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Mirzapur News: स्थानांतरण के बाद भी पुराने क्लस्टर में जमे सचिव, नौ लाख से अधिक का भुगतान
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- डीपीआरओ ने सात अक्तूबर को किया था दोनों सचिवों का तबादला, 10 दिन बाद भी नहीं संभाला नया क्लस्टर
संवाद न्यूज एजेंसी
मड़िहान। पटेहरा कला ब्लॉक में ट्रांसफर के आदेश के 10 दिन बाद भी दो ग्राम विकास अधिकारी अपने पुराने क्लस्टर में बने हुए हैं। इस दौरान एक सचिव की ओर से तीन ग्राम पंचायतों में 9,09,209 रुपये का भुगतान किए जाने का मामला सामने आया है। भुगतान में कार्यस्थल से मेल नहीं खाने वाली तस्वीरें अपलोड होने का भी आरोप है।
जिला पंचायत राज अधिकारी राम उदय यादव ने सात अक्तूबर को आदेश जारी कर हिनौता क्लस्टर के ग्राम विकास अधिकारी प्रदीप कुमार और गढ़वा क्लस्टर के ग्राम विकास अधिकारी विनोद कुमार का एक-दूसरे के क्लस्टर में स्थानांतरण किया था। प्रदीप कुमार को गढ़वा क्लस्टर के गढ़वा, पड़रिया खुर्द, पटेहरा खुर्द और सेरुआ का प्रभार लेना था। वहीं, विनोद कुमार को हिनौता क्लस्टर के हसरा, हिनौता, खंतरा, कुसमहा और रजौहा का प्रभार सौंपा जाना था। आदेश जारी होने के 10 दिन बाद भी दोनों सचिव अपने पुराने क्लस्टर में बने हुए हैं।
शासनादेश के अनुसार, ट्रांसफर के तीन दिन में अधिकारी या कर्मचारी को प्रभार छोड़ना अनिवार्य है। इसके बावजूद दोनों सचिवों के पुराने क्लस्टर में बने रहने पर सवाल उठ रहे हैं।
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इनसेट
तीन ग्राम पंचायतों में 9.09 लाख रुपये का भुगतान
हिनौता क्लस्टर के सचिव प्रदीप कुमार की ओर से स्थानांतरण आदेश के बाद भी ग्राम पंचायत हसरा में 12 अक्तूबर को हैंडपंप मरम्मत, टैंकर मरम्मत, सबमर्सिबल मरम्मत, स्टेशनरी और बैनर-पोस्टर आदि के नाम पर 4,76,125 रुपये का भुगतान किया गया। ग्राम पंचायत हिनौता में 13 अक्तूबर को 1,57,453 रुपये और ग्राम पंचायत कुसमहा में नौ अक्तूबर को 1,75,631 रुपये का भुगतान कराया गया।
तीनों पंचायतों में कुल 9,09,209 रुपये का खर्च विकास कार्यों, पंचायत सहायक, केयरटेकर, हैंडपंप और सबमर्सिबल मरम्मत, हैंडपंप सामग्री, मरम्मत की मजदूरी, टैंकर मरम्मत, बैनर-पोस्टर और वाईफाई भुगतान आदि मदों में दिखाया गया है।
भुगतान में अपलोड तस्वीरों पर सवाल
मड़िहान। भुगतान के साथ अपलोड की गई कार्यस्थल की तस्वीरों को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। खबर के अनुसार, ग्राम पंचायतों में सबमर्सिबल मरम्मत के भुगतान के साथ सड़क की तस्वीर अपलोड की गई है, जबकि हैंडपंप मरम्मत के भुगतान में खेल के मैदान की तस्वीर लगाई गई है। कई कार्यों की तस्वीरें साइट पर अपलोड नहीं होने की बात भी कही गई है। कार्यस्थल से मेल नहीं खाने वाली तस्वीरों के बावजूद प्रधान, सचिव और एडीओ पंचायत के तीनों डोंगल से भुगतान कैसे स्वीकृत हुआ।
वर्जन
ग्राम पंचायतों के विकास के लिए आए धन के खर्च की जानकारी एडीओ पंचायत ही दे सकेंगे। इस संबंध में उनसे बातचीत की जाएगी।
सिद्धार्थ मिश्रा,खंड विकास अधिकारी
दोनों सचिवों को उच्चाधिकारी के आदेश से दो बार अवगत कराया जा चुका है। फिर से आदेश तैयार किया जा रहा है। चार्ज अभी तक नहीं छोड़े जाने और वित्तीय अधिकार उनके पास होने के कारण भुगतान किया गया।
धर्मेंद्र दुबे,एडीओ पंचायत
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संवाद न्यूज एजेंसी
मड़िहान। पटेहरा कला ब्लॉक में ट्रांसफर के आदेश के 10 दिन बाद भी दो ग्राम विकास अधिकारी अपने पुराने क्लस्टर में बने हुए हैं। इस दौरान एक सचिव की ओर से तीन ग्राम पंचायतों में 9,09,209 रुपये का भुगतान किए जाने का मामला सामने आया है। भुगतान में कार्यस्थल से मेल नहीं खाने वाली तस्वीरें अपलोड होने का भी आरोप है।
जिला पंचायत राज अधिकारी राम उदय यादव ने सात अक्तूबर को आदेश जारी कर हिनौता क्लस्टर के ग्राम विकास अधिकारी प्रदीप कुमार और गढ़वा क्लस्टर के ग्राम विकास अधिकारी विनोद कुमार का एक-दूसरे के क्लस्टर में स्थानांतरण किया था। प्रदीप कुमार को गढ़वा क्लस्टर के गढ़वा, पड़रिया खुर्द, पटेहरा खुर्द और सेरुआ का प्रभार लेना था। वहीं, विनोद कुमार को हिनौता क्लस्टर के हसरा, हिनौता, खंतरा, कुसमहा और रजौहा का प्रभार सौंपा जाना था। आदेश जारी होने के 10 दिन बाद भी दोनों सचिव अपने पुराने क्लस्टर में बने हुए हैं।
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शासनादेश के अनुसार, ट्रांसफर के तीन दिन में अधिकारी या कर्मचारी को प्रभार छोड़ना अनिवार्य है। इसके बावजूद दोनों सचिवों के पुराने क्लस्टर में बने रहने पर सवाल उठ रहे हैं।
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इनसेट
तीन ग्राम पंचायतों में 9.09 लाख रुपये का भुगतान
हिनौता क्लस्टर के सचिव प्रदीप कुमार की ओर से स्थानांतरण आदेश के बाद भी ग्राम पंचायत हसरा में 12 अक्तूबर को हैंडपंप मरम्मत, टैंकर मरम्मत, सबमर्सिबल मरम्मत, स्टेशनरी और बैनर-पोस्टर आदि के नाम पर 4,76,125 रुपये का भुगतान किया गया। ग्राम पंचायत हिनौता में 13 अक्तूबर को 1,57,453 रुपये और ग्राम पंचायत कुसमहा में नौ अक्तूबर को 1,75,631 रुपये का भुगतान कराया गया।
तीनों पंचायतों में कुल 9,09,209 रुपये का खर्च विकास कार्यों, पंचायत सहायक, केयरटेकर, हैंडपंप और सबमर्सिबल मरम्मत, हैंडपंप सामग्री, मरम्मत की मजदूरी, टैंकर मरम्मत, बैनर-पोस्टर और वाईफाई भुगतान आदि मदों में दिखाया गया है।
भुगतान में अपलोड तस्वीरों पर सवाल
मड़िहान। भुगतान के साथ अपलोड की गई कार्यस्थल की तस्वीरों को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। खबर के अनुसार, ग्राम पंचायतों में सबमर्सिबल मरम्मत के भुगतान के साथ सड़क की तस्वीर अपलोड की गई है, जबकि हैंडपंप मरम्मत के भुगतान में खेल के मैदान की तस्वीर लगाई गई है। कई कार्यों की तस्वीरें साइट पर अपलोड नहीं होने की बात भी कही गई है। कार्यस्थल से मेल नहीं खाने वाली तस्वीरों के बावजूद प्रधान, सचिव और एडीओ पंचायत के तीनों डोंगल से भुगतान कैसे स्वीकृत हुआ।
वर्जन
ग्राम पंचायतों के विकास के लिए आए धन के खर्च की जानकारी एडीओ पंचायत ही दे सकेंगे। इस संबंध में उनसे बातचीत की जाएगी।
सिद्धार्थ मिश्रा,खंड विकास अधिकारी
दोनों सचिवों को उच्चाधिकारी के आदेश से दो बार अवगत कराया जा चुका है। फिर से आदेश तैयार किया जा रहा है। चार्ज अभी तक नहीं छोड़े जाने और वित्तीय अधिकार उनके पास होने के कारण भुगतान किया गया।
धर्मेंद्र दुबे,एडीओ पंचायत