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Mirzapur News: सूर्यदेव के नहीं हुए दर्शन, दिन भर बूंदाबांदी से बढ़ी गलन
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मिर्जापुर। दिन भर हुई बूंदाबांदी से शनिवार को मौसम बदल गया। तेज हवाएं और बूंदाबांदी से तापमान में गिरावट हो गई। दिन भर सूर्य देव के दर्शन नहीं हुए। गलन बढ़ने से चौराहों-तिराहों पर राहगीर ठिठुरते नजर आए।
शनिवार को बादलों के साथ दिन की शुरूआत हुई। कुछ देर बूंदाबांदी हुई तो लोगों को लगा कि मौसम खुल जाएगा, लेकिन बूंदाबांदी पूरे दिन जारी रही। तेज हवाओं के कारण गलन भी बढ़ गई। ठंड के चलते अन्य दिनों की अपेक्षा बाजारों में भीड़ कम रही। शनिवार को अधिकतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 13 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि एक दिन पहले शुक्रवार को अधिकतम तापमान 27 और न्यूनतम 16 डिग्री सेल्सियस था। दिन और रात के तापमान में 7 से 3 डिग्री सेल्सियस के अंतर के कारण दिसंबर के अंतिम सप्ताह में गलन बढ़ गई। उधर, बारिश से किसानों के चेहरे खुशी से खिले उठे। हलिया क्षेत्र में सुबह से बूंदाबांदी होने से किसान इसे लाभदायक बता रहे हैं। उधर, धान खरीद केंद्र हलिया प्रथम, द्वितीय, तृतीय एवं भटवारी अहुगी कला हर्रा पर तौल के बाद रखी धान को लेकर केंद्र प्रभारी और किसान परेशान रहे। जिला कृषि अधिकारी डॉ. अवधेश कुमार यादव ने बताया कि बारिश गेहूं, सरसों, मसूर, जौ, चना, अलसी आदि की फसलों के लिए फायदेमंद है। मौसम पूर्वानुमान के आधार पर ग्रामीण कृषि मौसम सेवा भू-भौतिकी विभाग बीएचयू वाराणसी के नोडल अधिकारी प्रो. रवि शंकर सिंह व तकनीकी अधिकारी (मौसम वैज्ञानिक) शिव मंगल सिंह ने बताया कि दिन और रात के तापमान में उतार-चढ़ाव के चलते तीन-चार दिनों तक आसमान में बादल छाए रहेंगे। 29 दिसंबर को भी कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। बारिश के चलते ठंड में इजाफा होगा।
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शनिवार को बादलों के साथ दिन की शुरूआत हुई। कुछ देर बूंदाबांदी हुई तो लोगों को लगा कि मौसम खुल जाएगा, लेकिन बूंदाबांदी पूरे दिन जारी रही। तेज हवाओं के कारण गलन भी बढ़ गई। ठंड के चलते अन्य दिनों की अपेक्षा बाजारों में भीड़ कम रही। शनिवार को अधिकतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 13 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि एक दिन पहले शुक्रवार को अधिकतम तापमान 27 और न्यूनतम 16 डिग्री सेल्सियस था। दिन और रात के तापमान में 7 से 3 डिग्री सेल्सियस के अंतर के कारण दिसंबर के अंतिम सप्ताह में गलन बढ़ गई। उधर, बारिश से किसानों के चेहरे खुशी से खिले उठे। हलिया क्षेत्र में सुबह से बूंदाबांदी होने से किसान इसे लाभदायक बता रहे हैं। उधर, धान खरीद केंद्र हलिया प्रथम, द्वितीय, तृतीय एवं भटवारी अहुगी कला हर्रा पर तौल के बाद रखी धान को लेकर केंद्र प्रभारी और किसान परेशान रहे। जिला कृषि अधिकारी डॉ. अवधेश कुमार यादव ने बताया कि बारिश गेहूं, सरसों, मसूर, जौ, चना, अलसी आदि की फसलों के लिए फायदेमंद है। मौसम पूर्वानुमान के आधार पर ग्रामीण कृषि मौसम सेवा भू-भौतिकी विभाग बीएचयू वाराणसी के नोडल अधिकारी प्रो. रवि शंकर सिंह व तकनीकी अधिकारी (मौसम वैज्ञानिक) शिव मंगल सिंह ने बताया कि दिन और रात के तापमान में उतार-चढ़ाव के चलते तीन-चार दिनों तक आसमान में बादल छाए रहेंगे। 29 दिसंबर को भी कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। बारिश के चलते ठंड में इजाफा होगा।
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