की भीड़ देखने को नहीं मिली। इससे रास्तों पर कतार नहीं दिखी।
सरकार ने नोट बदलने पर पाबंदी लगाई तो लोग बैंकों के बाहर कतार लगाना बंद कर दिए। शुक्रवार को कतार लगी लेकिन बैंकों की शाखाओं के भीतर। लोग अपने खाते में हजार पांच सौ के पुराने नोटों को जमा कराने पहुंचे। इससे अधिक लोग बैंकों में अपने खातों में से धन निकालने पहुंचे थे। दोपहर दो बजे तक जिनको पैसा मिला वे ही खुशनसीब रहे। रमईपट्टी के पंजाब नेशनल बैंक और स्टेट बैंक के अंदर कई लोग अपने खाते से पैसा निकालने में मशगूल रहे।
दोपहर बाद यहां भी कैश समाप्त हो गया। यही हाल डकीनगंज स्थित एसबीआई और अन्य बैंकों का भी रहा। कैश निकालने गए चिनिहवा इनारा के निवासी रमेश पटेल ने कहा कि सुबह लाइन लगाने में देरी हुई जिसका परिणाम खाली हाथ बैंक से लौटना रहा। उर्मिला और उनकी ननद संतोषी भी पैसा लेने एक निजी बैंक में पहुंची थीं लेकिन पैसा नहीं मिला बल्कि कई घंटे बर्बाद हो गए। उधर नगर सहित विन्ध्याचल और आसपास के कई कस्बों में एटीएम के नहीं खुलने से लोग हैरान परेशान रहे।
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कई लोग दो पहिया चारपहिये वाहनों से दूर दराज से आ कर शहर में खुले एटीएम ढूंढते रहे लेकिन कोई फायदा नहीं मिला। कैश की कमी के कारण दूकानदारों की बिक्री तो हो रही है लेकिन वह भी उधार ही। परिचितों को ही दूकानदार उधार दे रहे हैं।ऐसे में दूकानदारों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। भवन निर्माण सामग्री, लोहे का ग्रिल, रूम ब्लोअर, हीटर , टीवी आदि बड़े रकम वाले सामानों की बिक्री एकदम ठप पड़ी हुई है। बाहर से आकर रोज दूकानदारी करने वाले बड़े दूकानदार दोपहर बाद दूकानें बंद कर दे रहे हैं।
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सरकार ने नोट बदलने पर पाबंदी लगाई तो लोग बैंकों के बाहर कतार लगाना बंद कर दिए। शुक्रवार को कतार लगी लेकिन बैंकों की शाखाओं के भीतर। लोग अपने खाते में हजार पांच सौ के पुराने नोटों को जमा कराने पहुंचे। इससे अधिक लोग बैंकों में अपने खातों में से धन निकालने पहुंचे थे। दोपहर दो बजे तक जिनको पैसा मिला वे ही खुशनसीब रहे। रमईपट्टी के पंजाब नेशनल बैंक और स्टेट बैंक के अंदर कई लोग अपने खाते से पैसा निकालने में मशगूल रहे।
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दोपहर बाद यहां भी कैश समाप्त हो गया। यही हाल डकीनगंज स्थित एसबीआई और अन्य बैंकों का भी रहा। कैश निकालने गए चिनिहवा इनारा के निवासी रमेश पटेल ने कहा कि सुबह लाइन लगाने में देरी हुई जिसका परिणाम खाली हाथ बैंक से लौटना रहा। उर्मिला और उनकी ननद संतोषी भी पैसा लेने एक निजी बैंक में पहुंची थीं लेकिन पैसा नहीं मिला बल्कि कई घंटे बर्बाद हो गए। उधर नगर सहित विन्ध्याचल और आसपास के कई कस्बों में एटीएम के नहीं खुलने से लोग हैरान परेशान रहे।
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कई लोग दो पहिया चारपहिये वाहनों से दूर दराज से आ कर शहर में खुले एटीएम ढूंढते रहे लेकिन कोई फायदा नहीं मिला। कैश की कमी के कारण दूकानदारों की बिक्री तो हो रही है लेकिन वह भी उधार ही। परिचितों को ही दूकानदार उधार दे रहे हैं।ऐसे में दूकानदारों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। भवन निर्माण सामग्री, लोहे का ग्रिल, रूम ब्लोअर, हीटर , टीवी आदि बड़े रकम वाले सामानों की बिक्री एकदम ठप पड़ी हुई है। बाहर से आकर रोज दूकानदारी करने वाले बड़े दूकानदार दोपहर बाद दूकानें बंद कर दे रहे हैं।