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गंगा का रौद्र रूप: हरसिंगपुर के बाद अब मझिगवां मुक्तिधाम डूबने के कगार पर
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कोन ब्लाक के मझिगवां स्थित मुक्तिधाम तक पहुंचा बाढ़ का पानी।- संवाद।
- 74.510 मीटर पहुंचा गंगा का जलस्तर, तटवर्ती गांवों में फसल बचाने की जद्दोजहद
मिर्जापुर। गंगा के लगातार बढ़ते जलस्तर ने तटवर्ती इलाकों में बाढ़ की चिंता बढ़ा दी है। कोन ब्लॉक में हरसिंगपुर के बाद अब मझिगवां स्थित मुक्तिधाम भी डूबने के करीब पहुंच गया है। गंगा का पानी मुक्तिधाम के करीब पहुंच गया है।
पखवैया समेत तटवर्ती गांवों में गंगा का पानी खेतों की ओर बढ़ रहा है। फसल डूबने की आशंका में किसान सब्जियों की तुड़ाई में जुट गए हैं। हरसिंहपुर, मल्लेपुर, तिलठी, अनिरुद्धपुर, पूरब पट्टी और पखवैया में किसानों ने बड़े पैमाने पर सब्जियों की खेती करते हैं। सब्जी उत्पादकों का कहना है कि गंगा का पानी इसी तरह बढ़ता रहा तो एक-दो दिन में खेत जलमग्न हो सकते हैं। गोलू दुबे, पिंटू सोनकर और लक्ष्मण सोनकर ने बताया कि खेतों में पानी आने से पहले जितनी फसल बचाई जा सकती है, उसे निकालने में जुटे हैं। गंगा का पानी बढ़ा तो सब्जियों की तैयार फसल पूरी तरह चौपट हो सकती है।
दो घंटे में एक सेंटीमीटर बढ़ रहा गंगा का जलस्तर
फतहां स्थित सिंचाई विभाग कार्यालय परिसर में बने बाढ़ कंट्रोल रूम से मिली जानकारी के अनुसार शनिवार सुबह आठ बजे तक 12 घंटे में गंगा का जलस्तर आठ सेंटीमीटर बढ़कर 74.460 मीटर पहुंच गया था। शाम चार बजे तक यह 74.500 मीटर हो गया। शाम छह बजे दो घंटे में एक सेंटीमीटर बढ़ोतरी के साथ जलस्तर 74.510 मीटर दर्ज किया गया। जिले में गंगा का चेतावनी बिंदु 76.724 मीटर और खतरे का निशान 77.724 मीटर है। जलस्तर लगातार बढ़ने से प्रशासन भी सतर्क है। संभावित बाढ़ को देखते हुए सदर और चुनार तहसील क्षेत्र में 37 बाढ़ चौकियां सक्रिय कर दी गई हैं। यहां तैनात कर्मचारी जलस्तर और तटवर्ती क्षेत्रों की स्थिति पर नजर रख रहे हैं।
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मिर्जापुर। गंगा के लगातार बढ़ते जलस्तर ने तटवर्ती इलाकों में बाढ़ की चिंता बढ़ा दी है। कोन ब्लॉक में हरसिंगपुर के बाद अब मझिगवां स्थित मुक्तिधाम भी डूबने के करीब पहुंच गया है। गंगा का पानी मुक्तिधाम के करीब पहुंच गया है।
पखवैया समेत तटवर्ती गांवों में गंगा का पानी खेतों की ओर बढ़ रहा है। फसल डूबने की आशंका में किसान सब्जियों की तुड़ाई में जुट गए हैं। हरसिंहपुर, मल्लेपुर, तिलठी, अनिरुद्धपुर, पूरब पट्टी और पखवैया में किसानों ने बड़े पैमाने पर सब्जियों की खेती करते हैं। सब्जी उत्पादकों का कहना है कि गंगा का पानी इसी तरह बढ़ता रहा तो एक-दो दिन में खेत जलमग्न हो सकते हैं। गोलू दुबे, पिंटू सोनकर और लक्ष्मण सोनकर ने बताया कि खेतों में पानी आने से पहले जितनी फसल बचाई जा सकती है, उसे निकालने में जुटे हैं। गंगा का पानी बढ़ा तो सब्जियों की तैयार फसल पूरी तरह चौपट हो सकती है।
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दो घंटे में एक सेंटीमीटर बढ़ रहा गंगा का जलस्तर
फतहां स्थित सिंचाई विभाग कार्यालय परिसर में बने बाढ़ कंट्रोल रूम से मिली जानकारी के अनुसार शनिवार सुबह आठ बजे तक 12 घंटे में गंगा का जलस्तर आठ सेंटीमीटर बढ़कर 74.460 मीटर पहुंच गया था। शाम चार बजे तक यह 74.500 मीटर हो गया। शाम छह बजे दो घंटे में एक सेंटीमीटर बढ़ोतरी के साथ जलस्तर 74.510 मीटर दर्ज किया गया। जिले में गंगा का चेतावनी बिंदु 76.724 मीटर और खतरे का निशान 77.724 मीटर है। जलस्तर लगातार बढ़ने से प्रशासन भी सतर्क है। संभावित बाढ़ को देखते हुए सदर और चुनार तहसील क्षेत्र में 37 बाढ़ चौकियां सक्रिय कर दी गई हैं। यहां तैनात कर्मचारी जलस्तर और तटवर्ती क्षेत्रों की स्थिति पर नजर रख रहे हैं।
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