Ayush Scam: डॉ. ऋतु की गिरफ्तारी के बाद मेडिकल कॉलेज जांच के लिए पहुंची टीम, विवादों से रहा है पुराना नाता
संतुष्टि मेडिकल कॉलेज हमेशा ही विवादों में रहा है। कॉलेज के छात्र हास्टल में बेहतर भोजन गुणवत्ता व अन्य समस्याओं को लेकर हंगामा और प्रदर्शन करते रहे हैं। छात्र कॉलेज प्रशासन और डायरेक्टर पर बेहतर व्यवस्थाएं न देने का आरोप लगाते थे।
विस्तार
आयुष चिकित्सा में दाखिले के अनियमितता में डॉ. ऋतु गर्ग के जेल जाने के बाद उनके डगमगपुर हिनौती स्थित संतुष्टि मेडिकल कालेज में बुधवार को जांच के लिए लखनऊ से नामित बीएचयू से दो डॉक्टरों की टीम पहुंची। टीम में शामिल डाक्टरों ने काफी देर तक जांच पड़ताल कर कागजात देखे। इसके बाद कुछ कागजात लेकर लौट गए। निदेशक की गिरफ्तारी के बाद जांच टीम पहुंचने से परिसर में खलबली मची रही। आशंका जताई जा रही है कि अनियमितता के सिलसिले में जांच के लिए टीम पहुंची थी।
संतुष्टि मेडिकल कालेज में आयुष चिकित्सा की पढ़ाई होती है। प्रदेश में आयुष चिकित्सा में दाखिले में बरती गई अनियमितता की जांच की जा रही थी। संतुष्टि मेडिकल कालेज में भी वर्ष 2021-22 में बीएमएस में हुए 100 में 76 बच्चों का दाखिला संदिग्ध पाए जाने पर उनको निलंबित किया गया।
इस बीच जांच कर रही एसटीएफ की टीम ने लखनऊ में पूछताछ के बाद मंगलवार को संतुष्टि मेडिकल कालेज की डायरेक्टर डॉ. ऋतु गर्ग को गिरफ्तार कर लिया। कोर्ट ने उनको 13 मार्च तक के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
एडमिनिस्ट्रेटर संतोष कुमार राय ने बताया कि शासन से नामित बीएचयू से दो सदस्यीय टीम आई थी। हर छह माह पर बीएमएस, फार्मेसी आदि विभाग की रुटीन जांच करती है। टीम वही जांच करने आई है। प्रशासनिक अधिकारी बृजेश कुमार मिश्रा ने बताया कि टीम रुटीन जांच के लिए आई थी। इसका दाखिले वाले मामले से कोई मतलब नहीं है।
परीक्षा न कराने और ज्यादा फीस लेने को लेकर हुआ था हंगामा
संतुष्टि मेडिकल कालेज में 2018-19 में परीक्षा देर से होने और ज्यादा फीस लेने का आरोप लगाते हुए छात्रों ने हंगामा किया था। इस वर्ष विश्वविद्यालय ने परीक्षा कराने से इंकार कर दिया था। छात्रों ने मेडिकल कालेज प्रशासन पर परीक्षा न कराने और ज्यादा फीस लेने को लेकर हंगामा किया था। बवाल बढ़ने पर चार थानों की पुलिस बुलाई गई थी। जिसके बाद परीक्षा कराई गई।
इसके अलावा हास्टल में पेयजल व अन्य व्यवस्था को लेकर भी हंगामा होता रहता था। कालेज के प्रशासनिक अधिकारी बृजेश कुमार मिश्रा ने बताया कि इस वर्ष हाईकोर्ट के अंतरिम आदेश पर दाखिला लिया गया था। यूनिवर्सिटी ने देर के चलते परीक्षा नहीं करा रही थी। जिसके बाद कालेज की तरफ से परीक्षा कराई गई थी।
जमीन कब्जे का भी लगा था आरोप
डगमगपुर हिनौती में वर्ष 2014 में संतुष्टि मेडिकल कालेज भवन का निर्माण शुरू हुआ था। इसके लिए 26 बीघा जमीन खरीदी गई थी। ग्रामीणों ने आरोप लगाया था कि ज्यादा जमीन कब्जा किया जा रहा है। बाद में किसी तरह मामला शांत हुआ था। अभी भी कुछ स्थान को लेकर विवाद चल रहा है। इसको लेकर कई बार कालेज की निदेशक और उनके पति यहां प्रशासनिक अधिकारियों से मिले।
निलंबन के बाद हुआ था हंगामा
नवंबर माह में जब कालेज में संदिग्ध दाखिला मिलने पर 76 बच्चो को निलंबित किया गया था, तब छात्रों ने खूब हंगामा किया था। छात्रों को कहना था कि उनको निलंबित किया गया है तो उनकी फीस और उनके अभिलेख वापस किया जाएं। हंगामा को देखते हुए एसडीएम सदर चंद्रभान सिंह फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे थे। छात्रों को समझाकर मामला शांत कराया था।
हास्टल में रहे छात्र
आयुष कालेज में दाखिले में अनियमितता के मामले में कोर्ट के आदेश के बाद एसटीएफ ने संतुष्टि आयुर्वेदिक मेडिकल कालेज एंड हास्पिटल की डायरेक्टर डॉ. ऋतु गर्ग को जेल भेज दिया। डायरेक्टर के जेल जाने के बाद कालेज परिसर में सन्नाटा है। बीएचयू से जांच टीम आने के चलते कुछ देर हलचल रही। उसके बाद फिर सन्नाटा पसर गया। इस समय कालेज में 2017-18 बैच के 22 छात्र और 45 छात्राएं, 2018-19 बैच के 20 छात्र और 22 छात्राएं, 2019-20 बैच के 35 छात्र और 38 छात्राएं मौजूद हैं। इसके अलावा 2021-22 बैच के 24 में से 12 छात्र मौजूद हैं। बाकी छुट्टी पर हैं।