{"_id":"67dc666fb389e557800eb30c","slug":"the-child-ward-is-full-of-diarrhea-victims-two-patients-on-one-bed-mirzapur-news-c-192-1-svns1035-131182-2025-03-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mirzapur News: डायरिया पीड़ितों से बच्चा वार्ड फुल, एक बेड पर दो-दो मरीज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mirzapur News: डायरिया पीड़ितों से बच्चा वार्ड फुल, एक बेड पर दो-दो मरीज
विज्ञापन
मिर्जापुर। मौसम में बार-बार बदलाव और तापमान में उतार-चढ़ाव के कारण लोग बीमार हो रहे हैं। बड़ी संख्या में बच्चे डायरिया के शिकार हो रहे हैं। मंडलीय अस्पताल का बच्चा वार्ड डायरिया के मरीजों से भर गया है। एक बेड 30 बेड पर 46 मरीज भर्ती हैं। पर दो-दो मरीज भर्ती कर इलाज किया जा रहा है। पिछले छह दिनों में 52 बच्चे भर्ती किए जा चुके हैं। वहीं, डायरिया के दूसरे मरीज अन्य वार्डों में भर्ती किए गए हैं।
तापमान में उतार-चढ़ाव का सबसे ज्यादा असर बच्चों और बुजुर्गों पर पड़ रहा है। कभी तेज धूप तो कभी बारिश होने के कारण लोग डायरिया की चपेट में आ रहे हैं। इनमें बच्चों की संख्या सबसे ज्यादा है। मंडलीय के बच्चा वार्ड में रोज आठ से 10 बजे डायरिया के भर्ती हो रहे है। वहीं, ओपीडी में 10 प्रतिशत मरीज डायरिया के आ रहे हैं। बच्चा वार्ड में 13 मार्च को डायरिया के आठ, 14 को सात, 15 को आठ, 17 को पांच, 18 को 16 और 19 की दोपहर तक तीन बच्चे भर्ती किए गए। मरीजों को स्वस्थ होने में दो से चार दिन लग रहे हैं। वहीं, डायरिया के अलावा सर्दी-जुकाम, बुखार और संक्रमण से पीड़ित 15 से 20 बच्चे रोज आ रहे हैं। 30 बेड के बच्चा वार्ड कई दिनों से फुल चल रहा है। ऐसे में कई बेड पर दो-दो बच्चे भर्ती कर उनका इलाज किया जा रहा है। वहीं, इमरजेंसी में रोज डायरिया के 20 मरीज से ज्यादा मरीज आ रहे हैं, जिनमें बुजुर्गों की संख्या ज्यादा है।
....................................
दिनचर्या और खानपान में लापरवाही पड़ रही भारी
मेडिकल काॅलेज के असिस्टेंट प्रोफेसर डाॅ. राजेश सिंह ने बताया कि डायरिया से बीमार बच्चों की बच्चों की संख्या बढ़ी है। मौसम परिवर्तन के अलावा खानपान में लापरवाही के कारण बच्चे बीमार हो रहे हैं। बच्चे को उल्टी-दस्त होने पर तत्काल ओआरएस का घोल पिलाएं। एक लीटर पानी में आधा चम्मच चीनी और नमक मिलाकर भी ओआरएस बना सकते हैं। बाहर का सामान न खिलाएं। दाल और दलिया का सेवन कराएं। इसके अलावा साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दें। ज्यादा सुस्त हो रहा हो और उल्टी लगातार कर रहा हो तो डाक्टर को दिखाएं।
विज्ञापन
.........................................................
वर्जन
डायरिया के मरीजों की संख्या बढ़ी है। इमरजेंसी में रोज 20 मरीज आ रहे हैं। मौसम बदलने और खानपान में लापरवाही के कारण बच्चे बीमार हो रहे हैं। - डाॅ. सुनील कुमार सिंह, चिकित्सा अधीक्षक, मंडलीय अस्पताल
विज्ञापन
तापमान में उतार-चढ़ाव का सबसे ज्यादा असर बच्चों और बुजुर्गों पर पड़ रहा है। कभी तेज धूप तो कभी बारिश होने के कारण लोग डायरिया की चपेट में आ रहे हैं। इनमें बच्चों की संख्या सबसे ज्यादा है। मंडलीय के बच्चा वार्ड में रोज आठ से 10 बजे डायरिया के भर्ती हो रहे है। वहीं, ओपीडी में 10 प्रतिशत मरीज डायरिया के आ रहे हैं। बच्चा वार्ड में 13 मार्च को डायरिया के आठ, 14 को सात, 15 को आठ, 17 को पांच, 18 को 16 और 19 की दोपहर तक तीन बच्चे भर्ती किए गए। मरीजों को स्वस्थ होने में दो से चार दिन लग रहे हैं। वहीं, डायरिया के अलावा सर्दी-जुकाम, बुखार और संक्रमण से पीड़ित 15 से 20 बच्चे रोज आ रहे हैं। 30 बेड के बच्चा वार्ड कई दिनों से फुल चल रहा है। ऐसे में कई बेड पर दो-दो बच्चे भर्ती कर उनका इलाज किया जा रहा है। वहीं, इमरजेंसी में रोज डायरिया के 20 मरीज से ज्यादा मरीज आ रहे हैं, जिनमें बुजुर्गों की संख्या ज्यादा है।
विज्ञापन
....................................
दिनचर्या और खानपान में लापरवाही पड़ रही भारी
मेडिकल काॅलेज के असिस्टेंट प्रोफेसर डाॅ. राजेश सिंह ने बताया कि डायरिया से बीमार बच्चों की बच्चों की संख्या बढ़ी है। मौसम परिवर्तन के अलावा खानपान में लापरवाही के कारण बच्चे बीमार हो रहे हैं। बच्चे को उल्टी-दस्त होने पर तत्काल ओआरएस का घोल पिलाएं। एक लीटर पानी में आधा चम्मच चीनी और नमक मिलाकर भी ओआरएस बना सकते हैं। बाहर का सामान न खिलाएं। दाल और दलिया का सेवन कराएं। इसके अलावा साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दें। ज्यादा सुस्त हो रहा हो और उल्टी लगातार कर रहा हो तो डाक्टर को दिखाएं।
विज्ञापन
.........................................................
वर्जन
डायरिया के मरीजों की संख्या बढ़ी है। इमरजेंसी में रोज 20 मरीज आ रहे हैं। मौसम बदलने और खानपान में लापरवाही के कारण बच्चे बीमार हो रहे हैं। - डाॅ. सुनील कुमार सिंह, चिकित्सा अधीक्षक, मंडलीय अस्पताल