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सेल्फ केयर टीम से होगी शिक्षामित्रों की मदद

Sat, 19 Sep 2020 11:48 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sat, 19 Sep 2020 11:48 PM IST
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Self-care team will help educators
मिर्जापुर। प्रदेश में शिक्षामित्रों का समायोजन वर्ष 2017 में निरस्त होने के बाद शिक्षामित्रों को अपने भविष्य की चिंता सताने लगी। सामूहिक बीमा और चिकित्सा सुविधाओं से वंचित परिषदीय विद्यालयों में कार्यरत शिक्षामित्रों ने इसके लिए शिक्षामित्र सेल्फ केयर टीम का गठन किया है।
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जिले में इसके लिए शिक्षामित्रकेयरडाटइन वेबसाइट लांच की गई है। इसी के माध्यम से शिक्षामित्रों ने टीम से जुड़ना शुरू कर दिया है। इस पहल का मकसद यह है कि यदि किसी शिक्षामित्र की असामयिक मृत्यु हो जाती है तो उसके बेसहारा परिवार को आर्थिक मदद की जा सके। इस पहल की शुरुआत मिर्जापुर जिले के पहाड़ी विकास खंड में कार्यरत एवं आदर्श शिक्षा मित्र वेलफेयर एसोसिएशन में प्रदेश संगठन मंत्री रहे शिक्षामित्र विमलेश कुमार अग्रहरि एवं आदर्श शिक्षा मित्र वेलफेयर एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष रहे सिटी विकास खंड में कार्य शिक्षा मित्र विनोद कुमार सरोज ने संयुक्त रूप से की है। विमलेश कुमार का कहना है कि प्रदेश के सभी जिलों में कार्यरत लगभग एक लाख 70 हजार शिक्षामित्र एवं शिक्षामित्र पद से सहायक अध्यापक पद पर चयनित हुए भाई बहन हैं। यदि इनमें से एक लाख लोग भी इस टीम से जुड़ जाते हैं और किसी भी शिक्षामित्र की असामयिक निधन होने पर उसके मृत्यु के उपरांत परिवार आर्थिक रूप से परेशान व बेसहारा हो जाता है। विद्यालय में समान कार्य करने वाले शिक्षामित्रों को महज 10 हजार का अल्प मानदेय दिया जा रहा है। इससे उनके पारिवारिक दायित्वों की पूर्ति नहीं हो पा रही है।
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दो हजार शिक्षामित्रों की हो चुकी है मौत, नहीं मिली कोई सहायता
मिर्जापुर। टीम बनाने वाले विमलेश अग्रहरि व विनोद कुमार सरोज का कहना है कि प्रदेश में समायोजन निरस्त होने के बाद से अब तक लगभग दो हजार के आसपास शिक्षामित्रो की मृत्यु हो चुकी है। लेकिन सरकार की तरफ से शिक्षामित्रो के बेसहारा परिवारों को किसी प्रकार की आर्थिक सहायता उपलब्ध नहीं कराई जा सकी है। शिक्षामित्रों को न तो किसी प्रकार की बीमा की सुविधा है और ना ही चिकित्सा सुविधा उपलब्ध है। इससे उनके आश्रितों के सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
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टेलीग्राम ग्रुप से जुड़ रहे हैं सदस्य
मिर्जापुर। विनोद कुमार सरोज ने बताया कि टेलीग्राम ग्रुप बनाकर लोगों को जोड़ना शुरू किया है। ग्रुप में जुड़ने के बाद गूगल फार्म के माध्यम से शिक्षामित्रों को एक शपथ पत्र भरकर टीम का सदस्य बना दिया जाता है। गूगल फॉर्म की शपथ पत्र के माध्यम से यह सुनिश्चित करना होता है कि दिन के किसी भी सदस्य के आकस्मिक मृत्यु पर टीम के सभी सदस्यों द्वारा उस परिवार को निर्धारित न्यूनतम सहयोग अवश्य करना होगा। शिक्षामित्र द्वारा इस गूगल फॉरम में अपना और अपने परिवार की जानकारी भी देना होता है। ताकि अपरिहार्य स्थिति में उनके परिवार से भी संपर्क किया जा सके।
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