फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Mirzapur News ›   Tehsil Day take seriously

तहसील दिवस को गंभीरता से लें

Sun, 21 Feb 2016 12:44 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला/ मिर्जापुर
ब्यूरो/अमर उजाला/ मिर्जापुर Updated Sun, 21 Feb 2016 12:44 AM IST
विज्ञापन
Tehsil Day take seriously
गांवों में झगड़े होते हैं बवाल होते हैं पर लेखपालों को मामले की जानकारी नहीं होती है। यह हास्यास्पद स्थिति है। समाधान दिवस, तहसील दिवस को मजाक न समझें अन्यथा लेखपालों को इसके गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।
विज्ञापन


चेतावनी जिलाधिकारी राजेश कुमार सिंह ने शनिवार की दोपहर में अहरौरा थाने पर आयोजित समाधान दिवस के दौरान लेखपालों को दी। कहा कि घटना की सच्चाई पता कर कारण और कार्रवाई अभिलेखों में दर्ज करें अन्यथा प्रतिकूल प्रविष्टी मिलेगी।
विज्ञापन


 बताते चलें कि अहरौरा थाना क्षेत्र के पटिहटा गांव में भूमि विवाद के दौरान दो पक्षों की आपसी रंजिश में दो बार घर जल चुके हैं। अबतक लेखपाल को मामले की जानकारी भी नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन


लेखपाल से पूछा कि किस बात का इंतजार है। कहा कि कागजी रिपोर्ट पर लीपापोती बर्दाश्त नहीं की जाएगी। 107 116 में जमीनी कार्रवाई नजर आनी चाहिए। लेखपाल टीम बनाकर मामलाें का निस्तारण करें।

विदित हो कि जिलाधिकारी के तल्ख तेवर की वजह ऐसे 25 भूमि विवाद के मामले में रहे जिसकी जानकारी उपलब्ध कराने में लेखपाल निरुत्तर हो गए। समाधान दिवस के दौरान हास्यापद स्थिति तब हो गई जब मानिकपुर गांव में मकान बनने के बाद भी चकबंदी विभाग ने चक परिवर्तित कर दिया।

दोनों पक्ष अपनी फरियाद लेकर समाधान दिवस पर मौजूद रहे ।जिस पर डीएम ने कहा कि सही कार्य ही होगा। वास्तविक स्थिति का पता लगा कर मामले का निस्तारण किया जाएगा।

इस दौरान नई बाजार स्थिति एक दूकान पर दबंगों द्वारा अवैध कब्जा किए जाने का मामला प्रकाश में आया। वादी दो वर्षों से न्यायालय का आदेश लेकर दर दर भटक रहा है। जिस पर जिलाधिकारी ने एसडीएम चुनार को तत्काल कब्जा दिलाने का निर्देश दिया।

इस अवसर पर मौजूद पुलिस अधीक्षक अरविंद सेन ने कहा कि कानून व्यवस्था की जिम्मेदारी पुलिस की ही नहीं होती लेखपाल भी जिम्मेदारी होती है। यह एक सामाजिक विकृति है। भूमि विवाद के मामलों में 107 116 की कार्रवाई पुलिस तो करती हैे लेकिन जमीनी स्तर पर मामले का निस्तारण नहीं हो पाता।

जिससे विवाद बना ही रह जाता है। बैठक के दौरान श्रीरामपुर गांव की दर्जन भर महिलाओं ने शौचालय बनवाने की मांग की। जिसपर मामले का संज्ञान लेते हुए डीएम ने कहा कि वन भूमि होने के कारण शौचालय का निर्माण संभव नहीं है।

समाधान दिवस पर यह पहली बार था जब जिले के डीएम व एसपी फरियादियों की समस्या से सीधे तौर पर रूबरू हुए और किसी बिचौलिए ने मध्यस्थता नहीं की। नगर के लोगों में इस बात चर्चा है।


इस अवसर पर कुल 10 प्रार्थना पत्र आए जिसमें सभी के निस्तारण के निर्देश दिए गए। इस दौरान एसडीएम अवधेश मिश्रा, राम जयश्री, कोतवाली प्रभारी रमेश यादव, कमलेश पाल, वैभव सिंह समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed