{"_id":"633b3bc29d09101a0143f479","slug":"shortage-of-antibiotics-in-the-divisional-hospital-mirzapur-news-vns6774698111","type":"story","status":"publish","title_hn":"मंडलीय अस्पताल में एंटी बायोटिक दवाओं की कमी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मंडलीय अस्पताल में एंटी बायोटिक दवाओं की कमी
विज्ञापन
मंडलीय अस्पताल में झुलसे मरीजों के उपचार के बाबत महिलाओं व पुरुषों के लिए अलग-अलग वार्ड हैं। बर्न वार्ड में लगा एसी तो चालू हालत में है, लेकिन एंटीबायोटिक दवाओं की कमी है। इसके चलते मरीजों को बाहर से लेने के लिए विवश होना पड़ रहा है।
भदोही के औराई थाना क्षेत्र में बीते रविवार को दुर्गा पूजा पंडाल में आग लगने से कई लोग झुलस गए। झुलसे लोगों को उपचार के लिए वाराणसी और प्रयागराज भेजा गया। हालांकि मंडलीय अस्पताल में पुरुषों और महिलाओं के लिए 12-12 बेड के अलग वार्ड हैं। इसमें एसी व पंखे लगे हैं। कभी-कभी एसी नहीं चलने की शिकायत होती है, परंतु वर्तमान में एसी चालू हालत में है। पुरुष और महिला दोनों वार्डों में दो-दो कमरे हैं। एक कमरे में छह बेड हैं। मरीजों के लिए मलहम और अन्य दवाएं तो उपलब्ध हैं, लेकिन एंटीबायोटिक दवाओं की कमी है। मरीजों के परिजनों को बाहर से दवा लेने के लिए विवश होना पड़ता है।
मंडलीय अस्पताल के एसआईसी डॉ. अरविंद सिंह ने बताया कि महिलाओं और पुरुषों के लिए 12-12 बेड के अलग-अलग बर्न वार्ड हैं। मरीजों के लिए दवाएं उपलब्ध हैं। इंजेक्शन, मलहम व अन्य दवाएं उपलब्ध हैं। हालांकि कुछ एंटीबायोटिक दवाएं फिलहाल उपलब्ध नहीं हैं। इसके लिए पत्र लिखा गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
भदोही के औराई थाना क्षेत्र में बीते रविवार को दुर्गा पूजा पंडाल में आग लगने से कई लोग झुलस गए। झुलसे लोगों को उपचार के लिए वाराणसी और प्रयागराज भेजा गया। हालांकि मंडलीय अस्पताल में पुरुषों और महिलाओं के लिए 12-12 बेड के अलग वार्ड हैं। इसमें एसी व पंखे लगे हैं। कभी-कभी एसी नहीं चलने की शिकायत होती है, परंतु वर्तमान में एसी चालू हालत में है। पुरुष और महिला दोनों वार्डों में दो-दो कमरे हैं। एक कमरे में छह बेड हैं। मरीजों के लिए मलहम और अन्य दवाएं तो उपलब्ध हैं, लेकिन एंटीबायोटिक दवाओं की कमी है। मरीजों के परिजनों को बाहर से दवा लेने के लिए विवश होना पड़ता है।
विज्ञापन
मंडलीय अस्पताल के एसआईसी डॉ. अरविंद सिंह ने बताया कि महिलाओं और पुरुषों के लिए 12-12 बेड के अलग-अलग बर्न वार्ड हैं। मरीजों के लिए दवाएं उपलब्ध हैं। इंजेक्शन, मलहम व अन्य दवाएं उपलब्ध हैं। हालांकि कुछ एंटीबायोटिक दवाएं फिलहाल उपलब्ध नहीं हैं। इसके लिए पत्र लिखा गया है।
विज्ञापन