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Mirzapur News: फसलों का मुआवजा दे और किसानों को बसाए प्रशासन
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अहरौरा। बाणसागर का पानी बढ़ने से गेहूं और खरबूज की फसल बर्बाद होने के बाद किसानों को अभी तक मुआवजा नहीं मिला। मुआवजे की मांग करने पर राजस्व कर्मियों ने किसानों से बदसलूकी की। मंगलवार को जरगो बांध गरीब किसान सेवा समिति की राजा तेज सिंह के कोट पर हुई बैठक में बाणसागर और प्रस्तावित गंगा नहर का पानी ले जाने के दौरान विस्थापित किसानों को बसाने की मांग की गई।
बैठक में जरगो बांध गरीब किसान सेवा समिति पटिहटा के दौलत सिंह ने कहा कि बांध के डूब क्षेत्र में किसानों की गेहूं तथा खरबूज की फसल बर्बाद हुई है। अमीन मुआवजे के संबंध में किसानों को प्रताड़ित कर रहे हैं। किसानों के वृक्षों को काटकर बेचा जा रहा है। जमीनों की वरासत और पट्टे के नाम पर किसानों से धन उगाही की जा रही है। जरगो जलाशय के डूब क्षेत्र की जमीनों से बाढ़ सागर और गंगानहर का पानी ले जाना के लिए किसानों की जमीन बालू से पट जाएगी। इससे किसानों के समक्ष भुखमरी की समस्या पैदा हो जाएगी। कहा कि डूब क्षेत्र के किसानों की चिंता प्रशासन को दूर करनी चाहिए।
किसानों ने कहा कि पहाड़ों के नीचे और नहर की पटरियों कि किनारे से जिन किसानों को उड़ा गया है, उनके पुनर्वास की व्यवस्था करने के साथ मुआवजा दिया जाय। बैठक में आनंद सिंह, बड़ेलाल पाल, अर्जुन सिंह, राजकुमार पाल, मोतीलाल, रामबली सिंह, राजू प्रजापति, गिरधारी, रामदेव, कन्हैया लाल आदि थे।
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बैठक में जरगो बांध गरीब किसान सेवा समिति पटिहटा के दौलत सिंह ने कहा कि बांध के डूब क्षेत्र में किसानों की गेहूं तथा खरबूज की फसल बर्बाद हुई है। अमीन मुआवजे के संबंध में किसानों को प्रताड़ित कर रहे हैं। किसानों के वृक्षों को काटकर बेचा जा रहा है। जमीनों की वरासत और पट्टे के नाम पर किसानों से धन उगाही की जा रही है। जरगो जलाशय के डूब क्षेत्र की जमीनों से बाढ़ सागर और गंगानहर का पानी ले जाना के लिए किसानों की जमीन बालू से पट जाएगी। इससे किसानों के समक्ष भुखमरी की समस्या पैदा हो जाएगी। कहा कि डूब क्षेत्र के किसानों की चिंता प्रशासन को दूर करनी चाहिए।
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किसानों ने कहा कि पहाड़ों के नीचे और नहर की पटरियों कि किनारे से जिन किसानों को उड़ा गया है, उनके पुनर्वास की व्यवस्था करने के साथ मुआवजा दिया जाय। बैठक में आनंद सिंह, बड़ेलाल पाल, अर्जुन सिंह, राजकुमार पाल, मोतीलाल, रामबली सिंह, राजू प्रजापति, गिरधारी, रामदेव, कन्हैया लाल आदि थे।
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