विंध्याचल। पितरों के मोक्ष की कामना के लिए रामगया घाट पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को इस बार बदइंतजामी से जूझना पड़ेगा। शिवपुर स्थित रामगया घाट पर रविवार से 16 दिवसीय पितृपक्ष शुरू हो गया। अमावस्या पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है, लेकिन घाट पर बिजली, पानी, शौचालय, प्रकाश और सफाई जैसी मूलभूत सुविधाएं बदहाल हैं।
शाम होते ही रामगया घाट अंधेरे में डूब जाता है। हाईमास्ट खराब हैं। गंगा का जलस्तर घटने के बाद घाट की सीढ़ियों और आसपास सिल्ट व कूड़ा-करकट जमा है। घाट किनारे शौचालय की व्यवस्था नहीं है। हजारों श्रद्धालुओं के लिए महज एक हैंडपंप सहारा है। पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष मनोज जायसवाल के कार्यकाल में श्रद्धालुओं के लिए बनाए गए ठंडे पेयजल केंद्र भी लंबे समय से शोपीस बने हैं।

कीचड़ से सना रामगयाघाट मार्ग।- संवाद।- फोटो : Samvad