{"_id":"653cf3d5775e353efb07d19d","slug":"sharad-purnima-2023-devotees-gathered-to-worship-maa-vindhyavasini-offered-offerings-to-maa-vindhyavasini-2023-10-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"शरद पूर्णिमा 2023: मां विंध्यवासिनी के दर्शन-पूजन के लिए उमड़ा भक्तों का रेला, मां विंध्यवासिनी को लगाया भोग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शरद पूर्णिमा 2023: मां विंध्यवासिनी के दर्शन-पूजन के लिए उमड़ा भक्तों का रेला, मां विंध्यवासिनी को लगाया भोग
Sat, 28 Oct 2023 05:13 PM IST
किरन रौतेला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मिर्जापुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मिर्जापुर
Published by: किरन रौतेला
Updated Sat, 28 Oct 2023 05:13 PM IST
सार
नारियल, चुनरी, माला-फूल व प्रसाद लिए श्रद्घालु गर्भगृह में पहुंचकर माता के भव्य स्वरुप का दर्शन कर मंगलकामना की। आस्थाधाम आई महिलाओं ने मां विंध्यवासिनी को हलवा व पूड़ी का भोग लगाकर दर्शन पूजन किया। मंदिर के छत पर मां का पताका व मां का दर्शन पूजन करने के लिए आस्थावानों की भारी भीड़ के चलते विंध्य धाम की समस्त गलियां पटी रही।
विज्ञापन
शरद पूर्णिमा 2023: मां विंध्यवासिनी के दर्शन-पूजन के लिए उमड़ा भक्तों का रेला
- फोटो : संवाद
विस्तार
शारदीय नवरात्र की शरद पूर्णिमा पर शनिवार को विंध्य धाम में श्रद्घालुओं का रेला लगा रहा। मंगला आरती श्रृंगार पूजन के उपरांत सुबह 10 बजे तक एक लाख से अधिक भक्तों ने आस्थाधाम पहुंचकर मां विंध्यवासिनी का दर्शन और पूजन किया। विंध्यधाम पहुंचे अधिकांश श्रद्घालुओं का कारवां गंगा घाटों की ओर पहुंचा। गंगा स्नान और ध्यान के बाद भक्त मंदिर की ओर गए।
विज्ञापन
यह भी पढ़ें- वाराणसी: 32 साल में चौथी बार दिन में हो रही है गंगा आरती, दशाश्वमेध व अस्सी घाट पर अलग ही नजारा, ये है कारण
विज्ञापन
नारियल, चुनरी, माला-फूल व प्रसाद लिए श्रद्घालु गर्भगृह में पहुंचकर माता के भव्य स्वरुप का दर्शन कर मंगलकामना की। आस्थाधाम आई महिलाओं ने मां विंध्यवासिनी को हलवा व पूड़ी का भोग लगाकर दर्शन पूजन किया। मंदिर के छत पर मां का पताका व मां का दर्शन पूजन करने के लिए आस्थावानों की भारी भीड़ के चलते विंध्य धाम की समस्त गलियां पटी रही। शनिवार की भोर में मां विंध्वासिनी देवी की घंटा,घड़ियाल, शंख व नगाड़ा के बीच मंगला आरती के बाद से ही दर्शन और पूजन करने का सिलसिला पूरे दिन तक चलता रहा। धाम में भारी भीड़ के चलते अधिकांश श्रद्घालुओं ने झांकी दर्शनकर माता का आशीर्वाद प्राप्त किया। माता के दर्शन पश्चात भक्तजनों ने मंदिर परिसर में विराजमान अन्य सभी देवी और देवताओं के मंदिरों में पहुंचकर शीश झुकाया। त्रिकोण मार्ग भी श्रद्घालुओं से पटे रहे। पहाड़ पर विराजमान माँ काली, माता अष्टभुजा के दर्शन और पूजन किए। सुरक्षा व्यवस्था के चाक-चौबंद इंतजाम किए गए।
विज्ञापन